बॉर्डर-2 रिलीज होने वाली है. फिल्म को लेकर चर्चा जोरों पर है और हाल में इसका एक गाना रिलीज हुआ. ये गाना पुरानी यादों को लपेटे एक नए अंदाज में आया लेकिन ऐसे आया. ये अंदाज भी ऐसा कि एक पल को भी नहीं लगा कि नए में वो बात, जज्बात और फीलिंग नहीं. हम बात कर रहे हैं 1997 में आई फिल्म बॉर्डर के गाने संदेसे आते हैं की. जल्द रिलीज होने को तैयार बॉर्डर-2 में इसी गाने को एक नए अंदाज में पेश किया गया है. नए गाने का नाम है 'घर कब आओगो'. इसे सुनते वक्त आपको एक पल को भी नहीं लगेगा कि ये संदेसे आते हैं से जरा भी अलग है. ये गाना फिल्म मेकर्स के लिए एक बड़ा चैलेंज था लेकिन ऐसा लग रहा है कि म्यूजिक के मामले में तो उन्होंने मोर्चा मार लिया.
दिलजीत दोसांझ नहीं चाहते थे असली गाने से हो छेड़छाड़
पंजाबी सिंगर, एक्टर, पॉप स्टार दिलजीत दोसांझ हाल में एक लाइव सेशन के जरिए फैन्स से जुड़े. इसी दौरान बातचीत में उन्होंने बॉर्डर-2 के इस गाने को लेकर भी बात की. दिलजीत ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि संदेसे आते हैं का एक नया वर्जन तैयार किया जाना है तो उनका मानना था कि इतने शानदार गाने के साथ छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए. हालांकि जब उन्हें पता चला कि गाना मिथुन बना रहे हैं तो वे कॉन्फिडेंस में आ गए. दिलजीत ने कहा, जब मुझे पता चला कि गाना मिथुन बना रहे हैं तो मुझे लगा कि वो कुछ अच्छा ही करेंगे क्योंकि उन्होंने पहले भी इतना शानदार काम किया है.
तबीयत थी खराब एक दिन में की बॉर्डर-2 की डबिंग और सिंगिंग
दिलजीत ने कहा, जब गाना तैयार हुआ तो मुझसे भी गाने के लिए कहा गया. मैं थोड़ा बीमार भी था लेकिन मैंने कहा मैं अपना पार्ट गा देता हूं और मैंने एक दिन में डबिंग का काम और गाना खत्म किया था. वैसे में हिंदी गाने नहीं गाता लेकिन ये मैंने गा दिया. ये गाना इतना सुंदर बना कि इसने सभी का दिल जीता. संदेसे आते हैं पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वो गाना अमर है और आज भी जब वो गाना बजता है तो दिमाग में सोनू निगम की तस्वीर आती है. पहले उन्हें इस गाने के रीमेक से थोड़ा डर था लेकिन धीरे-धीरे वह भी नए वर्जन से कन्विंस हो गए.