बॉलीवुड में देओल परिवार का दबदबा रहा है. ही-मैन धर्मेंद्र के बाद उनके दोनों बेटे सनी और बॉबी देओल भी सुपरस्टार हैं. ये तिकड़ी जब पहली बार फिल्मी पर्दे पर नजर आई तो ये दर्शकों को लिए विजुअल ट्रीट की तरह था. तीनों के फैंस ने फिल्म को हाथों हाथ लिया और फिल्म बेहद सफल रही. ऐसे में फिल्म के निर्माताओं ने इसकी सिक्वल बनाने का फैसला लिया लेकिन इस बार दर्शकों को कहानी कमजोर लगी. 7 साल में एक ही नाम से आई तीन फिल्में लेकिन तीनों का अंजाम अलग-अलग रहा. हम बात कर रहे हैं फिल्म यमला पगला दीवाना की.
2011 में आई यमला पगला दीवाना
साल 2011 में समीर कार्णिक ने फिल्म यमला पगला दीवाना बनाई. फिल्म में धर्मेंद्र, सनी और बॉबी देओल पहली बार पर्दे पर एक साथ नजर आए. फिल्म में धर्मेंद्र और बॉबी ने धोखाधड़ी करने वाले चोरों के रोल में थे. वहीं सनी देओल एक ईमानदार NRI में हैं, जो अपने छोटे भाई और पिता को सुधारने आए आते हैं. फिल्म में कॉमेडी भी है और पारिवारिक इमोशन्स भी, इसलिए इसे काफी पसंद किया गया. ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और अच्छा कारोबार किया.
दूसरी फिल्म रही फ्लॉप
पहली फिल्म की सफलता के बाद मेकर्स ने सोचा की इस तिकड़ी को फिर से दोहराया जाए. साल 2013 में यमला पगला दीवाना 2 आई. लेकिन इस बार पहले वाला जादू नहीं चल पाया और फिल्म फ्लॉप हो गई.
तीसरी फिल्म ने डूबा दिया नाम
धर्मेंद्र, सनी देओल और बॉबी देओल की फिल्म 'यमला पगला दीवाना: फिर से' रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर सुपर फ्लॉप साबित हुई. हालात ऐसे थे कि फिल्म अपनी लागत भी वसूल नहीं कर पाई. हालांकि, धर्मेंद्र को पहले से ही पता था कि यह फिल्म फ्लॉप होगी. बॉक्स ऑफिस इंडिया के अनुसार, फिल्म निर्माताओं ने 'यमला पगला दीवाना: फिर से' बनाने में 35 करोड़ रुपये खर्च किए थे. लेकिन, रिलीज के बाद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पूरी तरह से फ्लॉप रही
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भारत में, 'यमला पगला दीवाना: फिर से' सिर्फ 12 करोड़ रुपये का ही कारोबार कर पाई. वहीं, दुनिया भर में फिल्म का कुल कलेक्शन सिर्फ 15.40 करोड़ रुपये रहा. इस तरह, धर्मेंद्र, सनी और बॉबी की यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर डिजास्टर साबित हुई.