प्रतीकात्मक फोटो...
- भारत की तीन सदस्यीय मुक्केबाजी टीम लेगी ओलिंपिक में हिस्सा.
- पिछले ओलिंपिक में आठ भारतीय मुक्केबाजों ने लिया था हिस्सा.
- मुक्केबाजी में भारत ने अब तक जीते हैं 2 ओलिंपिक पदक.
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रियो डी जेनेरो:
भारत के तीन सदस्यीय मुक्केबाजी दल को कल से रियो में शुरू हो रही ओलिंपिक की स्पर्धा में कड़ी चुनौती मिलेगी लेकिन उनका इरादा भारत में लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक अस्थिरता से त्रस्त हो चुके खेल का पुनरोत्थान करना है.
शिवा थापा (56 किलो), मनोज कुमार (64 किलो) और विकास कृष्णन (75 किलो) ओलिंपिक की मुक्केबाजी स्पर्धा में भारतीय चुनौती पेश करेंगे. लंदन ओलिंपिक में भारत के आठ मुक्केबाज उतरे थे.
इन तीनों में सिर्फ विकास को सातवीं वरीयता मिली है जबकि किसी को भी पहले दौर में बाय नहीं मिला है. एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता और विश्व चैम्पियनशिप के कांस्य पदक विजेता विकास का सामना 10 अगस्त को 18 बरस के अमेरिकी चार्ल्स कोनवेल से होगा.
शिवा नौ अगस्त को क्यूबा के छठी वरीयता प्राप्त रोबेइसी रामिरेज से खेलेंगे. दोनों का सामना 2010 युवा ओलिंपिक फाइनल में हो चुका है जिसमें शिवा को पराजय झेलनी पड़ी थी.
राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक विजेता रहे मनोज 10 अगस्त को लिथुआनिया के पूर्व युवा ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता एवाल्डास पेत्राउस्कास से खेलेंगे .
मुक्केबाजी में भारत ने अभी तक दो ओलिंपिक पदक जीते हैं. बीजिंग ओलिंपिक 2008 में विजेंदर सिंह ने 75 किलो में कांस्य पदक जीता था जबकि 2012 में एम सी मेरीकाम ने महिलाओं के 51 किलो में कांस्य पदक हासिल किया . इस बार कोई भारतीय महिला मुक्केबाज क्वालीफाई नहीं कर सकी है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
शिवा थापा (56 किलो), मनोज कुमार (64 किलो) और विकास कृष्णन (75 किलो) ओलिंपिक की मुक्केबाजी स्पर्धा में भारतीय चुनौती पेश करेंगे. लंदन ओलिंपिक में भारत के आठ मुक्केबाज उतरे थे.
इन तीनों में सिर्फ विकास को सातवीं वरीयता मिली है जबकि किसी को भी पहले दौर में बाय नहीं मिला है. एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता और विश्व चैम्पियनशिप के कांस्य पदक विजेता विकास का सामना 10 अगस्त को 18 बरस के अमेरिकी चार्ल्स कोनवेल से होगा.
शिवा नौ अगस्त को क्यूबा के छठी वरीयता प्राप्त रोबेइसी रामिरेज से खेलेंगे. दोनों का सामना 2010 युवा ओलिंपिक फाइनल में हो चुका है जिसमें शिवा को पराजय झेलनी पड़ी थी.
राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक विजेता रहे मनोज 10 अगस्त को लिथुआनिया के पूर्व युवा ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता एवाल्डास पेत्राउस्कास से खेलेंगे .
मुक्केबाजी में भारत ने अभी तक दो ओलिंपिक पदक जीते हैं. बीजिंग ओलिंपिक 2008 में विजेंदर सिंह ने 75 किलो में कांस्य पदक जीता था जबकि 2012 में एम सी मेरीकाम ने महिलाओं के 51 किलो में कांस्य पदक हासिल किया . इस बार कोई भारतीय महिला मुक्केबाज क्वालीफाई नहीं कर सकी है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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