सोनी सब का नया शो "हुई गुम यादें – एक डॉक्टर, दो ज़िंदगियां" आज से यानी 6 अप्रैल रात 8 बजे से होने वाला है. यह सीरीज, विश्वभर में सराही गई इटैलियन ड्रामा डीओसी(डॉक)- नेल्ले तुए मानी से रूपांतरित है और भारतीय दर्शकों के लिए लेकर आ रही है एक दिल छू लेने वाली कहानी – हिम्मत, नए सिरे से जीने की कोशिश और ज़िंदगी में मिलने वाले दूसरे मौकों की ताक़त की. इस शो में मशहूर कलाकार इकबाल खान, गुलकी जोशी और सृष्टि सिंह नजर आएंगे. "यादें" का सफ़र एक संवेदनशील मेडिकल पृष्ठभूमि पर आधारित है, जहां एक डॉक्टर अपने अतीत से जूझते हुए अपनी पहचान और मक़सद को फिर से खोजने की कोशिश करता है.
इकबाल खान निभाएंगे डॉक्टर देव मेहता का किरदार
कहानी के केंद्र में है डॉ. देव मेहता, जिसे इक़बाल खान निभा रहे हैं. देव एक बेहद होनहार डॉक्टर है, जिसकी जिंदगी एक हादसे के बाद पूरी तरह बदल जाती है. इस हादसे में उसकी आठ साल की यादें मिट जाती हैं. अपने अतीत और बनाई हुई जिंदगी से वंचित, देव को अब अनजाने रास्तों पर चलना पड़ता है और उस शख़्सियत का सामना करना पड़ता है जिसे वह खुद भी याद नहीं कर पाता. इसके बाद शुरू होती है एक गहरी और भावनात्मक यात्रा – जहां देव अपने करियर को फिर से संवारता है, टूटे रिश्तों को जोड़ने की कोशिश करता है और डॉक्टर होने के साथ-साथ इंसानियत को और ज़्यादा अपनाता है. यह सफ़र उसे ज़िंदगी और इलाज दोनों को नए नज़रिए से देखने की ताक़त देता है.
एक्स वाइफ का किरदार निभाएंगी गुलकी जोशी
गुलकी जोशी निभा रही हैं सृष्टि का किरदार – देव की पूर्व पत्नी. सृष्टि एक मज़बूत और समझदार डॉक्टर है, जिसने अपने बच्चों की परवरिश के लिए मेडिकल करियर को पीछे छोड़ दिया और अब अस्पताल का प्रशासन संभालती है. देव और सृष्टि का टूटा हुआ रिश्ता तब और परखा जाता है जब देव की याददाश्त खोने के बाद वह उसका ऐसा रूप देखती है जिसे वह हमेशा के लिए खो चुका मानती थी. कहानी में भावनाओं की एक और परत जोड़ती हैं सृष्टि सिंह, जो निभा रही हैं वाणी का किरदार – एक महत्वाकांक्षी रेज़िडेंट डॉक्टर, जिसने कभी देव को अपना आदर्श माना था. इस नए अध्याय में वाणी, देव की सबसे करीबी साथी बन जाती है. देव और वाणी का बदलता रिश्ता दोनों की ज़िंदगियों को नई दिशा देता है.
इस सीरीज का है रुपांतरण
सोबो फ़िल्म्स द्वारा निर्मित यादें डीओसी(डॉक) का आधिकारिक भारतीय रूपांतरण है. डीओसी(डॉक) एक विश्व-प्रसिद्ध श्रृंखला है जिसे पांच से अधिक देशों में सफलतापूर्वक रूपांतरित किया जा चुका है. अपनी भावनात्मक मूल भावना के प्रति सच्चे रहते हुए, भारतीय रूपांतरण को सोच-समझकर इस तरह से पुनः कल्पित किया गया है कि यह भारतीय दर्शकों के साथ गहराई से जुड़ सके. इसमें पारिवारिक रिश्तों और संबंधों को केंद्र में रखा गया है.
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