Cannes Film Festival 2026: कान फिल्म फेस्टिवल, दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित फिल्मी मेला है, जहां हर साल मई के महीने में फ्रांस के सुंदर शहर कान में सिनेमा का उत्सव मनाया जाता है. रेड कारपेट, चमचमाती लाइटें, हॉलीवुड और बॉलीवुड स्टार्स, और फिल्मों की दुनिया का शानदार माहौल. लेकिन पिछले कुछ सालों से यहां एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है, यहां रेड कारपेट पर ऐसे एक्टर भी नजर आने लगे हैं जिनकी ना तो कोई फिल्म आई है, ना ही कोई ग्लोबल पहचान है. इसमें स्मॉल टाइम एक्टर से लेकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और कंटेंट क्रिएटर्स तक शामिल हैं. जिनकी कोई फिल्म वहां स्क्रीन नहीं हो रही, वे भी रेड कार्पेट पर चमक रहे हैं. आइए जानते हैं इसकी पूरी कहानी- कैसे पैसा, ब्रांड्स, नेटवर्किंग और स्मार्ट हसल इनफ्लुएंसर्स' को वहां पहुंचा देते हैं.
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2025 के कान फिल्म फेस्टिवल की बात करें तो ना सिर्फ ऐश्वर्या राय बच्चन और आदिति राव हैदरी जैसे बड़े स्टार्स लॉरियल के ब्रांड एंबेसडर बनकर पहुंचे, बल्कि नैंसी त्यागी, कुशा कपिला, डॉली सिंह, मासूम मिनावाला, साक्षी सिंधवानी, पारुल गुलाटी और अनुष्का सेन जैसे इन्फ्लुएंसर्स ने भी सुर्खियां बटोरीं. नैंसी त्यागी ने खुद सिली हुई गाउन पहनकर इतिहास रचा, लेकिन सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई- क्या कान अब फिल्मों का त्योहार है या इन्फ्लुएंसर्स का क्लाउट चेजिंग प्लेटफॉर्म?
ब्रांड्स का खेल, सबसे आसान रास्ता
भारतीय अभिनेताओं और इन्फ्लुएंसर्स के लिए कान पहुंचने का सबसे बड़ा और सम्मानजनक तरीका ब्रांड पार्टनरशिप है. लॉरियल पेरिस, डियोर, ग्रे गूस, बीएमडब्ल्यू, मैगनम और मास्टरकार्ड जैसे ग्लोबल ब्रांड्स कान के ऑफिशियल पार्टनर्स हैं. ये ब्रांड्स अपने एंबेसडर्स को स्पॉन्सर करते हैं- फ्लाइट, होटल, स्टाइलिस्ट, मेकअप, और रेड कार्पेट एक्सेस सब कुछ.
ऐश्वर्या राय बच्चन लंबे समय से लॉरियल की चेहरा हैं. दीपिका पादुकोण, प्रियंका चोपड़ा, सोनम कपूर, सबकी कहानी यही है. उनके पास कोई नई फिल्म स्क्रीन नहीं हो रही होती, फिर भी वे हर साल कान जाती हैं. छोटे एक्टर्स के लिए भी यही फॉर्मूला काम करता है. अगर किसी नए एक्टर या इन्फ्लुएंसर के पास अच्छी फॉलोइंग है और ब्रांड उसे साइन कर ले, तो रास्ता खुल जाता है. 2025 में कई इन्फ्लुएंसर्स ब्रूट इंडिया के साथ ब्रूट इंडियन स्क्वाड बनाकर कान पहुंचे. ब्रूट ने उन्हें एक्सेस दिलाया, ब्रांड ने खर्चा उठाया, और क्रिएटर्स ने कंटेंट बनाया. इसमें क्रिएटर्स नैंसी त्यागी, आयुष मेहरा, नमिता थापर, विराज गेहलानी, आरजे करिश्मा, अंकुश बहुगुणा, संज्योत कीर, राज शमानी, विष्णु कौशल, शरण हेगड़े, आस्था शाह और सिंगर शामिल थे.
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रेड कारपेट वॉक का बजट
बताया जाता है कि रेड कारपेट पर एक बार वॉक करने का 'टिकट' 30 लाख रुपये तक हो सकता है. लेकिन एजेंसियां बल्क डील करके इसे 10-12 लाख तक ले आती हैं. इन्फ्लुएंसर खुद पैसे लगाते हैं या ब्रांड को-स्पॉन्सर बनते हैं.
इंस्टाग्राम कंटेंट क्रिएटर और फिटनेस इन्फ्लुएंसर अनुप्रिया कपूर ने 2025 में कान फिल्म फेस्टिवल में रेड कारपेट पर चलने के लिए पैकेज डील वाले खुलासे के बाद सुर्खियां बटोरी थीं. अनुप्रिया कपूर ने खुलासा किया था कि 8 से 12 लाख के कान पैकेज उपलब्ध हैं, जिसमें वीआईपी ट्रांसपोर्ट, रेड कार्पेट इनवाइट, प्रोफेशनल फोटो-वीडियो और फोर्ब्स पार्टी एक्सेस शामिल होता है.
मार्शे डू फिल्म और एक्रेडिटेशन: पैसे से सब संभव
कान सिर्फ फिल्म स्क्रीनिंग का नहीं, बल्कि बिजनेस का भी मेला है. मार्शे डू फिल्म (फिल्म मार्केट) में प्रोफेशनल्स के लिए एक्रेडिटेशन मिलता है. ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, स्टैंडर्ड मार्चे बैज की कीमत अर्ली बर्ड में करीब 459 यूरो (लगभग 42,000 रुपये), नॉर्मल पीरियड में 529 यूरो और लेट में 629 यूरो तक होती है. प्लैटिनम बैज 3999 यूरो का है. इसके अलावा 20 यूरो का एनवायरनमेंटल कंट्रीब्यूशन अनिवार्य है.
एक्टर या इंडिपेंडेंट फिल्ममेकर इस बैज से मार्केट में नेटवर्किंग करते हैं, स्क्रीनिंग देखते हैं और कनेक्शन्स बनाते हैं. लेकिन इन्फ्लुएंसर्स के लिए यह ‘रेड कार्पेट पैकेज' का हिस्सा बन जाता है. कई एजेंसियां कान के लोकल पार्टनर्स से डील करके पैकेज बेचती हैं- रेड कार्पेट वॉक, फोटोशूट और पार्टी एक्सेस. असली फिल्म प्रोफेशनल्स के लिए एक्रेडिटेशन फ्री या कम खर्च का होता है, लेकिन ग्लैमर के लिए पैसे चुकाने पड़ते हैं.
नेटवर्किंग, पीआर और सेल्फ-फंडिंग का खेल
कई छोटे अभिनेता बिना ब्रांड के भी पहुंच जाते हैं. कैसे?
पीआर एजेंसियां: भारत से पीआर टीम्स कान में डेलिगेशन ले जाती हैं. वे छोटे कलाकारों को गेस्ट इनवाइट दिलवाती हैं या साइड इवेंट्स में शामिल कराती हैं.
शॉर्ट फिल्म्स या मार्केट स्क्रीनिंग: कोई छोटी फिल्म या वेब सीरीज मार्केट में दिखाई जाती है, तो कलाकार वहां जाते हैं.
सेल्फ-फंडिंग: कुछ इन्फ्लुएंसर्स अपना पैसा लगाते हैं. कान का एक दिन का खर्च (होटल, फूड, ट्रांसपोर्ट) 5-7 लाख तक आसानी से हो जाता है. लेकिन रिटर्न? सोशल मीडिया पर वायरल फोटोज, फॉलोअर्स बढ़ना, नए ब्रांड डील्स और ‘इंटरनेशनल सेलिब्रिटी' का टैग.
उर्वशी रौतेला को जब रेड कारपेट से हटाया गया
कान फिल्म फेस्टिवल 2025 के दौरान, एक्ट्रेस और इन्फ्लुएंसर उर्वशी रौतेला के साथ रेड कारपेट पर ऐसी घटना हुई जिसने सुर्खियां बटोरीं. एक वीडियो सामने आया था जिसमें इवेंट के आयोजकों ने उन्हें रेड कारपेट से हटने के लिए कहा था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उर्वशी रेड कारपेट पर तय समय से ज्यादा समय तक रुककर पोज दे रही थीं.
कान फिल्म फेस्टिवल अब सिर्फ सिनेमा का नहीं, बल्कि ग्लोबल ब्रांडिंग, सोशल मीडिया और बिजनेस का मिक्स है. कम पहचाने जाने वाले भारतीय एक्टर और इन्फ्लुएंसर्स इस बदलाव का फायदा उठा रहे हैं. पैसा, स्मार्ट नेटवर्किंग और क्रिएटिविटी से वे रेड कारपेट पर कदम रख रहे हैं.