दूरदर्शन पर टेलीकास्ट होने वाला ऐतिहासिक शो ‘द स्वॉर्ड ऑफ टीपू सुल्तान' अपनी ग्रैंडनेस के लिए पॉपुलर था. इस शो को दर्शकों के खूब प्यार मिला. ये शो आज भी फैन्स की यादों में ताजा है. एक तो शो खास इस पर इसके सेट पर एक ऐसी घटना हुई कि जिसे लोग आज तक भुला नहीं पाए हैं और जब भी इसकी बात होती है तो लोग सिहर उठते हैं. यह शो 1990 के दशक की शुरुआत में आया था और दूरदर्शन पर 25 फरवरी 1990 से 14 अप्रैल 1991 तक दिखाया गया.
शो के प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और लीड एक्टर संजय खान थे. शो में अनंत महादेवन, दीपिका चिखलिया और शहबाज खान जैसे कलाकार भी अहम किरदारों में नजर आए. इस शो की शूटिंग के दौरान 8 फरवरी 1989 को एक भयावह हादसा हुआ. कर्नाटक के मैसूर स्थित प्रीमियर स्टूडियो में एक बड़े सीन की तैयारी चल रही थी तभी अचानक आग लग गई. स्टूडियो में वेंटिलेशन की ठीक व्यवस्था नहीं थी और सेट पर आतिशबाजी जैसी ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी. इसके चलते आग तेजी से फैल गई और पूरे परिसर में हाहाकार मच गया.
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बताया जाता है कि इस हादसे में 52 से ज्यादा लोगों की जान चली गई. इनमें ज्यादातर जूनियर कलाकार, तकनीशियन और क्रू मेंबर शामिल थे. लीड एक्टर और डायरेक्टर संजय खान भी बुरी तरह झुलस गए. उन्हें तेरह महीने अस्पताल में रहना पड़ा और सत्तर से ज्यादा सर्जरी करानी पड़ीं. गंभीर चोटों के बावजूद संजय खान ने हिम्मत नहीं हारी और ठीक होने के बाद शो को पूरा किया.
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यह घटना भारतीय टेलीविजन इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में से एक मानी जाती है. उस समय सेफ्टी के इंतजाम आज जैसे नहीं थे. यही वजब है कि इतना बड़ा नुकसान हुआ. ‘द स्वॉर्ड ऑफ टीपू सुल्तान' अपनी कहानी और प्पेशकश के लिए सराहा गया, लेकिन उसके सेट पर हुई यह ट्रैजेडी आज भी लोगों को याद दिलाती है कि फिल्म और टीवी मेकिंग में सिक्यौरिटी का कितना बड़ा रोल है.