सानिया मिर्जा की ऑटोबायोग्राफी का विमोचन हैदराबाद में बुधवार को शाहरुख खान ने किया
- सानिया ने कहा, 'हमारे पास मेडल जीतने का सुनहरा मौका था, लेकिन...'
- 'ईगो' के खेल में हम मेडल जीतने का चांस गंवा बैठे
- मेरी देशभक्ति पर सवाल उठाने का अधिकार किसी को नहीं है
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नई दिल्ली:
महिला डबल्स टेनिस में वर्ल्ड नंबर वन सानिया मिर्जा की ऑटोबायोग्राफी 'ऐस अगेंस्ट ऑड्स' पिछले दिनों रिलीज हुई है। NDTV की स्पेशल सीरीज 'द टाउनहाल' में उन्होंने अलग-अलग विवादों, देशभक्ति के संबंध में उनसे पूछे जाने वाले सवालों, अपने धर्म और एक पाकिस्तानी से शादी करने जैसे मुद्दों पर अपनी राय रखी।
सानिया ने लंदन ओलिंपिक से पहले वरिष्ठ टेनिस खिलाड़ियों के विवाद को लेकर कहा कि पुरुष खिलाड़ी लिएंडर पेस और महेश भूपति के 'ईगो' को शांत करने के लिए उन्हें 'मोहरे' की तरह इस्तेमाल किया गया था।
उन्होंने कहा, 'वह एक तरफ महेश, तो दूसरी तरफ लिएंडर को खुश करने की कोशिश कर रहे थे और इस प्रक्रिया में वह यह भूल गए कि उनके अलावा कोई अन्य व्यक्ति भी है।' उन्होंने आगे कहा, 'हमारे पास मेडल जीतने का सुनहरा मौका था, लेकिन अंत में यह किसी अन्य के पास चला गया।'
सानिया ने लंदन ओलिंपिक विवाद पर कहा, 'महेश और लिएंडर को खुश करने के चक्कर में अधिकारी यह भूल गए कि मैं भी वहां थी... मैंने बहुत बेइज्जत महसूस किया। महेश और मेरी जोड़ी के मेडल जीतने के चांस सबसे अधिक थे, लेकिन 'ईगो' के खेल में हम मेडल का चांस गंवा बैठे।'
इस बातचीत में सानिया ने कई चीजें सामने रखीं, जिनमें से खास यह हैं-
सानिया ने लंदन ओलिंपिक से पहले वरिष्ठ टेनिस खिलाड़ियों के विवाद को लेकर कहा कि पुरुष खिलाड़ी लिएंडर पेस और महेश भूपति के 'ईगो' को शांत करने के लिए उन्हें 'मोहरे' की तरह इस्तेमाल किया गया था।
उन्होंने कहा, 'वह एक तरफ महेश, तो दूसरी तरफ लिएंडर को खुश करने की कोशिश कर रहे थे और इस प्रक्रिया में वह यह भूल गए कि उनके अलावा कोई अन्य व्यक्ति भी है।' उन्होंने आगे कहा, 'हमारे पास मेडल जीतने का सुनहरा मौका था, लेकिन अंत में यह किसी अन्य के पास चला गया।'
सानिया ने लंदन ओलिंपिक विवाद पर कहा, 'महेश और लिएंडर को खुश करने के चक्कर में अधिकारी यह भूल गए कि मैं भी वहां थी... मैंने बहुत बेइज्जत महसूस किया। महेश और मेरी जोड़ी के मेडल जीतने के चांस सबसे अधिक थे, लेकिन 'ईगो' के खेल में हम मेडल का चांस गंवा बैठे।'
इस बातचीत में सानिया ने कई चीजें सामने रखीं, जिनमें से खास यह हैं-
- जब मैंने टेनिस खेलने का फैसला किया तो मैं अमेरिका में थी, लेकिन वहां ऐसा करना काफी महंगा था, जिसका खर्च मेरे मता-पिता नहीं उठा सकते थे।
- यदि मैं अमेरिका से वापस नहीं आती, तो कभी भी टेनिस प्लेयर नहीं बन पातीं
- जब मैं छोटी थी, तो मेरे कजिन्स मुझे कोर्ट से यह कहते हुए खींचकर ले गए कि तुम लड़की हो, इसलिए टेनिस नहीं खेल सकती।
- हमने काफी संघर्ष किया है। पैसों की कमी के चलते हम अपनी डीजल वाली कार में टेनिस टूर्नामेंट खेलने जाते थे और होटल के बिल बचाने के लिए उसी में सो जाते थे।
- मेरी देशभक्ति पर सवाल उठाने या मैं देश में रहूं या नहीं, यह सवाल करने का अधिकार किसी को नहीं है।
- हो सकता है कि मुझे एक महिला होने के नाते निशाना बनाया जा रहा हो, या इसलिए कि मैं विचारशील हूं और जो सोचती हूं वह कह देती हूं।
- हम शोएब को मीडिया से बचाते हुए जिस तरह से दुबई से मुंबई और फिर वहां से हैदराबाद लाए थे, वह घटना किसी ब्लॉकबस्टर मूवी की तरह थी।
- मेरे शोएब से शादी कर लेने पर लोग खुद को ठगा महसूस करते हैं। यह अपने आप में एक अनूठा प्यार था।
- शोएब और मेरे बीच में कभी भी राष्ट्रीयता बदलने को लेकर चर्चा नहीं हुई।
- मुझे इस बात से भय लगता है कि कैसे लोग अन्य लोगों को राष्ट्रीयता, धर्म, जाति और रंग के आधार पर आंकते हैं।
- लोग कैसे यह कह सकते हैं कि फला आदमी से बात मत करो, वह आपके ईश्वर को नहीं मानता या फला व्यक्ति से शादी मत करो वह पाकिस्तान का है। इस बारे में मेरा यह कहना है कि यह सब कुंठित मानसिकता वाले कमेंट हैं।
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