बॉलीवुड में कई ऐसी फिल्में बनी हैं जिन्हें रिलीज से पहले ही कमजोर मान लिया गया, लेकिन पर्दे पर आते ही उन्होंने इतिहास रच दिया. साल 2006 में आई एक मल्टीस्टारर फिल्म के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था. मेकर्स को डर था कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट जाएगी और भारी नुकसान झेलना पड़ेगा. हालत ऐसी हो गई थी कि उन्होंने कलाकारों से अपनी फीस वापस करने तक की अपील कर दी. हैरानी की बात यह रही कि फिल्म की पूरी स्टारकास्ट ने बिना किसी विवाद के मेकर्स का साथ दिया. लेकिन रिलीज के बाद यही फिल्म युवाओं की आवाज बन गई, रिकॉर्डतोड़ कमाई की और दर्जनों अवॉर्ड जीतकर हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार फिल्मों में शामिल हो गई.
रिलीज से पहले मेकर्स को था भारी नुकसान का डर
हम बात कर रहे हैं आमिर खान स्टारर ‘रंग दे बसंती' की, जिसे राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने डायरेक्ट किया था. फिल्म में देशभक्ति, दोस्ती और सिस्टम के खिलाफ युवाओं के गुस्से को बेहद अलग अंदाज में दिखाया गया था. हालांकि रिलीज से पहले मेकर्स को इसकी कहानी काफी रिस्की लग रही थी. उस दौर में इस तरह के विषय पर बनी फिल्में ज्यादा सफल नहीं मानी जाती थीं. यही वजह थी कि प्रमोशन के दौरान प्रोड्यूसर्स ने कलाकारों से फीस वापस करने की गुजारिश की थी, क्योंकि उन्हें डर था कि फिल्म लागत भी नहीं निकाल पाएगी.
सोहा अली खान ने सुनाया था दिलचस्प किस्सा
फिल्म में अहम किरदार निभाने वाली सोहा अली खान ने एक इंटरव्यू में बताया था कि मेकर्स फिल्म को लेकर बिल्कुल भी कॉन्फिडेंट नहीं थे. उन्होंने कहा था कि रिलीज से पहले सभी कलाकारों को फोन कर फीस लौटाने की बात कही गई थी. दिलचस्प बात यह रही कि किसी स्टार ने इस पर आपत्ति नहीं जताई. सभी ने फिल्म और मेकर्स पर भरोसा दिखाते हुए उनका साथ दिया. लेकिन जैसे ही फिल्म सिनेमाघरों में पहुंची, इसका असर लोगों पर साफ दिखाई देने लगा. युवाओं के बीच फिल्म के डायलॉग, गाने और कहानी जबरदस्त तरीके से लोकप्रिय हो गए.
28 करोड़ की फिल्म ने दुनियाभर में कमाए 97 करोड़
करीब 28 करोड़ रुपये के बजट में बनी ‘रंग दे बसंती' ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म ने दुनियाभर में लगभग 97 करोड़ रुपये की कमाई की थी. फिल्म में आमिर खान, आर माधवन, सिद्धार्थ, कुणाल कपूर, शरमन जोशी, अतुल कुलकर्णी, सोहा अली खान, वहीदा रहमान और एलिस पैटन समेत कई कलाकार नजर आए थे. IMDb पर फिल्म को 8.1 की शानदार रेटिंग मिली. इतना ही नहीं, इस फिल्म ने नेशनल अवॉर्ड, फिल्मफेयर, आईफा और जी सिने अवॉर्ड्स समेत कुल 49 पुरस्कार अपने नाम किए थे. आज भी इसे हिंदी सिनेमा की सबसे प्रभावशाली फिल्मों में गिना जाता है.
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