एल्विश यादव को सुप्रीम कोर्ट से राहत, सांप के जहर मामले में चल रहा केस खत्म

एल्विश यादव की तरफ से पेश वकील ने दलील दी कि वे गायक फाजिलपुरिया के वीडियो में गेस्ट के तौर पर पार्टी में गए थे. वहां रेव पार्टी या नशीले पदार्थों के सेवन का कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला.

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एल्विश यादव को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत
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नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर एल्विश यादव को सांप के जहर से जुड़े मामले में बड़ी राहत प्रदान की है. कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्यवाही को पूरी तरह रद्द कर दिया. मशहूर यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी विजेता एल्विश यादव पर नवंबर 2023 में नोएडा में एक रेव पार्टी में सांप के जहर के कथित इस्तेमाल का आरोप लगा था. इसी आधार पर 17 मार्च 2024 को उन्हें गिरफ्तार किया गया था.

जस्टिस एम.एम.सुंदरेश और जस्टिस एन.कोटिस्वर सिंह की पीठ ने एल्विश की याचिका पर सुनवाई की, जिसमें उन्होंने चार्जशीट और चल रही आपराधिक प्रक्रिया को चुनौती दी थी. बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा कि शिकायत और एफआईआर कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं हैं. कोर्ट ने स्पष्ट किया, “शिकायत और एफआईआर कानून के अनुसार बरकरार नहीं रखी जा सकतीं. हम अन्य मुद्दों पर विचार नहीं करेंगे. कार्यवाही रद्द की जाती है.”

पिछले महीने की सुनवाई में कोर्ट ने एल्विश को सख्त नसीहत भी दी थी. बेंच ने कहा था कि मशहूर लोगों को सांप जैसे ‘बेजुबान' जीवों का इस्तेमाल करने की छूट मिलने से समाज में गलत संदेश जाता है. कोर्ट ने पूछा था कि क्या कोई चिड़ियाघर में जाकर जानवरों के साथ खेल सकता है? क्या यह अपराध नहीं होगा?

एल्विश की तरफ से पेश वकील ने दलील दी कि वे गायक फाजिलपुरिया के वीडियो में गेस्ट के तौर पर पार्टी में गए थे. वहां रेव पार्टी या नशीले पदार्थों के सेवन का कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला. साथ ही जांच में शामिल नौ सांपों में से किसी में भी जहर की ग्रंथियां नहीं पाई गईं. राज्य पक्ष ने दावा किया कि पुलिस ने पांच कोबरा सहित नौ सांप बचाए और रेव पार्टियों में जहर के इस्तेमाल का संकेत मिला.

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सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 6 अगस्त को निचली अदालत में चल रही कार्रवाई पर रोक लगा दी थी. आरोप पत्र में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, आईपीसी और एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप थे, जिसमें विदेशियों सहित लोगों द्वारा मनोरंजन के लिए सांप के जहर का सेवन शामिल था.

एल्विश के वकील ने तर्क दिया कि उनके पास से कोई सांप, नशीला पदार्थ या दवा बरामद नहीं हुई और न ही किसी सह-आरोपी से उनकी कोई सीधी कड़ी मिली. यह फैसला एल्विश यादव के लिए महत्वपूर्ण जीत है, क्योंकि कोर्ट ने केवल प्रक्रियागत आधार पर केस को खारिज किया है.

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