कभी आपने सोचा है कि जिस जोड़ी को आप बड़े पर्दे पर भाई-बहन समझकर देख रहे हों, वही कुछ महीनों बाद रोमांटिक गानों में एक-दूसरे का हाथ थामे नजर आए और फिर असल जिंदगी में सचमुच शादी कर ले. सुनने में ये किसी सुपरहिट फिल्म का क्लाइमेक्स लगता है, लेकिन ये कहानी रील नहीं बल्कि रियल है. सेट पर शुरू हुई हल्की-फुल्की नोकझोंक, चाय ब्रेक की बातें और छुप-छुपकर मुस्कुराहटें कब प्यार में बदल गईं, किसी को पता ही नहीं चला. साउथ सिनेमा की ये लव स्टोरी इतनी दिलचस्प है कि इसे जानकर यकीन हो जाता है कि कभी-कभी किस्मत खुद सबसे खूबसूरत स्क्रिप्ट लिखती है.
जब भाई-बहन बने थे दोनों
ये दिलचस्प कहानी है साउथ सिनेमां की सुपरहिट जोड़ी जयराम और पार्वती की. साल 1988 में रिलीज हुई अपरन में दोनों पहली बार साथ दिखे, जहां पार्वती ने जयराम की बहन का रोल निभाया. ये जयराम की डेब्यू फिल्म थी, जबकि पार्वती पहले से बड़ी स्टार थीं. किसी ने नहीं सोचा था कि यही ऑनस्क्रीन भाई-बहन आगे चलकर असली जिंदगी में लाइफ पार्टनर बनेंगे. लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था.
दूसरी फिल्म और शुरू हुआ प्यार
उसी साल रिलीज हुई विटनेस में कहानी ने ट्विस्ट लिया. इस बार दोनों रोमांटिक जोड़ी के रूप में नजर आए. शूटिंग के दौरान बातचीत बढ़ी, हंसी-मजाक हुआ और दोस्ती धीरे-धीरे दिल के करीब पहुंच गई. जयराम की मिमिक्री और हल्का-फुल्का अंदाज पार्वती को खूब पसंद आया और यहीं से प्यार की शुरुआत हो गई.
चिट्ठियां, कैसेट और सीक्रेट रिश्ता
दोनों ने करीब पांच साल तक अपने रिश्ते को दुनिया से छुपाकर रखा. फोन का जमाना नहीं था, इसलिए चिट्ठियों और ऑडियो कैसेट के जरिए दिल की बातें शेयर होती थीं. इस दौरान दोनों ने करीब 12 फिल्मों में साथ काम किया और दर्शकों की फेवरेट जोड़ी बन गए. आखिरकार 7 सितंबर 1992 को शादी कर ली. शादी के बाद पार्वती ने घर संभाला और जयराम ने फिल्मों में अपनी चमक बरकरार रखी.
आज भी मिसाल है इनका साथ
आज इनके दो बच्चे हैं और पूरा परिवार खुशहाल जिंदगी जी रहा है. जहां इंडस्ट्री में रिश्ते अक्सर टूटते दिखते हैं, वहीं इनका साथ तीन दशक बाद भी उतना ही मजबूत है. सच कहें तो ये लव स्टोरी किसी भी सुपरहिट फिल्म से कम नहीं लगती.