सनी देओल की इक्का से पहले नेटफ्लिक्स पर देख लें ये 5 कोर्टरूम ड्रामा, तीसरी वाली में सनी पाजी की दहाड़ से कांप गया था कोर्ट

10 जुलाई को सनी देओल की इक्का नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने जा रही है. इससे पहले इसी ओटीटी प्लैटफॉर्म पर देख डालिए ये पांच कोर्ट रूम ड्रामा जिनमें मिलेगा मनोरंजन से लेकर रोमांच तक.

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नेटफ्लिक्स पर जरूर देख डालें ये कोर्टरूम ड्रामा
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नई दिल्ली:

बॉलीवुड की दुनिया में कोर्टरूम ड्रामा जॉनर में कई फिल्में आई हैं. लेकिन हर फिल्म में वो दम कहां जो देखने वालों में भी जोश भर दे. ऐसे तो एक ही एक्टर रहे हैं जो जब कोर्ट में आए जज तक की क्लास लगा दी. भई 'तारीख पर तारीख...तारीख पर तारीख...तारीख पर तारीख..' किसे याद नहीं. सनी देओल ने जज के सामने ऐसी दलील पेश की कि जज भी सोचने को मजबूर कर दिया. अब सनी देओल 10 जुलाई को इक्का नाम से एक और कोर्टरूम ड्रामा लेकर आ रहे हैं. हमने सोचा ऐसे मौके पर क्यों ना आपको Netflix पर मौजूद कुछ दमदार कोर्टरूम ड्रामा फिल्में सजेस्ट कर दें जिन्हें आप इक्का से पहले ओटीटी पर देख सकते हैं.

मामला लीगल है (2024)

किसने कहा कि कोर्टरूम ड्रामा गंभीर ही होने चाहिए? 'मामला लीगल है' ने साबित कर दिया कि कानून की दुनिया जितनी ड्रामैटिक हो सकती है, उतनी ही मजेदार भी. रवि किशन, नैला ग्रेवाल, निधि बिष्ट, अनंत वी. जोशी और अंजुम बत्रा जैसे शानदार कलाकारों से सजी इस सीरीज ने दर्शकों को पटपड़गंज जिला अदालत के अंदर की दुनिया दिखाई, जहां अजीबोगरीब वकील अजीब केस, सनकी क्लाइंट और रोजमर्रा की कोर्टरूम की अफरा-तफरी के बीच काम करते थे. व्यंग्य और लीगल कॉमेडी का बेहतरीन मिक्स, इसने कानूनी दुनिया को एक नए और हल्के-फुल्के अंदाज में पेश किया और साबित किया कि दर्शकों को बांधे रखने के लिए कोर्टरूम ड्रामा में हमेशा ऊंची आवाज की जरूरत नहीं होती.

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जॉली एलएलबी फ्रैंचाइजी (2013-2025)

बहुत कम फ्रैंचाइजी ने कोर्टरूम ड्रामा को इतना मनोरंजक बनाया है. चाहे अरशद वारसी का आम आदमी जैसा चतुर वकील हो या अक्षय कुमार का तेज-तर्रार वकील जो ताकतवर विरोधियों से भिड़ता है, 'जॉली एलएलबी' फिल्मों ने हास्य, भावना और समाज पर तीखी टिप्पणी के बीच सही संतुलन बनाया. जबरदस्त बहस, यादगार जज और कोर्टरूम के कई जबरदस्त पल—इस फ्रैंचाइजी ने ये सब कुछ दिया! पिंक (2016)

दामिनी (1993)

अगर कोई एक कोर्टरूम ड्रामा है जिसने सब कुछ बदल दिया, तो वह है 'दामिनी'. इसने न सिर्फ हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार वकीलों में से एक दिया बल्कि हमें 'गोविंद' भी दिया, जिसके डायलॉग आज भी दशकों बाद दोहराए जाते हैं. कोर्टरूम में सनी देओल की जबरदस्त मौजूदगी, न्याय के लिए उनकी कभी न हार मानने वाली लड़ाई और उन यादगार डायलॉग्स ने 'दामिनी' को कोर्टरूम ड्रामा के लिए एक बेंचमार्क बना दिया. आज भी, हर फिल्मी वकील की तुलना गोविंद से की जाती है.

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पिंक

कभी-कभी, कोर्टरूम में दिया गया एक भाषण पूरे देश में बातचीत का रुख बदलने के लिए काफी होता है. 'पिंक' ने ठीक यही किया. तीन युवा महिलाओं (तापसी पन्नू, कीर्ति कुल्हारी और एंड्रिया तारियांग) से जुड़ी कानूनी लड़ाई के तौर पर शुरू हुई यह फिल्म सहमति, सम्मान और समाज के दोहरे मापदंडों पर एक जबरदस्त चर्चा का विषय बन गई. वकील दीपक सहगल के तौर पर अमिताभ बच्चन की सधी हुई लेकिन दमदार एक्टिंग ने 'पिंक' को पिछले दशक की सबसे चर्चित कोर्टरूम ड्रामा फिल्मों में से एक बनाने में मदद की.

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महाराज (2024)

1862 के ऐतिहासिक 'महाराज लिबेल केस' से प्रेरित, 'महाराज' फिल्म पत्रकार करसनदास मुलजी (जुनैद खान) की कहानी है, जो आस्था की आड़ में महिलाओं के शोषण के आरोपी एक ताकतवर धार्मिक नेता के खिलाफ आवाज उठाते हैं. जयदीप अहलावत, शालिनी पांडे और शरवरी की भी अहम भूमिकाओं वाली यह फिल्म सच्चाई, साहस और प्रेस की आजादी पर केंद्रित एक जबरदस्त कोर्टरूम लड़ाई की ओर बढ़ती है. इतिहास से जुड़ी होने के बावजूद आज के समय में भी प्रासंगिक, 'महाराज' एक दमदार लीगल ड्रामा के तौर पर सामने आई, जिसने सत्ता के सामने सच बोलने की कीमत को दिखाया.

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इक्का (2026)

'दामिनी' के तीस साल से भी ज्यादा समय बाद, सनी देओल कोर्टरूम में वापसी कर रहे हैं लेकिन इस बार, मामला सीधा-सादा नहीं है. 'इक्का' में वह मशहूर वकील अर्जुन मेहरा का किरदार निभा रहे हैं, जिन्हें शौर्यमान गौर (अक्षय खन्ना) का बचाव करने के लिए मजबूर होना पड़ता है. एक ऐसा व्यक्ति जो उनके अपने अतीत से गहराई से जुड़ा है. दीया मिर्जा और तिलोत्तमा शोम की भी अहम भूमिकाओं वाली इस फिल्म के ट्रेलर में जबरदस्त कोर्टरूम बहस, दमदार डायलॉग और एक ऐसा रीयूनियन देखने को मिला है, जिसका दर्शक लगभग तीन दशकों से इंतजार कर रहे थे. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अर्जुन मेहरा खुद को खोए बिना यह केस जीत पाएंगे? इसका पता हमें 10 जुलाई को नेटफ्लिक्स पर 'इक्का' के प्रीमियर के साथ चलेगा.

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चाहे सच्चाई पर आधारित हों, नैतिक मूल्यों से प्रेरित हों या रोमांचक कानूनी लड़ाइयों से भरपूर हों, इन कोर्टरूम ड्रामा फिल्मों ने साबित कर दिया है कि सिनेमा की कुछ सबसे दिलचस्प कहानियां युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि कोर्टरूम के अंदर सामने आती हैं. तीन दशकों से भी ज्यादा समय बाद वकील का किरदार निभाने के लिए सनी देओल की वापसी के साथ, 'इक्का' 10 जुलाई को नेटफ्लिक्स पर प्रीमियर के साथ इस शानदार विरासत में एक नया अध्याय जोड़ने के लिए तैयार है.

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