फिल्म लाइन में किसकी किस्मत कब चमक जाए कुछ नहीं कहा जा सकता. ना जाने कितने कलाकार करियर फ्लॉप होने की वजह से फिल्म इंडस्ट्री छोड़कर चले गए, लेकिन कुछ ऐसे भी एक्टर हैं, जिनकी कई फ्लॉप होने के बाद भी किस्मत ने साथ नहीं छोड़ा. ऐसा ही एक सुपरस्टार है, जिसने करियर के शुरुआत में फ्लॉप फिल्मों की झड़ी लगा दी थी और हालात यह हो गए थे कि इस एक्टर ने सब कुछ छोड़ छाड़ के घर जाने के लिए अपना बोरिया-बिस्तर पैक कर लिया था. फिर इस सुपरस्टार की किस्मत ने ऐसी पलटी मारी कि आज हिंदी सिनेमा इस स्टार के नाम से पहचाना जाता है.
11 बैक टू बैक फ्लॉप ने तोड़ा आत्मविश्वास
और यह सुपरस्टार कोई और नहीं बल्कि सदी के महानायक अमिताभ बच्चन हैं, जो आज भी बॉलीवुड में जमे हुए हैं. बिग बी ने फिल्म सात हिंदुस्तानी से फिल्मी दुनिया में कदम रखा था, लेकिन डेब्यू कुछ खास नहीं रहा. साल 1971 में रिलीज हुई फिल्म आनंद से थोड़ा फेम मिला और लोगों का पता चला कि अमिताभ नाम का भी कोई एक्टर है. आनंद को लोग राजेश खन्ना की वजह से देखने गए थे. इस फिल्म से उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का फिल्मफेयर अवार्ड मिला था, लेकिन इसके बावजूद इनकी लगातार 11 फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फेल हुईं. फिर 70 के दशक में ही फिल्म जंजीर ने बिग बी को वो नाम दिया, जिसका उन्हें इंतजार था. फिल्म में एक एंग्री यंग मैन पुलिस वाले किरदार ने बिग बी को रातों-रात सुपरस्टार बना दिया था.
सड़क पर आ गए थे बिग बी
जंजीर की कहानी सलीम-जावेद ने लिखी थी और कई एक्टर्स के इस फिल्म को ठुकराने के बाद अमिताभ को इसमें लिया गया था. जंजीर अमिताभ बच्चन के करियर की पहली ब्लॉकबस्टर फिल्म है. इसके बाद तो दीवार, त्रिशूल, काला पत्थर, नमक हराम, रोटी कपड़ा और मकान, शोले ने बिग बी को ए लिस्टेड स्टार्स की लाइन में खड़ा कर दिया. साल 1988 में रिलीज हुई फिल्म शहंशाह से अमिताभ का सक्सेस ग्राफ नीचे गिरने लगा और 90 के दशक में बिग का करियर गर्त में जा चुका था.
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इसी दौरान बिग बी ने पांच साल का ब्रेक लिया और फिल्म प्रोडक्शन में हाथ आजमाया और इतने कर्ज में डूब गए कि दिवालिया हो गए. 1998 में गोविंदा के साथ फिल्म बड़े मियां छोटे मियां से कमबैक किया. इसके दो साल बाद उन्हें शाहरुख खान की स्टारर फिल्म मोहब्बतें में अहम रोल मिला और फिर कभी उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा.