बॉलीवुड में स्टारकिड की एंट्री का सिलसिला दशकों से चला आ रहा है, जिसमें ऋषि कपूर, सनी देओल, बॉबी देओल और अभिषेक बच्चन जैसे स्टार्स का नाम शामिल है. हालांकि नामी बॉलीवुड फैमिली से आने के बावजूद फिल्मों के जरिए सिनेमाप्रेमियों के बीच पहचान बनाना मुश्किल हो जाता है. वहीं कुछ सितारे तो कई फिल्मों में नजर आने के बाद बॉलीवुड से गायब हो जाते हैं. इन्हीं में नाम एक्टर अरमान कोहली का है, जिनका जन्म 23 मार्च 1972 को हुआ था. उनके पिता, राजकुमार कोहली, 70 और 80 के दशक के बॉलीवुड के एक ऐसे दिग्गज निर्माता-निर्देशक थे, जिनका नाम ही फिल्म हिट होने की गारंटी माना जाता था.
अरमान कोहली को नहीं खाने पड़े ऑडिशन के धक्के
'नागिन' और 'जानी दुश्मन' जैसी मल्टी-स्टारर फिल्मों के शहंशाह और अरमान कोहली के पिता राजकुमार कोहली ने पूरी इंडस्ट्री पर राज किया. वहीं, अरमान कोहली की मां, निशि कोहली, अपने समय की एक बेहद खूबसूरत और प्रतिष्ठित अभिनेत्री थीं, जिन्होंने हिंदी और पंजाबी सिनेमा में अपनी गहरी छाप छोड़ी थी. अरमान कोहली का बचपन ऐसे माहौल में बीता जहां कैमरे, लाइट्स और राज कपूर से लेकर धर्मेंद्र तक जैसे सुपरस्टार्स उनके घर के आंगन का हिस्सा थे. उन्हें कभी ऑडिशन की कतारों में धक्के नहीं खाने पड़े. उनके लिए उनके पिता ही उनके सबसे बड़े फाइनेंसर, डायरेक्टर और गॉडफादर थे.
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अरमान कोहली की रिजेक्ट की फिल्मों से शाहरुख खान बने सुपरस्टार
1992 में उन्हें दिव्या भारती के अपोजिट फिल्म 'दीवाना' ऑफर हुई. उन्होंने शूटिंग शुरू भी की, लेकिन सेट पर अपने अत्यधिक गुस्सैल स्वभाव और निर्माताओं के साथ विवाद के कारण वह फिल्म से बाहर हो गए. उनकी जगह शाहरुख खान को मौका दिया गया. फिल्म ब्लॉकबस्टर रही और शाहरुख रातों-रात स्टार बन गए. इसके बाद अब्बास-मस्तान ने उन्हें 'बाजीगर' में लीड रोल ऑफर किया. अरमान कोहली ने यह कहकर इनकार कर दिया कि वह शुरुआत में ही कोई 'ग्रे शेड' या विलेन का रोल नहीं करेंगे. यह रोल भी शाहरुख खान की झोली में गया और इतिहास रच दिया.
पिता की बनाई फिल्मों में फ्लॉप रहे अरमान कोहली
1995 में आदित्य चोपड़ा ने जब उन्हें 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' (डीडीएलजे) में काजोल के मंगेतर (कुलजीत) का रोल ऑफर किया. अरमान कोहली ने कहा कि वे सिर्फ लीड हीरो का रोल करते हैं. बाद में यह रोल यह रोल परमीत सेठी ने किया. अरमान जिन फिल्मों को ठुकरा रहे थे, वे बॉलीवुड की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर बन रही थीं और उनके पिता उन्हें जिन फिल्मों में ('विरोधी', 'औलाद के दुश्मन') लगातार लॉन्च और री-लॉन्च कर रहे थे, वे बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिर रही थीं.
सलमान खान की सिफारिश पर मिला रोल
1992 में 'विरोधी' से डेब्यू करने के बाद अरमान ने 'अनाम', 'कोहरा', 'जुआरी' जैसी कई फिल्में कीं, जो फ्लॉप रहीं. 1997 में उनके पिता ने सनी देओल और सुनील शेट्टी जैसे बड़े सितारों का सहारा लेकर 'कहर' बनाई, जिसने थोड़ी बहुत कमाई की लेकिन अरमान कोहली को स्टार नहीं बना सकी. 2015 में सलमान खान की सिफारिश पर उन्हें 'प्रेम रतन धन पायो' में एक शानदार नेगेटिव रोल मिला. फिल्म सुपरहिट रही, लेकिन उनके करियर को नया आयाम नहीं मिल सका. अरमान कोहली वर्तमान में 'वी एनॉरटेन' के सीईओ हैं और भविष्य में निर्देशन में कदम रखने की योजना बना रहे हैं.