मशहूर एक्टर थे धर्मेंद्र के भाई, सेट पर सुपरस्टार की गोली मारकर हुई थी हत्या

आज हम आपको धर्मेंद्र के चचेरे भाई वीरेंद्र सिंह के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी हत्या गोली मारकर बेरहमी से की गई थी. आइए जानते हैं, उनके बारे में.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
धर्मेंद्र की इस भाई की गोली मारकर हुई थी हत्या,
नई दिल्ली:

89 वर्षीय दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को बुधवार सुबह मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी. इस समय धर्मेंद्र का पूरा परिवार उनके साथ है. ऐसे में आज हम आपको उनके एक भाई के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनसे उनका रिश्ता काफी गहरा था और दोनों साथ- साथ पले- बढ़े थे. बता दें, यहां हम धर्मेंद्र के चचेरे भाई वीरेंद्र सिंह के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी हत्या गोली मारकर बेरहमी से की गई थी. आइए जानते हैं, आखिर ऐसा क्यों हुआ था?



धर्मेंद्र के चचेरे भाई, वीरेंद्र सिंह कौन थे?

सुभाष ढडवाल, जिन्हें वीरेंद्र सिंह के नाम से जाना जाता था, वह रिश्ते में दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के सबसे करीबी चचेरे भाईयों में से एक थे. कहा जाता है कि अगर वीरेंद्र सिंह आज जिंदा होते, तो वह हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के किसी बड़े सुपरस्टार से कम नहीं होते. आपको बता दें, वह भी अपने भाई धर्मेंद्र की तरह की एक्टिंग लाइन में थे और हर कोई उनकी एक्टिंग की तारिफ करता था.



वीरेंद्र सिंह ने दी थी कई हिट फिल्में

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वीरेंद्र सिंह ने अपनी एक्टिंग करियर की शुरुआत साल 1975 की पंजाबी फिल्म, "तेरी मेरी एक जिन्दड़ी" से की थी. जिसमें उनकी एक्टिंग काफी शानदार थी. बता दें, इस फिल्म के बाद उन्हें एक से बढ़कर एक पंजाबी फिल्म मिलने लगी थी. जिनका नाम है, 'बंटवारा', 'लम्भरदारनी', 'बलबीरो भाभी', 'दुश्मनी दी अग्ग'.


पंजाबी फिल्म के बाद ली हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री

लंबे समय तक पंजाबी फिल्म में काम करने के बाद वीरेंद्र ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में भी कदम रखा और "खेल मुकद्दर का" और "दो चेहरे" जैसी फिल्मों में काम किया. बता दें, उस समय दोनों फिल्में सफल रहीं थी. बता दें, वह एक प्रोफेशनल एक्टर के साथ- साथ बेहतरीन डायरेक्टर और प्रोड्यूसर बने थे. अपने 12 साल के फिल्मी करियर में, उन्होंने लगभग 25 फिल्में बनाईं, जो सभी ब्लॉकबस्टर रहीं.


जब कर दी गई वीरेंद्र सिंह की हत्या

पंजाबी सिनेमा के सुपरस्टार कहे जाने वाले वीरेंद्र सिंह की बढ़ती लोकप्रियता उस दौर में कई लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई थी. बता दें, दिसंबर 1988 में लुधियाना के पास अपनी फिल्म "जट्ट ते जमीन" की शूटिंग के दौरान उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इसके बाद पूरी फिल्म इंडस्ट्री में मातम छा गया. उस समय वीरेंद्र की उम्र 40 साल थी. कई सूत्रों का यह भी दावा है कि वीरेंद्र की लोकप्रियता ही उनकी दुश्मन बन गई और उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी, वहीं कुछ लोगों का कहना है कि वह आतंकवादियों की गोलियों का शिकार हुए थे. बता दें, आज भी उनकी मौत का मामला अनसुलझा है.

धर्मेंद्र के साथ कैसे थे भाई वीरेंद्र सिंह के रिश्ते

जैसा कि हमने आपको बताया, वीरेंद्र सिंह धर्मेंद्र के चचेरे भाई थे और पंजाब में स्थित अपने पैतृक गांव में साथ-साथ पले-बढ़े थे, ऐसे में दोनों का रिश्ता काफी गहरा और भाईचारे का था.

Advertisement





 

Featured Video Of The Day
Assam Elections 2026:चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद पहली बार असम CM Himanta Biswa Sarma Exclusive