हिंदी सिनेमा के गानों की खासियत सिर्फ उनकी धुन या सुरीली नहीं, बल्कि उन्हें तैयार करने के पीछे छिपे प्रयोग भी हैं. 1982 की फिल्म 'जमाने को दिखाना है' के सुपरहिट गाने 'होगा तुमसे प्यारा कौन' के साथ भी ऐसी ही दिलचस्प कहानी जुड़ी हुई है. ऋषि कपूर और पद्मिनी कोल्हापुरे पर फिल्माए गए इस गाने में जहां चलती ट्रेन की छत पर रोमांस नजर आता है, वहीं इसके संगीत में इस्तेमाल की गई एक अनोखी तरकीब भी ध्यान खींचती है. म्यूजिक में नए एक्सपेरिमेंट करने के लिए पहचाने जाने वाले म्यूजिक डायरेक्टर आर. डी. बर्मन ने फिल्म में रेलगाड़ी की आवाज को लेकर जो प्रयोग किया वो तो बहुत ही कमाल है. आइए जानते हैं इस गाने के बारे में खास बातें.
ट्रेन की छत पर फिल्माया गया था गाना, रेगमाल से निकाली आवाज
ऐसा नहीं है कि सिर्फ छैंया छैंया ही रेलगाड़ी की छत पर शूट हुआ है. 'होगा तुमसे प्यारा कौन' में ऋषि कपूर और पद्मिनी कोल्हापुरे की जोड़ी ट्रेन की छत पर रोमांस करती नजर आती है. यह सीन हिंदी फिल्मों के उन यादगार संगीत दृश्यों में गिना जाता है, जिनमें ट्रेन और रोमांस का कॉम्बिनेशन दिखाया गया है. इस गाने को शैलेंद्र सिंह ने गाया था और इसके बोल मशहूर गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे थे. म्यूजिक आर.डी. बर्मन का था.
'होगा तुमसे प्यारा कौन' में जो रेलगाड़ी के चलने की जो आवाज आती है उस आवाज को आर.डी. बर्मन ने सैंडपेपर (रेगमाल) को रगड़कर निकाला था. जब आप इस गाने को सुनते हैं तो इस बात का बिल्कुल भी एहसास नहीं होता है. यही आरडी के म्यूजिक की खासियत भी है. जरा इसके बोलों पर नजर दौड़ाएं कितने कमाल की शायरी है..
अरे होगा तुमसे प्यारा कौन, हमको तो तुमसे है हे कांची
अरे होगा तुमसे प्यारा कौन, हमको तो तुमसे है हे कांची...
ओ ऊंचे घर वाली हो या गलियों की रानी, कोई हो तुम रहती हो कहीं
हो ऊंचे घर वाली हो या गलियों की रानी, कोई हो तुम रहती हो कहीं
तुमसे बढ़ के यारा कौन हमको तो तुमसे है हे हे कांची
फिल्म में 'दिल लेना खेल है दिलदार का' और 'पूछो ना यार क्या हुआ' जैसे गीत भी शामिल थे. फिल्म का साउंडट्रैक सुपरहिट रहा था.
फिल्म की कहानी और स्टार कास्ट
'जमाने को दिखाना है' रोमांटिक थ्रिलर है. जिसे नासिर हुसैन ने डायरेक्ट किया था. फिल्म की पटकथा सचिन भौमिक ने लिखी थी और डायलॉग नासिर हुसैन के थे. फिल्म में ऋषि कपूर ने रवि नंदा और पद्मिनी कोल्हापुरे ने कंचन की भूमिका निभाई. अमजद खान, कादर खान, योगिता बाली, ओम शिवपुरी, सिंपल कपाड़िया और श्रीराम लागू भी अहम किरदारों में दिखे. फिल्म की कहानी एक अमीर परिवार, रिश्तों, प्रेम और पारिवारिक टकराव के इर्द-गिर्द घूमती है.
'जमाने को दिखाना है' फिल्म से जुड़ी सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसका म्यूजिक सुपरहिट होने के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कामयाबी हासिल नहीं कर सकी. फिल्म 5 फरवरी 1982 को रिलीज हुई थी.
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