हिंदी सिनेमा में लोरियों की अपनी एक अलग जगह रही है. पुरानी फिल्मों में 'मेरी घर आई एक नन्हीं परी' से 'लेकर लल्ला लल्ला लोरी' और 'छोटी सी प्यारी सी नन्हीं सी आई एक परी' जैसे कई गाने हैं. ये गाने आज तक खूब सुने और गाए जाते हैं. हम आज आपको इसी लीग के एक और गाने से मिलवाने जा रहे हैं जिसे श्रीदेवी और वहीदा रहमान पर फिल्माया गया था. इस गाने में केवल मीठे सपनों की बातें नहीं थीं बल्कि छोटी सी बिटिया को राजकुंवर के आने के सपने भी दिखाए गए थे.
ये गाना यश चोपड़ा की फिल्म लम्हे (1991) में आया था. “गुड़िया रानी” नाम से आया ये गाना सिर्फ एक गीत नहीं बल्कि मां-बेटी के रिश्ते की सबसे कोमल विजुअलाइजेशन है. यह गाना सुनते ही मन बचपन की यादों में खो जाता है. लता मंगेशकर की मधुर आवाज में जब “गुड़िया रानी, बिटिया रानी…” सुनाई देता है, तो ऐसा लगता है जैसे कोई बुजुर्ग मां या दादी अपनी छोटी-सी गुड़िया को गोद में लेकर प्यार से सुला रही हो.
गुड़िया रानी लोरी का एहसास और भाव
यह गाना पूरी तरह से लोरी की तरह है. इसमें बेटी को राजकुमारी बताते हुए उसके भविष्य की खूबसूरत कल्पना की गई है. दाई जान के किरदार में वहीदा रहमान बच्ची से कहती हैं कि परियों की नगरी से एक राजकुमार आएगा और वो उसे महलों में ले जाएगा. लेकिन इसके साथ ही एक गहरी फीलिंग भी जुड़ी है. गाने में यह बात भी कही गई है कि जब बेटी जवान होगी तब मां बुढ़िया हो जाएगी, लेकिन पुरानी प्रीत कभी न भूलना. यह सरल-सा भाव इतना मार्मिक है कि कई मांएं आज भी अपनी बेटियों को सुलाने के लिए यही गाना गुनगुनाती हैं. गाने का धीमा म्यूजिक दिल को शांत कर देता है.
किसने लिखी थी श्रीदेवी और वहीदा रहमान पर फिल्माई गई ये लोरी
लम्हे फिल्म के इस पॉपुलर गाने को लता मंगेशकर ने आवाज दी थी. इसके बोल लिखे थे आनंद बक्शी ने और म्यूजिक से सजाने की जिम्मेदारी शिव-हरि (पंडित शिवकुमार शर्मा और पंडित हरिप्रसाद चौरसिया) ने संभाली थी. शिव-हरि की जोड़ी ने इस गाने को शास्त्रीय संगीत की खुशबू दी. लता जी की आवाज में वह मां जैसा प्यार और कोमलता है, जो गाने को अमर बना देती है.