जब आधी रात को चाची ने इस एक्ट्रेस को बेटी के साथ निकाला घर से, सड़कों पर भटकती रही पंचायत की ये एक्ट्रेस

नीना गुप्ता ने उस दर्दनाक अनुभव के बारे में बताया जो उन्हें मसाबा के बचपन में हुआ था. 80 के दशक की बात है जब नीना को  कुछ समय के लिए अपनी चाची और चाचा के साथ रहना पड़ा. उन्होंने याद किया कि कैसे उन्हें आधी रात को उनकी चाची ने घर से निकाल दिया था.

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सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुकी हैं नीना
नई दिल्ली:

नीना गुप्ता एक ऐसी एक्ट्रेस हैं, जिन्होंने कभी खुद से समझौता नहीं किया और कई रूढ़ियों को तोड़ा है. जब उनके आस-पास की परिस्थितियां उथल-पुथल भरी थीं, तब भी नीना ने खुद पर विश्वास किया और आगे बढ़ीं. उन्होंने सभी चुनौतियों का सामना करते हुए अपना सिर ऊंचा रखा. एक्ट्रेस ने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं. सगाई टूटने से लेकर शादीशुदा आदमी के प्यार में पड़ना और बाद में उसके बच्चे को जन्म देना. नीना ने सब कुछ झेला. बिना शादी के नीना ने मसाबा को जन्म दिया और उसे अकेले ही पाला. अपने जीवन में कई संघर्षों का सामना करने के बीच, नीना को एक बार आधी रात को बेघर भी होना पड़ा था.

Housing.com से बातचीत में नीना गुप्ता ने उस दर्दनाक अनुभव के बारे में बताया जो उन्हें मसाबा के बचपन में हुआ था. 80 के दशक की बात है जब नीना को  कुछ समय के लिए अपनी चाची और चाचा के साथ रहना पड़ा. उन्होंने याद किया कि कैसे उन्हें आधी रात को उनकी चाची ने घर से निकाल दिया था. नीना ने बताया.“मैं अपनी चाची के घर चली गई, जहां मैं पहले भी रहती थी. जब से मसाबा छोटी थी, मेरी चाची मेरे बच्चे की देखभाल में मदद करती थीं लेकिन एक दिन, उन्होंने मुझे आधी रात को घर से निकाल दिया.  मेरे पास पैसे नहीं बचे थे. एक रात ऐसी भी थी, जब मेरे पास बच्चे के साथ जाने के लिए कोई जगह नहीं थी.”

हालांकि, नीना के चाचा को उनके लिए बुरा लगा और उन्होंने उन्हें जुहू में एक खाली अपार्टमेंट में रहने की पेशकश की, जो 20 सालों से खाली पड़ा था. आधी रात को अपने छोटे बच्चे के साथ घर की सफाई करने के बाद, नीना को वहां से भी जाने के लिए कहा गया. “उनके साथ शिफ्ट होने से पहले मैंने उनको सब बता दिया था. उन्होंने तब हां कहा था. अब, चाचा को बहुत बुरा लगा, इसलिए उन्होंने मुझे जुहू में अपनी सास के घर में शिफ्ट कर दिया, जो 20 सालों से बंद था. घर में जाले लगे हुए थे, जंग लगा हुआ लग रहा था। मैं वहां गई, और मैंने एक छोटे बच्चे के साथ उस घर की सफाई की, लेकिन जल्द ही, मुझे वह घर भी छोड़ने को कहा गया."

नीना बिल्डर के पास गईं, पैसे वापस मांगे और उसे अपनी स्थिति बताई. बिल्डर ने उसके साथ सहानुभूति जताई और एक पैसा भी काटे बिना उसे पूरा पैसा वापस कर दिया. संघर्षों के बावजूद, नीना ने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी और न ही अपने जीवन में समझौता किया. संस्कृत में एम.फिल. के साथ नीना ने अभिनय के अपने जुनून को आगे बढ़ाने के लिए दिल्ली से वह बॉम्बे गईं. थियेटर में काम करने के बाद  नीना ने वो छोकरी से सफलता हासिल की, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता. नीना गुप्ता ने मंडी, रिहाई और दृष्टि जैसी फिल्मों में काम किया. 2018 में उन्होंने कॉमिक-ड्रामा बधाई हो के साथ अपने करियर में कमबैक किया. तब से वह फिल्मों में एक्टिव हैं और लगातार काम कर रही हैं. 

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