आज के दौर में जहां टीवी शोज सालों-साल चलते हैं और सैकड़ों एपिसोड पार कर जाते हैं, वहीं 80 के दशक में एक ऐसा धारावाहिक भी आया था जिसने सिर्फ 13 एपिसोड में अपनी कहानी पूरी कर दी और फिर भी दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ गया. इस शो का नाम था इंद्रधनुष. साल 1989 में दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ यह शो अपने समय से काफी आगे माना जाता है. IMDb पर आज भी इसकी 8.1 की शानदार रेटिंग है, जो इसकी लोकप्रियता को साबित करती है.
कहानी थी अलग और रोमांच से भरपूर
इस सीरियल की कहानी किशोर नाम के एक लड़के और उसके दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती है. ये सभी मिलकर एक खास तरह का कंप्यूटर सिस्टम तैयार करते हैं. इसी दौरान उनकी मुलाकात एंड्रोमेडा गैलेक्सी से आए एक रहस्यमयी एलियन प्रिंस से होती है. इसके बाद कहानी में टाइम ट्रैवल, साइंस और एडवेंचर का ऐसा मेल देखने को मिलता है, जो उस दौर के टीवी के लिए बिल्कुल नया था. हर एपिसोड में बच्चों के सामने नई चुनौतियां आती हैं, जिससे दर्शकों की दिलचस्पी लगातार बनी रहती है.
करण जौहर का पहला ऑन-स्क्रीन अनुभव
इस शो से जुड़ी एक खास बात यह भी है कि मशहूर फिल्ममेकर करण जौहर ने इसी सीरियल से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी. उस समय वह बच्चे थे और उन्होंने इसमें एक छोटा लेकिन यादगार किरदार निभाया. बाद में कई इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि कैमरे के सामने उनका पहला अनुभव इसी शो से जुड़ा था.
दमदार स्टारकास्ट ने बढ़ाया आकर्षण
‘इंद्रधनुष' में कई बड़े और प्रतिभाशाली कलाकार नजर आए थे. दिग्गज अभिनेता गिरीश कर्नाड भी इस शो का हिस्सा थे, जिन्होंने अपने अभिनय से इसे और मजबूत बनाया. इसके अलावा अक्षय आनंद ने भी अहम भूमिका निभाई, जो आगे चलकर टीवी इंडस्ट्री में एक जाना-पहचाना नाम बने. वहीं बॉलीवुड अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर की झलक भी इस सीरियल में देखने को मिली.
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कम एपिसोड होने के बावजूद ‘इंद्रधनुष' ने यह साबित कर दिया था कि अगर कहानी दमदार हो, तो लंबाई नहीं, असर मायने रखता है. आज भी यह शो भारतीय टीवी के सबसे अनोखे और यादगार टीवी शोज में गिना जाता है.