20 साल पुराना सुदेश भोसले का वो गाना, दूल्हा लेकर पहुंचे बारात तो आज भी बढ़ा देता है शादी की रौनक, रविंद्र जैन के संगीत ने बनाया अमर

शादी-ब्याह की रौनक बढ़ाने वाले कुछ गाने वक्त के साथ पुराने नहीं पड़ते. 20 साल पहले आया यह सदाबहार गीत भी ऐसा ही है, जिसकी धुन आज भी बारात के दुल्हन के द्वार पहुंचने वाले खास पल को यादगार बना देती है.

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शहिद कपूर की फिल्म का यह गाना शादी-ब्याह में जरूर है बजता

शादी का माहौल हो और बैंड-बाजा बजने लगे, तो हर तरफ खुशियों का माहौल बन जाता है. दूल्हे की बारात जब दुल्हन के दरवाजे पर पहुंचती है, तो नाच-गाने के बिना यह जश्न अधूरा लगता है. हिंदी सिनेमा में भी शादियों को खास बनाने वाले कई गाने बने हैं, लेकिन कुछ गीत ऐसे हैं जो सालों बाद भी लोगों की जुबान पर रहते हैं. ‘तेरे द्वारे पे आई बारात' ऐसा ही एक गाना है, जिसे सुनते ही शादी का माहौल आंखों के सामने आ जाता है. इस गीत की खासियत इसके बोल, संगीत और बारात की खुशी को बयां करने वाला अंदाज है. यही वजह है कि यह गाना आज भी शादी-ब्याह के मौकों पर खूब पसंद किया जाता है.

दूल्हे की बारात और खुशियों का जश्न

‘तेरे द्वारे पे आई बारात' गाने में बारात लेकर दुल्हन के घर पहुंचे दूल्हे की खुशी दिखाई देती है. यह सिर्फ एक शादी का गीत नहीं, बल्कि उस खास पल का एहसास है, जब दो परिवार एक नए रिश्ते में बंधने जा रहे होते हैं. गाने के बोल शादी के उत्साह और दुल्हन को अपने घर ले जाने की खुशी को जाहिर करते हैं. सुदेश भोसले की आवाज ने इस गीत में जोश भरा, वहीं रवींद्र जैन के संगीत और रचना ने इसे यादगार बना दिया.

इस गाने की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे सुनते ही शादी की रस्में, सजे हुए घर, नाचते-गाते बाराती और दुल्हन के परिवार की तैयारियां याद आने लगती हैं. यही वजह है कि समय बदलने के बावजूद ऐसे गानों की लोकप्रियता कम नहीं होती.

सुदेश भोसले और रवींद्र जैन का खास अंदाज

सुदेश भोसले अपनी दमदार आवाज और गायकी के अलग अंदाज के लिए जाने जाते हैं. वहीं रवींद्र जैन हिंदी सिनेमा के उन संगीतकारों और गीतकारों में शामिल रहे, जिन्होंने अपने संगीत से कई यादगार गीत दिए. उनके संगीत में भारतीय परंपरा और भावनाओं की झलक देखने को मिलती है. ‘तेरे द्वारे पे आई बारात' में भी शादी की खुशी और पारिवारिक माहौल का एहसास मिलता है.

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शादी के गानों की बात हो, तो आज भी लोग ऐसे गीतों को अपनी प्लेलिस्ट में जगह देते हैं, जो माहौल में रौनक भर दें. यही कारण है कि यह गाना बारात और शादी के जश्न से जुड़ी यादों में अपनी खास जगह बनाए हुए है.

सदाबहार गानों में क्यों होती है ऐसी खास जगह?

आज शादियों में डीजे और नए गानों का खूब चलन है, लेकिन पुराने हिंदी फिल्मी गीतों का आकर्षण अब भी कायम है. ‘तेरे द्वारे पे आई बारात' जैसे गाने खुशी के उस पारंपरिक रंग को सामने लाते हैं, जो भारतीय शादियों की पहचान है. बारात का स्वागत हो या शादी की कोई खास रस्म, ऐसे गीत माहौल को खुशनुमा बना देते हैं.

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यही वजह है कि पुराने शादी के गाने केवल फिल्मों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि असल जिंदगी के जश्न का भी हिस्सा बन जाते हैं. ‘तेरे द्वारे पे आई बारात' भी ऐसा ही गीत है, जो शादी की खुशियों को संगीत के जरिए खास बना देता है.

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