हिंदी सिनेमा का 34 साल पुराना एक गाना है जिसे लेकर सोशल मीडिया पर अकसर मीम बनते हैं. एक्शन फिल्म का ये रोमांटिक गाना बहुत ही कमाल है. जिसमें बारिश है, सुपरस्टार हैं और शायर के कमाल के शब्द भी है. हम बात कर रहे हैं 1992 की फिल्म यलगार के गाने 'आखिर तुम्हें आना है' की. फिरोज खान की इस एक्शन-ड्रामा में संजय दत्त और नगमा के बीच बारिश में फिल्माया गया यह सीक्वेंस बॉलीवुड के सबसे यादगार रोमांटिक नंबरों में शुमार है. उदित नारायण और सपना मुखर्जी की आवाजों ने इसे सदाबहार क्लासिक बना दिया. आइए जानते हैं इस गाने और फिल्म के बारे में कुछ दिलचस्प बातें.
34 साल पुराना गाना, शायरी का कमाल
संजय दत्त की यलगार मूवी में 23 अक्टूबर 1992 को रिलीज हुई थी. फिरोज खान ने खुद निर्देशन और निर्माण का जिम्मा संभाला. संजय दत्त, नगमा, मनीषा कोइराला और कबीर बेदी मुख्य भूमिकाओं में थे. संगीत चन्नी सिंह का था और बोल सुदर्शन फाकिर ने लिखे. गाना शुरू होता है, 'ऐ मेरी हमराज मुझको थाम ले, जिंदगी से भाग कर आया हूं', और फिर बारिश का बहाना बन जाता है. 'आखिर तुम्हें आना है, जरा देर लगेगी' वाली लाइन आज भी कानों में गूंजती है.
सीक्वेंस की खास बात यह है कि हीरो सिर्फ नाचता नहीं. पत्नी का दिल जीतने के लिए डांस के बीच अचानक कुंग फू करने लगता है, जो कुछ अटपटे लगते हैं. इस पर सोशल मीडिया पर खूब मीम्स भी बनते हैं. यूट्यूब कमेंट्स में लोग आज भी 'संजय दत्त कुंग फू डांस' सर्च करते हैं.
उदित नारायण और सपना मुखर्जी की जुगलबंदी
उदित नारायण की भावुक और सपना मुखर्जी की मधुर आवाज गाने की जान हैं. दोनों की जुगलबंदी ने बोलों को गहराई दी. 'तुम होते जो दुश्मन तो कोई बात ही क्या थी, अपनों को मनाना है' जैसी लाइनें रिश्ते की पेचीदगी को छूती हैं. चन्नी सिंह का म्यूजिक भी इस गाने को खास बनाता है.
यलगार कॉमर्शियल रूप से औसत रही. फिल्म का बजट तीन करोड़ रुपये था जबकि इसका कलेक्शन सात करोड़ रुपये वर्ल्डवाइड रहा. इसका म्यूजिक और खासकर यह गाना फिल्म से आगे निकल गया. संजय दत्त की फिटनेस और डांस स्टाइल ने गाने को एक्शन हीरो के रोमांटिक साइड से जोड़ा.