'गला घोंट दिया यूनिवर्सिटी', बॉलीवुड से आया कमेंट, AI समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के रोबोट के बाद ड्रोन भी निकला फर्जी

गलगोटिया यूनिवर्सिटी AI इम्पैक्ट समिट 2026 में अपने एआई से जुड़े पूरे लाव-लश्कर के साथ पहुंची. लेकिन वहां विदेशी प्रोडक्ट्स को अपनी इन्वेंशन बताने पर जमकर फजीहत हुई और अब तो बॉलीवुड से भी रिएक्शन आने लगे हैं.

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गलगोटिया यूनिवर्सिटी के AI प्रोडक्ट्स बने मजाक
नई दिल्ली:

दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट 2026 (AI Impact Summit 2026) सुर्खियों में हैं. यहां भारत भी अपनी एआई पावर दिखा रहा है. साथ ही दूसरे देशों की नई तकनीक भी नुमाया हो रही है. इस आयोजन में उस समय हलचल मच गई जब गलगोटिया यूनिवर्सिटी (Galgotias University) के स्टॉल पर पेश किए गए रोबोट डॉग और ड्रोन को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे. यूनिवर्सिटी ने दावा किया था कि उसने 350 करोड़ रुपये के निवेश से अपना AI इकोसिस्टम तैयार किया गया है. और, उसी से ये रोबोट बनाए गए हैं. लेकिन सोशल मीडिया पर ऐसे बहुत से दावे हुए कि ये चीन में तैयार टेक्नॉलॉजी का नमूना है. इस मुद्दे पर बॉलीवुड के लेखक और गीतकार स्वानंद किरकिरे ने भी दिलचस्प ट्वीट किया है. यही नहीं एक्टर रणवीर शौरी ने भी गलगोटिया यूनिवर्सिटी को लेकर मजेदार ट्वीट किया है.

किरकिरे ने की गलगोटिया यूनिवर्सिटी की किरकिरी

इस कॉन्ट्रोवर्सी के बीच गीतकार और एक्टर स्वानंद किरकिरे की एक टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई. उन्होंने मजेदार अंदाज में पोस्ट किया, 'गला घोंट दिया यूनिवर्सिटी!' गलगोटिया यूनिवर्सिटी को उन्होंने लिखा गला घोंट दिया यूनिवर्सिटी. उनका ये पोस्ट देखते ही देखते वायरल हुआ. और, यूजर्स ने भी मजेदार कमेंट शुरू कर दिए. एक यूजर ने लिखा कि यूनिवर्सिटी से सिंगल हेंडेडली सब बरबाद कर दिया. एक यूजर ने लाफिंग इमोजीस के साथ लिखा कि चारों तरफ किरकिरी हो रही है.

रणवीर शौरी ने भी बनाया गलगोटिया यूनिवर्सिटी का मजाक

बॉलीवुड एक्टर रणवीर शौरी ने इस पर चुटकी लेते हुए एक्स पर लिखा, 'चीन दशकों से अमेरिकी तकनीक को अपनी बताकर बेच रहा है, है ना? तो क्या हुआ अगर एक छोटा सा धातु का कुत्ता गोद ले लिया गया.' उनकी इस पोस्ट पर खूब रिएक्शन आ रहे हैं. 

इन हाउस क्रिएशन पर उठे सवाल

समिट के दौरान यूनिवर्सिटी की ओर से ORION नाम का रोबोट डॉग और एक ड्रोन मॉडल पेश किया गया. प्रस्तुति में इन्हें संस्थान का इन हाउस क्रिएशन बताया गया. कार्यक्रम के वीडियो क्लिप्स और मीडिया कवरेज सामने आने के बाद तकनीकी जानकारों ने दावा किया कि रोबोट डॉग बाजार में उपलब्ध एक विदेशी मॉडल से मिलता जुलता है.

इसके अलावा ड्रोन भी पहले से मौजूद एक ड्रोन की नकल ही लग रहा है. गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने दावा किया कि उन्होंने कैंपस में भारत का पहला ड्रोन सॉकर बिल्कुल शुरू से बनाया है, लेकिन असल में यह कोरिया का स्ट्राइकर V3 ARF है. जिसकी कीमत 453 डॉलर (लगभग 41 हजार रुपये) बताई जा रही है. 

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