सिनेमा और वेब सीरीज में अक्सर पुराने गानों को नए संदर्भ में इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन कई बार यह बदलाव सिर्फ स्टाइल का नहीं बल्कि एहसास का भी होता है. कुछ गाने जो अकेले सुनने पर सुकून देते हैं, जब उन्हें डरावने सीन के साथ जोड़ दिया जाता है तो वही धुन रूह कंपा देती है. यही वजह है कि फिल्ममेकर्स हॉरर जॉनर में पुराने, मासूम गानों का इस्तेमाल करना बेहद असरदार मानते हैं. ऐसा ही एक गाना है, जो कभी दुनिया का सबसे प्यारा गाना कहा जाता था, लेकिन वक्त के साथ-साथ यह सबसे डरावने गानों की लिस्ट में शामिल हो गया.
1926 में लिखा गया था गाना
यह गाना साल 1926 में लिखा गया था. इसके बोल बिली रोज ने और संगीत ली डेविड ने तैयार किया था. शुरुआत में इसे इरविंग कौफमैन ने रिकॉर्ड किया, लेकिन 1927 में जिन ऑस्टिन की आवाज ने इसे जबरदस्त लोकप्रियता दिलाई. अगले कई दशकों तक यह गाना रोमांस और मासूमियत की पहचान बना रहा. 1950 के दशक में फ्रेंकी लेन और फिर पैशन एंड प्रूडेंस के वर्जन ने इसे चार्टबस्टर बना दिया. 1970 और 80 के दशक में भी अलग-अलग कलाकारों ने इसे नए अंदाज में पेश किया, लेकिन गाने की रूह कभी खत्म नहीं हुई.
आज भी लोकप्रिय है गाना
हालांकि, असली मोड़ तब आया जब इस गाने को हॉरर फिल्मों और डरावने दृश्यों में इस्तेमाल किया जाने लगा. मीठे बोल, धीमी धुन और डरावने विजुअल्स का मेल इतना प्रभावशाली साबित हुआ कि दर्शकों के लिए इस गाने का मतलब ही बदल गया. जो धुन पहले प्यार का एहसास कराती थी, वही अब बेचैनी और डर पैदा करने लगी. आज भी यह गाना सोशल मीडिया और यूट्यूब पर उतना ही लोकप्रिय है. इसके क्लासिक वर्जन लाखों बार देखे जा चुके हैं और नए दर्शक भी इसे खोज-खोजकर सुन रहे हैं. दिलचस्प बात यह है कि हॉरर के साथ जुड़ने के बावजूद, लोग इसे अब भी रिंगटोन और कॉलर ट्यून के तौर पर इस्तेमाल करते हैं.
करीब एक सदी पुराना यह गाना इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है कि संगीत का असली जादू उसकी धुन में नहीं, बल्कि उस संदर्भ में होता है, जिसमें उसे पेश किया जाता है. वक्त बदला, सिनेमा बदला, लेकिन यह गाना आज भी उतना ही असरदार है- बस उसका एहसास बदल चुका है.