Meena Kumari Six Unseen Photos: बॉलीवुड की ट्रेजेडी क्वीन मीना कुमारी अपनी एक्टिंग के साथ ही बेपनाह खूबसूरती के लिए आज भी याद की जाती हैं. महजबीन बानो के रूप में जन्मी मीना कुमारी एक कवयित्री भी थीं. वह 'नाज' नाम से लिखा करती थीं. उन्हें अक्सर 'ट्रेजेडी क्वीन' कहा जाता था. न केवल फिल्मों में बल्कि असल जीवन में भी उन्होंने बेहद मुश्किल हालातों का सामना किया. कहा जाता है कि मीना कुमारी जैसी कोई दूसरी एक्ट्रेस नहीं हो सकती जिसने सिर्फ 38 साल की जिंदगी में इतना कुछ सहा हो.
मीना कुमारी का जन्म 1933 में मुंबई के दादर में एक चॉल में अली बक्स और इकबाल बेगम के घर हुआ था. महज 4 साल की उम्र में केवल पैसे कमाने के लिए उन्हें कैमरे के आगे धकेल दिया गया. उनकी बड़ी बहन खुर्शीद पहले से ही एक बाल कलाकार के तौर पर काम कर रही थी.
मीना कुमारी के पिता अली एक संगीतकार थे और अपनी पहली पत्नी और तीन बेटियों को छोड़कर पाकिस्तान से मुंबई आ गए थे. कहा जाता है कि मीना के जन्म पर अली खुश नहीं थे और कुछ रिपोर्टों में तो यह भी दावा किया गया है कि उन्होंने उन्हें एक अनाथालय के बाहर छोड़ दिया था, लेकिन बाद में फिर खुद ही घर ले आए.
मीना कुमारी और कमाल अमरोही की मुलाकात अशोक कुमार ने करवाई थी. फिर दोनों धीरे-धीरे करीब आने लगे. कमाल ने मीना को अपनी एक फिल्म में रोल ऑफर किया. लेकिन प्रोजेक्ट शुरू होने से पहले 21 मई, 1951 को मीना कुमारी का एक भयानक एक्सीडेंट हो गया और उन्हें लंबे समय तक हॉस्पिटल में रहना पड़ा. कमाल उनसे रेगुलर हॉस्पिटल में मिलने जाते थे. इसके बाद दोनों की रात-रात भर फोन पर बात होने लगी और दोनों में नजदीकी बढ़ती चली गई. पहले से शादीशुदा कमाल ने 14 फरवरी, 1952 को एक सीक्रेट सेरिमनी में मीना से शादी कर ली.
मीना ने सोचा कि कमाल से शादी करने से उनकी जिंदगी बदल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. कमाल इतने सख्त थे कि वह मीना से शाम 6:30 बजे तक घर आने को कहते थे, उनके मेकअप रूम में किसी को भी आने की इजाजत नहीं थी, उन्हें सिर्फ उसी कार में ट्रैवल करना होता था जो कमल ने उन्हें दी थी. असल में, कथित तौर पर मीना और कमाल की शादीशुदा जिंदगी में घरेलू हिंसा भी शामिल थी.
बहुत ज्यादा नियमों और उनके आने-जाने पर लगातार नजर रखने की वजह से मीना कुमारी डिप्रेशन में चली गई थीं. और आखिरकार 1964 में मीना कुमारी ने कमल अमरोही को तलाक दे दिया. लेकिन मीना के लाइफ की ट्रेजेडी यहीं खत्म नहीं हुई. वह तलाक के बाद भी डिप्रेशन में रहीं और फिर शराब की लत उन्हें लग गई.
1968 तक मीना की सेहत इतनी खराब हो गई थी कि उन्हें लंदन और स्विट्जरलैंड के सबसे अच्छे अस्पतालों में भेजना पड़ा, जहां उन्हें लिवर सिरोसिस का पता चला. डॉक्टरों ने उन्हें ठीक होने के तुरंत बाद काम न करने की सलाह दी थी, लेकिन जल्द ही वह भारत लौट आईं. मीना ने फिल्मों में एक्टिंग फिर से शुरू कर दी.
पाकीजा, कमाल अमरोही का ड्रीम प्रोजेक्ट था, जिसमें मीना लीड रोल में थीं. ये फिल्म सक्सेसफुल रही लेकिन चंद दिनों बाद ही 31 मार्च, 1972 को 38 साल की कम उम्र में मीना कुमारी ने आखिरी सांस ली.