किराये पर कमरा लेने तक के नहीं थे पैसे, एक रात ईसबगोल खाकर मिटाई थी भूख, सुनें धर्मेंद्र की जुबानी ये मजेदार किस्सा

धर्मेंद्र ने शत्रुघ्न सिन्हा से बातचीत में अपने करियर की शुरुआत के दिनों के बारे में बात की. धर्मेंद्र ने बताया कि वो एक बालकनी में किराये पर रहते थे.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
बालकनी में चारपाई लगाकर किराये पर रहते थे धर्मेंद्र
Social Media
नई दिल्ली:

हिंदी सिनेमा के हीमैन धर्मेंद्र किस्से और कहानियों की पूरी किताब हैं. वो अगर कहीं बात करने बैठ जाएं तो फिल्म इंडस्ट्री और अपने ऐसे ऐसे किस्से सुनाने लगते हैं कि सुनकर ताज्जुब होता है कि आज इस मुकाम पर पहुंच चुके स्टार ने कभी ऐसे दिन देखे. आज हम इस बारे में बात इसलिए कर रहे हैं क्योंकि इंटरनेट खंगालते हुए हमें एक वीडियो मिली. इस वीडियो में धर्मेंद्र शत्रुघ्न सिन्हा के साथ बातचीत में नजर आ रहे हैं. बातचीत के दौरान धर्मेंद्र ने अपने उन दिनों को याद किया जब वो रेलवे कॉलोनी की एक बालकनी में किराए पर रहते थे.

धर्मेंद्र ने किराये पर ले रखी थी बालकनी

अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए धर्मेंद्र ने कहा, हमने रेलवे कॉलोनी में किराये पर एक बालकनी ली हुई थी और उसी में चारपाई डाल दी थी. एक दिन में ऑडिशन के लिए निकला हुआ था. किसी ने कहा था कि फिल्मफेयर वाले लड़के धर्मेंद्र को बुलाओ. मैं पूरा दिन घूम फिरकर जब घर पहुंचा तो मेरा दोस्त भगवंत बोला 'चलचित्र के अभिनेता आ गए' तो मैंने कहा हिंदी बोल रहा है. क्या बात है ? वो बोला घर पर आटा नहीं है. मैंने उसे गाली देकर जरा हड़काया वो भी सो गया और मैं भी ऐसे ही सो गया. अचानक देर रात चम्मच की आवाज आने लगी. मैंने देखा तो वो ईसबगोल खा रहा था.

क्या था ईसबगोल का लफड़ा ?

धर्मेंद्र ने बताया कि कुछ लोगों ने उनसे कहा था कि मुंबई में पानी की वजह से पेट बहुत जल्दी खराब होता है तो ईसबगोल रखना पास. बस यही ईसबगोल उनका दोस्त देर रात को खा रहा था. धर्मेंद्र की नींद खुली तो उन्होंने पूछा. इस पर उनका दोस्त बोला 'मेरा पेट खराब है'. धर्मेंद्र ने जवाब दिया 'पेट खराब नहीं पेट खाली है'. इसके बाद ईसबगोल और चीना का जो घोल था वो आधा भगवंत ने और आधा धर्मेंद्र ने खाकर अपना पेट भरा.

Advertisement
Featured Video Of The Day
Sarvodaya Foundation India Season 2: Ujjain और Nagpur में दिव्यांगों के लिए नई उम्मीद