दिलजीत दोसांझ की सतलुज में हो सकते हें बदलाव, ZEE5 पर अब रिलीज होगा एडिटेड वर्जन!

सतलुज के कंटेंट की जांच के लिए एक अंतर-विभागीय समिति (IDC) बनाई गई है. यह समिति फिल्म के कंटेंट की जांच करेगी और फिर इस पर अपने सुझाव देगी.

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सतलुज में दिलजीस दोसांझ लीड रोल में नजर आ रहे हैं.
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नई दिल्ली:

केंद्र सरकार ने ‘‘सुरक्षा संबंधी चिंताओं'' और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियम 2021 के तहत दायित्वों का हवाला देते हुए ओटीटी प्लैटफॉर्म जी5 को दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज' को हटाने का निर्देश दिया था. सरकारी सूत्रों ने सोमवार (6 जुलाई) को यह जानकारी दी. यह फिल्म पंजाब में 1990 के दशक के अशांत दौर में मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है. ओटीटी कंटेंट केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के दायरे में नहीं आता और इसे सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के भाग-3 के प्रावधानों के तहत विनियमित किया जाता है.

सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि ‘सतलुज' के निर्माताओं ने 2022 में इसके वास्तविक शीर्षक ‘पंजाब 95' के तहत सीबीएफसी प्रमाणन के लिए आवेदन किया था, लेकिन उन्होंने सेंसर बोर्ड द्वारा सुझाए गए 127 ‘कट' को नहीं माना और इसकी रिलीज रोक दी. अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘उन्होंने सुझाए गए ‘कट' पर कोई फैसला नहीं लिया और आखिरकार फिल्म को एक नये शीर्षक के साथ चुपचाप ओटीटी पर रिलीज कर दिया. ओटीटी, सीबीएफसी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता. जब यह मामला सरकार के ध्यान में आया, तो जी5 से फिल्म को हटाने के लिए कहा गया.''

सतलुज 3 जुलाई को ओटीटी पर आई थी.

उन्होंने कहा, ‘‘सुरक्षा कारणों से यह निर्देश दिया गया था. मंच से मध्यवर्ती दिशा-निर्देश के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन करने के लिए कहा गया था. अगर वे फिल्म को थिएटर और ओटीटी पर रिलीज करना चाहते हैं, तो उन्हें तय नियमों का पालन करना चाहिए.'' हनी त्रेहान निर्देशित यह फिल्म खालरा की जिंदगी पर आधारित है, जिन्होंने 1984 से 1994 के बीच पंजाब में हजारों अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार किए जाने की पड़ताल की थी. 1995 में उनका अपहरण कर लिया गया था और उसके बाद वह कभी नहीं दिखे. ‘सतलुज' बिना किसी ‘कट' के जी5 पर रिलीज की गई, लेकिन रविवार शाम मंच ने दर्शकों को जानकारी देने के लिए एक बयान जारी किया कि अब यह फिल्म भारत में उपलब्ध नहीं है.

सतलुज फिल्म की जांच के लिए बनाई गई कमिटी

'सतलुज' फिल्म के कंटेंट की जांच के लिए अंतर-विभागीय समिति (IDC) बनाई गई है. यह पहले से मौजूद एक समिति है. समिति कंटेंट की जांच करेगी और फिर केंद्र को अपने सुझाव देगी. OTT या फिल्मों से जुड़े ऐसे सभी कंटेंट IDC को भेजे जाते हैं, जहां सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय के दखल के बाद कार्रवाई की जाती है. फिलहाल  Zee5 प्लेटफॉर्म ने सतलुज फिल्म को हटा लिया है.

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