प्यास से तड़प कर मर गई मां लेकिन अरशद वारसी ने नहीं दिया एक बूंद पानी, बोले- उस वक्त अगर ऐसा कर देता तो शायद...

अरशद ने अपने संघर्षों से भरे बचपन का भी जिक्र किया. पिता को भारी नुकसान हुआ, बड़ा घर छोड़ना पड़ा, धीरे-धीरे ठिकाना छोटा होता गया.

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अपना बचपन याद कर भावुक हुए अरशद वारसी
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नई दिल्ली:

अरशद वारसी बचपन से ही बोर्डिंग स्कूल में रहे, इसलिए परिवार के साथ बिताए पल गिने-चुने हैं. लेकिन मां की आखिरी रात का जख्म आज भी ताजा है. राज शमानी के पॉडकास्ट में उन्होंने खुलासा किया कि मां किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित थीं और डॉक्टरों ने सख्त हिदायत दी थी पानी बिल्कुल नहीं देना.

आखिरी रात का वो पल

अरशद ने बताया, “मां साधारण गृहिणी थीं, स्वादिष्ट खाना बनाती थीं. डायलिसिस पर थीं. बार-बार पानी मांगतीं, मैं मना करता रहा. आखिरी रात उन्होंने मुझे पुकारा और फिर पानी मांगा. मैंने इनकार कर दिया. उसी रात वह चली गईं. यह याद मेरी रूह कंपा देती है.”

गिल्ट से बचाव, फिर भी अफसोस

“एक कोना मेरे मन में कहता रहा अगर पानी दे देता और मौत हो जाती, तो खुद को जिम्मेदार मानता. गिल्ट की जंजीर जिंदगी भर घसीटता.” अरशद ने जोड़ा, “मैं उस वक्त बच्चा था, डॉक्टरी हिदायत पर अमल करना चाहता था. आज बड़ा हूं, खुद फैसला ले सकता हूं. हम मरीज की पीड़ा कम देखते हैं, अपना अपराधबोध ज्यादा.”

मां-बाप की मौत पर नहीं रोए

अरशद ने अपने संघर्षों से भरे बचपन का भी जिक्र किया. पिता को भारी नुकसान हुआ, बड़ा घर छोड़ना पड़ा, धीरे-धीरे ठिकाना छोटा होता गया. मां-बाप के जाने पर आंसू नहीं निकले. अरशद ने बताया, “मर्द बनने की जिद थी. हफ्तों बाद अचानक धक्का लगा, तब रोया.” फिलहाल अगर अरशद वारसी के वर्कफ्रंट की बात करें तो वो हाल में अपनी हिट फिल्म जॉली एलएलबी की तीसरी किश्त में अक्षय कुमार के साथ नजर आए थे.

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