बॉक्स ऑफिस पर ‘धुरंधर 2' की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही. फिल्म ने 12 दिनों में दुनियाभर से 1392 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है. हालांकि, इतना तेज 1000 करोड़ का आंकड़ा छूना आसान नहीं माना जा रहा क्योंकि देश में अभी करीब 8500 स्क्रीन ही हैं. वहीं विदेशों से कमाई करीब 350 करोड़ रुपये ग्रॉस बताई जा रही है. लेकिन कम दिनों में इतने बड़े कलेक्शन के पीछे सिर्फ फिल्म की तारीफ या दर्शकों का प्यार ही नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति भी है, जो छुट्टियों और टिकट की कीमतों से जुड़ी हुई है.
फिल्म की रिलीज के आसपास लगातार छुट्टियां पड़ने का फायदा इसे मिला. पहले ईद, फिर महावीर जयंती, उसके बाद गुड फ्राइडे, और आगे भी कई छुट्टियां आने वाली हैं. यानी दर्शकों के पास थिएटर जाने के मौके लगातार बने रहे. टिकट की कीमतों की बात करें तो रिलीज के 12 दिन बाद भी मुंबई में टिकट 250 रुपये से लेकर 1300 रुपये तक बिक रहे हैं. अलग-अलग इलाकों और सिनेमाघरों के हिसाब से कीमतें अलग हैं और खासतौर पर पॉश एरिया में टिकट ज्यादा महंगे हैं. यानी फिल्म अच्छी है, लोग देख भी रहे हैं, लेकिन फिल्म के 1000 करोड़ की रफ्तार के पीछे महंगे टिकट भी बड़ी वजह बनकर सामने आ रहे हैं.
फिल्म कारोबार विशेषज्ञ और जनता सिनेमा के फाउंडर यूसुफ शेख ‘धुरंधर 2' की टिकट प्राइसिंग को एक “मास्टर क्लास” बताते हैं. यूसुफ शेख कहते हैं, “दरअसल, ‘धुरंधर' का जो टिकट की कीमत तय करने का तरीका था न, वो एक मास्टरपीस था. क्योंकि आज एक फिल्म जो बन रही है, जिसकी रिलीज़ अकेले हो रही है, ईद का हफ्ता है, इतनी छुट्टियां हैं और उसके बीच में जब ये फिल्म आती है, इसका मतलब आज जो ट्रीटमेंट हुआ है वो कॉर्पोरेट तरीके से टिकट की कीमत तय करना है, जिसको बोलते हैं सर्ज प्राइसिंग, यानी डिमांड बढ़ते ही टिकट का दाम बढ़ा देना, जिसको बोलते हैं डिमांड प्राइसिंग, यानी मांग के हिसाब से दाम तय करना, उस तरह से हुआ है.
जिसकी वजह से आज उन्होंने रिलीज़ के दिन, जो पहला हफ्ता था, उससे दो गुना कलेक्शन की तैयारी पहले ही कर ली थी. क्योंकि ये एक ऐसी फिल्म है जिसे देखना जरूरी लगता है, एक अर्जेंसी वाली फिल्म है. आराम से ऑडियंस टिकट के लिए 100 फीसदी ज्यादा देने को तैयार थी. तो उन्होंने टिकट रेट डबल कर दिए. साथ ही जिस लेवल की डिमांड थी, जितना हाइप था, ये फिल्म टिकट प्राइसिंग में एक मास्टरक्लास है अगर आप इसे बिजनेस के नजरिए से देखें. अब इसका क्रेडिट जियो की टीम के साथ-साथ पीवीआर को भी जाएगा. उन्होंने मिलकर इस मौके पर चौका मारा है और ये एक केस स्टडी है. और यही वजह है कि आज ये देश की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक है.
हालांकि मैं ऐसा कोई इंसान नहीं हूं जो इसका प्रचार कर रहा हो, लेकिन इसने सबको दिखा दिया कि भविष्य में अगर आपके पास ऐसी फिल्म है जिसकी डिमांड है, तो बिजनेस कई गुना बढ़ सकता है. जब ‘किंग' आएगी और जब ‘वाराणसी' आएगी, तो उनके पास टिकट प्राइसिंग का ये गेम चेंजर केस स्टडी पहले से तैयार है. और तभी इंडिया 2000, 3000, 4000 करोड़ का फिल्मी बिजनेस देखेगा. और यही इस फिल्म की टिकटिंग ने हमें सिखाया है.” यानी ‘धुरंधर 2' की कामयाबी का फॉर्मूला सिर्फ कहानी, स्टार पावर या पब्लिसिटी नहीं, बल्कि सही टाइम पर सही प्राइसिंग भी है.
फिल्म अब बॉक्स ऑफिस पर ‘बाहुबली' का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है और अब इसकी नजर ‘पुष्पा 2' और ‘बाहुबली 2' के रिकॉर्ड पर है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘पुष्पा 2' का कलेक्शन 1742 करोड़ और ‘बाहुबली 2' का कलेक्शन 1788 करोड़ रहा था. ऐसे में अब ‘धुरंधर 2' इन दोनों फिल्मों के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंचती दिख रही है. अगर छुट्टियों का फायदा और दर्शकों की डिमांड इसी तरह बनी रही, तो आने वाले दिनों में यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ सकती है.