60 साल पुराना गाना, गुरु दत्त की फिल्म से किया गया था डिलीट, 4 साल बाद 30 साल के धर्मेंद्र का वही गीत, हेमंत कुमार की आवाज में हुआ अमर

गुरु दत्त की साहिब बीबी और गुलाम से विवाद के चलते हटाया गया एक गाना चार साल बाद धर्मेंद्र की फिल्म अनुपमा में ‘या दिल की सुनो दुनियावालो’ बनकर लौटा और अमर हो गया.

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अनुपमा के इस गाने में 30 साल के थे धर्मेंद्र

बॉलीवुड में कई ऐसे गाने हैं, जिनकी कहानी पर्दे पर सुनाई देने से कहीं ज्यादा दिलचस्प है. कुछ गीत फिल्मों के लिए तैयार किए जाते हैं, लेकिन किसी वजह से उन्हें रिलीज से पहले ही हटा दिया जाता है. ऐसा ही कुछ हुआ था गुरु दत्त की मशहूर फिल्म ‘साहिब बीबी और गुलाम' के साथ. इस फिल्म के लिए संगीतकार हेमंत कुमार ने एक खास गाना तैयार किया था, जो कहानी के क्लाइमैक्स में बड़ा बदलाव ला सकता था. लेकिन गाने के एक सीन को लेकर ऐसा विवाद हुआ कि इसे फिल्म से हटाना पड़ा. दिलचस्प बात यह है कि यही गीत चार साल बाद धर्मेंद्र की फिल्म में शामिल हुआ और हमेशा के लिए लोगों की जुबान पर चढ़ गया.

गुरु दत्त की ‘साहिब बीबी और गुलाम' के लिए तैयार हुआ था ये खास गाना

गुरु दत्त की फिल्म ‘साहिब बीबी और गुलाम' के सभी गानों का संगीत हेमंत कुमार ने तैयार किया था. इसी फिल्म के क्लाइमैक्स के लिए उन्होंने एक गीत बनाया था, जिसे ‘साहिल की तरफ' के नाम से इस्तेमाल किया जाना था. इस गाने को शकील बदायूंनी ने लिखा था.

गीत की धुन और बोल को लेकर कोई परेशानी नहीं थी, लेकिन इसके फिल्मांकन के एक सीन ने विवाद खड़ा कर दिया. दरअसल, फिल्म के इस हिस्से में छोटी बहू का किरदार निभाने वालीं मीना कुमारी, भूतनाथ यानी गुरु दत्त की गोद में सिर रखकर आराम करती दिखाई देती हैं. दर्शकों के एक वर्ग को यह दृश्य पसंद नहीं आया और इसे लेकर काफी नाराजगी जाहिर की गई.

एक सीन की वजह से फिल्म से हटाना पड़ा गाना

इस दृश्य पर उठे सवालों और विरोध के बाद गुरु दत्त को फिल्म से पूरा गाना हटाने का फैसला करना पड़ा. इस तरह हेमंत कुमार की तैयार की गई एक खूबसूरत धुन ‘साहिब बीबी और गुलाम' का हिस्सा नहीं बन सकी. हालांकि, इस गाने की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. करीब चार साल बाद 1966 में हेमंत कुमार ने इसी गीत को नए नाम ‘या दिल की सुनो दुनियावालो' के साथ फिल्म ‘अनुपमा' में शामिल किया. इस बार गाने को धर्मेंद्र पर फिल्माया गया और इसे हेमंत कुमार ने अपनी आवाज भी दी.

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शर्मिला टैगोर और धर्मेंद्र की फिल्म ‘अनुपमा' का यह गीत रिलीज होते ही श्रोताओं के बीच खास पहचान बनाने में सफल रहा. आज भी ‘या दिल की सुनो दुनियावालो' हिंदी सिनेमा के यादगार गीतों में गिना जाता है. एक ऐसा गाना, जिसे कभी गुरु दत्त की फिल्म से हटाना पड़ा था, बाद में धर्मेंद्र की फिल्म के जरिए अमर हो गया.

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