इस एक्टर को एक समय में साइड रोल के लिए भी कर दिया जाता था रिजेक्ट, आज हैं बॉलीवुड के खिलाड़ी नंबर वन

आमिर खान, आयशा जुल्का, दीपक तिजोरी और पूजा बेदी स्टारर 30 साल पहले एक फिल्म आई थी 'जो जीता वही सिकंदर.' इस फिल्म के लिए  खिलाड़ी कुमार यानी अक्षय कुमार ने भी ऑडिशन दिया था.

विज्ञापन
Read Time: 10 mins
अक्षय कुमार को 'जो जीता वही सिकंदर.' के लिए कर दिया गया था रिजेक्ट
नई दिल्ली:

आमिर खान (Aamir Khan), आयशा जुल्का (Ayesha Jhulka, दीपक तिजोरी (Deepak Tijori) और पूजा बेदी (Pooja Bedi) स्टारर 30 साल पहले एक फिल्म आई थी 'जो जीता वही सिकंदर.' फिल्म ब्लॉकबस्टर थी और इस फिल्म को काफी पसंद किया गया था. यह मंसूर खान की कुछ हिंदी फिल्मों में से एक थी, जिन्होंने प्यार, दोस्ती, दुश्मनी जैसे इमोशन को ध्यान में रख कर कई फिल्में बनाई हैं. यह फिल्म रिलीज के काफी समय बाद भी हमारी यादों में है, लेकिन आपको यह नहीं पता होगा कि इस फिल्म के लिए  खिलाड़ी कुमार यानी अक्षय कुमार ने भी ऑडिशन दिया था.

खास बात यह है कि इस फिल्म में आमिर खान लीड रोल में थे और अक्षय कुमार ने साइड हीरो यानी दीपक तिजोरी के रोल शेखर मल्होत्रा के लिए ऑडिशन दिया था. अक्षय कुमार को यह रोल नहीं मिली और ऑडिशन के दौरान उन्हें रिजेक्शन झेलनी पड़ी. बाद में मिड-डे के साथ इस बारे में बात करते हुए अक्षय कुमार ने बताया, “ मैंने अपना स्क्रीन टेस्ट दिया दीपक तिजोरी के रोल के लिए और उन्हें मैं पसंद नहीं आया. जाहिर तौर पर मैं बकवास था, इसलिए उन्होंने मुझे हटा दिया."

उस समय अक्षय कुमार इंडस्ट्री में नए थे. उन्होंने 1991 में फिल्म सौगंध से बॉलीवुड में डेब्यू किया था, जिसमें उन्होंने लीड रोल किया था. ऑडिशन के बाद यह रोल मिलिंद सोमन को मिली. उन्हें लेकर 75 प्रतिशत फिल्म की शूटिंग भी हुई, लेकिन बाद में उन्हें हटाकर दीपक तिजोरी को शेखर मल्होत्रा के रोल के लिए लिया गया. 

Advertisement

हाल ही में जो जीता वही सिकंदर के निर्देशक मंसूर खान ने इस बारे में सफाई देते हुए कहा, मैंने अक्षय कुमार को बकवास नहीं कहा, बल्कि स्क्रीन टेस्ट के दौरान उन्हें लकड़ी जैसा सख्त पाया, भले ही  उनके पास एक बढ़िया बॉडी है. 

ये भी देखें :

VIDEO:  दिशा पटानी, जॉन अब्राहम, तारा सुतारिया और अर्जुन कपूर फिल्म प्रमोशन में बिजी

Featured Video Of The Day
Tucker Carlson Interview में Joe Kent का धमाका, Israel के दबाव में Donald Trump का Iran War?