आशा भोसले सिंगिंग की दुनिया का जाना माना नाम हैं, जिन्होंने 20 भाषाओं में 12000 से ज्यादा गाने गाकर बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई. लेकिन क्या आप आशा भोसले के उस गाने के बारे में जानते हैं, जिस पर खूब हंगामा हुआ था. यहां तक कि रेडियो पर बैन तो दूरदर्शन से हटा दिया गया था. लेकिन आज वह गाना खूब पॉपुलर है और फैंस का गाने को प्यार मिला है. हम बात कर रहे हैं 1971 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'हरे रामा हरे कृष्णा' का आइकॉनिक गाना 'दम मारो दम' की, जिसे देवानंद और जीनत अमान पर फिल्माया गया था.
विवादों में घिर गया था आशा भोसले का ये गाना
देव आनंद, जीनत अमान और मुमताज अभिनीत फिल्म हरे रामा हरे कृष्णा में आशा भोसले की आवाज में 'दम मारो दम' गाना रिलीज होते ही विवादों में घिर गया था. आरडी बर्मन का संगीत और आनंद बख्शी के बोल इस गाने में थे. गाने में जीनत अमान को हिप्पी स्टाइल में चिलम फूंकते हुए दिखाया गया था, जो नशे के कल्चर को एक तरह से ग्लैमराइज करने का तरीका था और इस पर गंभीर आरोप भी लगा. कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति के खिलाफ और युवाओं में नशे को बढ़ावा देने वाला बताया.
ये थे देव आनंद की फिल्म का कहानी
फिल्म 'हरे रामा हरे कृष्णा' की कहानी का मुख्य उद्देश्य उस समय देश में फैल रहे हिप्पी कल्चर और नशे (ड्रग्स) की बुरी आदत पर कटाक्ष करना था. कहानी में दिखाया भी गया है कि देव आनंद (प्रशांत) अपनी बहन को ढूंढते हुए काठमांडू पहुंचते हैं. वहां उनकी बहन जीनत अमान पूरी तरह हिप्पी लाइफस्टाइल में डूब चुकी होती है. वह दिन-रात चिलम-गांजा फूंकती है और नशे में बहकती है. वह अपने परिवार व असली पहचान तक भूल चुकी है. थीम सही होने के बावजूद गाने की वजह से विवादों का सामना करना पड़ा.
रेडियो पर हुआ बैन
जानकारी के अनुसार, गाने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि ऑल इंडिया रेडियो ने गाने पर प्रतिबंध तक लगा दिया. यही नहीं दूरदर्शन ने फिल्म के टीवी प्रसारण के दौरान इस गाने तक को काट दिया. जब फिल्म टीवी पर आई तो 'दम मारो दम' को पूरी तरह हटा दिया गया था. गजब की बात यह है कि आशा भोसले को इस गाने के लिए बेस्ट प्लेबैक सिंगर फीमेल का अवॉर्ड भी मिला था. देवानंद ने फिल्म में इसे एंटी-ड्रग मैसेज के तौर पर रखा था लेकिन गाने की कैची धुन और बोल्ड विजुअल्स ने इसे अलग ही पहचान दे दी.