अमिताभ बच्चन को इस फिल्म की वजह से सुनने पड़ी थी खूब आलोचना, फिल्म ऐसी नाम आते ही लोग कर लेते हैं तौबा तौबा

कई हिट देने वाले सुपरस्टार अमिताभ बच्चन की 2007 में रिलीज़ हुई फिल्म उनकी एक गलती कही जा सकती है.  बड़े बजट की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर  दम तोड़ दिया था. फिल्म में मोहनलाल, अजय देवगन, सुष्मिता सेन, उर्मिला मातोंडकर, सुशांत सिंह, राजपाल यादव नजर आए थे.

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अमिताभ के करियर की बड़ी गलती थी यह फिल्म
नई दिल्ली:

हर किसी के करियर में उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन सिनेमा के स्टार्स के करियर के साथ यह आम बात है. एक फिल्म से वे स्टार बन जाते हैं, तो दूसरी फिल्म फ्लॉप होते ही उनके करियर का ग्राफ गिर जाता है. बिग बी जैसे बड़े स्टार के साथ भी ऐसा हुआ है. कई हिट देने वाले सुपरस्टार की 2007 में रिलीज हुई फिल्म उनकी एक गलती कही जा सकती है. बड़े बजट की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर दम तोड़ दिया था. मोहनलाल, अजय देवगन, सुष्मिता सेन, उर्मिला मातोंडकर, सुशांत सिंह, राजपाल यादव, यहां तक ​​कि अभिषेक बच्चन (कैमियो ) भी फिल्म को डूबने से नहीं बचा पाए. निर्देशक इसे कल्ट क्लासिक 'शोले' का रीमेक बनाना चाहते थे, लेकिन आलोचकों ने इसे खराब माना. यह फिल्म 'राम गोपाल वर्मा की आग' है, जिसका निर्देशन राम गोपाल वर्मा ने किया था. हालांकि उन्होंने बाद में कहा वह इसे "अपनी शैली" में रीमेक करना चाहते थे, लेकिन हाल ही में उन्होंने कबूल किया कि उन्हें पता था कि रिलीज से पहले यह अच्छा प्रदर्शन नहीं करेगी.

एक पुराने बातचीत में  मेगा स्टार अमिताभ बच्चन ने इस फिल्म को एक गलती बताया था और कहा था कि उन्हें ऐसी फिल्म नहीं करनी चाहिए जो उनकी हिट फिल्मों की रीमेक हो.हाल ही मेंआरजीवी ने गैलाटा प्लस के साथ एक बातचीत में "अमिताभ बच्चन ने अपनी प्रतिष्ठा दांव पर लगा दी क्योंकि उन्होंने राम गोपाल वर्मा की आग करने के लिए सहमति व्यक्त की और यह उनकी गलती थी. वर्मा ने शेयर किया कि अमिताभ बच्चन ने एक निर्देशक के रूप में उन पर भरोसा किया. हालांकि उनकी "भावनाएं नियंत्रण से बाहर हो गईं" और उन्हें रिलीज़ से दो महीने पहले ही समझ आ गया कि फिल्म गलत दिशा में जा रही है.

बता दें कि अमिताभ बच्चन और राम गोपाल वर्मा ने ‘सरकार', ‘निशब्द', ‘सरकार राज', ‘रण' और ‘सरकार 3' जैसी अन्य फिल्मों में साथ काम किया है. वर्मा ने  कहा  कि वह एक क्लासिक फिल्म को फिर से बनाने की कोशिश कर रहे थे जो बुरी तरह से गलत साबित हुई. दिल्ली उच्च न्यायालय ने “गब्बर सिंह” जैसे पात्रों का उपयोग करने के लिए “जानबूझकर की गई कार्रवाई” के रूप में उल्लंघन पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया. फिल्म को इतना खराब रिस्पॉन्स मिला कि इसे ‘अब तक की सबसे खराब फिल्म' और इसी तरह की अन्य सूचियों में शामिल किया गया.
 

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