पहली बार इस गाने में दिखे थे अमिताभ, रेखा ओर जया, जो 45 साल पहले बना 1981 का सबसे सुपरहिट सॉन्ग, हरिवंश राय बच्चन ने लिखे थे बोल

45 साल बाद भी इस गाने का जादू बरकरार है. जानिए कैसे हरिवंश राय बच्चन के लिखे इस गीत ने होली का सबसे बड़ा एंथम बनने के साथ अमिताभ, रेखा और जया की चर्चित कहानी को भी हमेशा के लिए अमर कर दिया.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
45 साल बाद भी नहीं उतरा अमिताभ-रेखा-जया की इस फिल्म का जादू

होली के रंग हर साल बदल जाते हैं, लेकिन एक गाने का जादू पिछले 45 साल से बिल्कुल नहीं बदला. जैसे ही इसकी धुन बजती है, लोगों के कदम अपने आप थिरकने लगते हैं और पूरा माहौल रंगों के साथ यादों में भी डूब जाता है. दिलचस्प बात ये है कि इस एक गाने ने सिर्फ होली का सबसे बड़ा एंथम बनने का रिकॉर्ड ही नहीं बनाया, बल्कि बॉलीवुड की सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहने वाली लव स्टोरी की यादें भी ताजा कर दीं. फिल्म में अमिताभ बच्चन, रेखा और जया भादुड़ी पहली और आखिरी बार ऐसे साथ नजर आए कि पर्दे के बाहर भी चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया.

अगर आप अब तक नहीं समझ पाए हैं कि हम किस गाने की बात कर रहे हैं तो आपको बता दे कि ये कोई और नहीं बल्कि बॉलीवुड का वन ऑफ द मोस्ट आईकॉनिक होली सॉन्ग 'रंग बरसे भीगे चुनरवाली' है जो आज भी लोगों के दिलों पर उसी तरह राज करता है.

जब एक गाने ने मचा दिया था तहलका

1981 में रिलीज हुई सिलसिला उस दौर की सबसे चर्चित फिल्मों में गिनी जाती है. हालांकि फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर औसत प्रदर्शन किया, लेकिन इसका होली का गाना 'रंग बरसे भीगे चुनरवाली' फिल्म से भी बड़ा सुपरहिट साबित हुआ. आज भी होली का त्योहार इस गाने के बिना अधूरा लगता है. चाहे कॉलोनी की होली हो, दोस्तों की पार्टी हो या बड़े-बड़े इवेंट, ये गाना बजते ही माहौल पूरी तरह रंगीन हो जाता है.

हरिवंश राय बच्चन की कलम का कमाल

इस गाने की सबसे बड़ी खासियत सिर्फ अमिताभ बच्चन की आवाज नहीं, बल्कि इसके बोल भी हैं. बहुत कम लोग जानते हैं कि इस गीत को किसी फिल्मी गीतकार ने नहीं, बल्कि अमिताभ बच्चन के पिता और जाने माने कवि हरिवंश राय बच्चन ने लिखा था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये गीत उत्तर प्रदेश की पारंपरिक होरी से प्रेरित था. शिव-हरी के संगीत और अमिताभ की आवाज ने इस गीत को ऐसा रंग दिया कि ये हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार होली गीतों में शामिल हो गया.

Advertisement

जिस सीन पर थम गई निगाहें

कहते हैं कैमरा कभी-कभी वो भी कैद कर लेता है, जिसे लोग सिर्फ महसूस करते हैं. इस होली सीन के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. उस दौर में अमिताभ बच्चन और रेखा के रिश्ते को लेकर गॉसिप मैगजीनों से लेकर फिल्मी गलियारों तक खूब चर्चाएं थीं. ऐसे में जब पर्दे पर अमिताभ बेफिक्र होकर रेखा को रंग लगाते दिखे और जया भादुड़ी कुछ कदम दूर खामोशी से सब देखती नजर आईं, तो दर्शकों की नजरें कहानी से हटकर तीनों सितारों पर टिक गईं.

फिल्म खत्म होने के बाद भी लोग थिएटर से गाने की धुन नहीं, बल्कि इसी सीन की चर्चा अपने साथ लेकर निकले. किसी ने इसे कमाल की एक्टिंग कहा, तो किसी ने रील लाइफ में रियल लाइफ की झलक. हालांकि अमिताभ, रेखा और जया ने इन चर्चाओं पर कभी खुलकर मुहर नहीं लगाई, लेकिन इस एक सीन ने उन्हें हमेशा के लिए बॉलीवुड के सबसे चर्चित ऑनस्क्रीन पलों में शामिल कर दिया.

Advertisement

45 साल बाद भी क्यों नहीं उतरा इसका खुमार

चार दशक से ज्यादा का समय बीत चुका है. इस दौरान होली पर सैकड़ों नए गाने रिलीज हुए, लेकिन 'रंग बरसे भीगे चुनरवाली' की पॉपुलैरिटी में कोई कमी नहीं आई. हर साल होली आते ही ये गाना फिर से ट्रेंड करने लगता है और नई पीढ़ी भी इसे उतनी ही खुशी से सुनती है, जितनी पुरानी पीढ़ी. शायद यही वजह है कि 45 साल बाद भी इस गाने का नशा लोगों के सिर चढ़कर बोलता है.

यह भी पढ़ें: किशोर कुमार की मनमौजी आदतों से होकर परेशान, एसडी बर्मन ने मुकेश से गवाया था ये गाना, बना सुपरहिट पंचम दा को पड़ा पछताना

Featured Video Of The Day
BJP के सबसे मजबूत किले में क्यों उतरे PK? खुद लड़ेंगे चुनाव
Topics mentioned in this article
Amitabh Bachchan
Rekha
Jaya Bachchan