सानिया मिर्जा और रोहन बोपन्ना की जोड़ी मिक्स्ड डबल्स में उतरेगी (फाइल फोटो)
- महिला डबल्स से बाहर, मिक्स्ड डबल्स में पदक जीतने की उम्मीद जताई
- इस इवेंट में रोहन बोपन्ना के साथ जोड़ी बनाकर उतरेंगी सानिया मिर्जा
- कहा-हम अपनी ओर से सर्वश्रेष्ठ कोशिश ही कर सकते हैं
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रियो डि जेनेरो:
भारत के लिए शनिवार का दिन निराशाभरा रहा. खासतौर से टेनिस में उसे दोहरा झटका सहना पड़ा, जिसमें पुरुष डबल्स में लिएंडर पेस और रोहन बोपन्ना की हार के बाद महिला डबल्स में सानिया मिर्जा और प्रार्थना थंबोरे की जोड़ी भी बाहर हो गई. इस हार के बावजूद आक्रामक सानिया मिर्जा के हौसले पस्त नहीं हुए हैं और उन्हें मिक्स्ड डबल्स में पदक जीतने का भरोसा है. उन्होंने कहा है कि वह इसके लिए पूरा जोर लगा देंगी. इसमें उनकी जोड़ी रोहन बोपन्ना के साथ होगी.
सानिया ने मिक्स्ड डबल्स के बारे में कहा, ‘‘यहां कड़ी चुनौती है, इसलिए यह ओलिंपिक है. भारत के लिए पदक जीतने के लिए हम वह सबकुछ करेंगे जो हम कर सकते हैं. अगर हम नहीं जीतते हैं तो ये दुर्भाग्यपूर्ण होगा, लेकिन हम अपनी जान लगा देंगे.’’
महिला डबल्स में लगभग दो घंटे 44 मिनट तक चले मैच में सानिया और थोंबारे को चीन की शुआई पेंग-शुआई झांग की जोड़ी ने 7-6 (8-6), 5-7, 7-5 से हरा दिया. इसके बाद सानिया ने मीडिया से कहा कि हम अपना बेहतर प्रयास ही कर सकते हैं. भारतीय हमसे हमेशा गोल्ड की उम्मीद रखते हैं, लेकिन हर बार ऐसा संभव नहीं होता.
सानिया मिर्जा ने कहा, ‘‘मैं कैसा भी खेलूं, लेकिन भारत मुझसे हमेशा से स्वर्ण की उम्मीद करता है. आखिरकार हम लोग केवल कोशिश कर सकते हैं. खेल में किसी चीज की गारंटी नहीं होती. हम लोग सिर्फ कोशिश करके अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकते हैं.’’
टेनिस के पुरुष और महिला डबल्स में भारत को मिली हार के बाद अब मिक्स्ड डबल्स में ही भारत की एकमात्र उम्मीद बची है, जिसमें रोहन बोपन्ना और सानिया की जोड़ी देश का प्रतिनिधित्व करेगी. कड़ी चुनौती के बावजूद मिली हार के बाद हैदराबाद की खिलाड़ी ने अपनी जोड़ीदार थोंबारे का बचाव किया. हालांकि उन्होंने कहा कि मिक्स्ड डबल्स भी इतना ही कड़ा होगा.
सानिया ने कहा, ‘‘उसकी आलेचना करना बंद करिए, वह विश्व में 190वें स्थान पर है. उसने उन लोगों के साथ खेला जो शीर्ष 50 में हैं. उसके साथ इतना कड़ा रुख अख्तियार करने की जरूरत नहीं है. हमने विश्व की सबसे अच्छी जोड़ियों में से एक के खिलाफ दो घंटे 44 मिनट तक कड़ी चुनौती पेश की.’’
महान क्रिकेट खिलाड़ी और सदभावना दूत सचिन तेंदुलकर और अन्य टेनिस खिलाड़ियों लिएंडर पेस और बोपन्ना की उपस्थिति में पहले सेट में कड़ी चुनौती देने के बाद सानिया और थोंबारे की जोड़ी ने मैच को बराबरी पर करने से पूर्व दूसरे सेट में 5-2 की बढ़त हासिल कर ली थी.
तेंदुलकर की मौजूदगी को लेकर उन्होंने कहा, ‘‘मैं गौरवान्वित महसूस कर रही हूं. ओलंपिक के लिए वह हमारे सद्भावना दूत हैं. उनका आना और मैच देखना बहुत ही अच्छी चीज है. आशा है कि कुछ और टेनिस देखने के लिए यहां कुछ और दिन वह यहां रुकेंगे.’’
सानिया ने मिक्स्ड डबल्स के बारे में कहा, ‘‘यहां कड़ी चुनौती है, इसलिए यह ओलिंपिक है. भारत के लिए पदक जीतने के लिए हम वह सबकुछ करेंगे जो हम कर सकते हैं. अगर हम नहीं जीतते हैं तो ये दुर्भाग्यपूर्ण होगा, लेकिन हम अपनी जान लगा देंगे.’’
महिला डबल्स में लगभग दो घंटे 44 मिनट तक चले मैच में सानिया और थोंबारे को चीन की शुआई पेंग-शुआई झांग की जोड़ी ने 7-6 (8-6), 5-7, 7-5 से हरा दिया. इसके बाद सानिया ने मीडिया से कहा कि हम अपना बेहतर प्रयास ही कर सकते हैं. भारतीय हमसे हमेशा गोल्ड की उम्मीद रखते हैं, लेकिन हर बार ऐसा संभव नहीं होता.
सानिया मिर्जा ने कहा, ‘‘मैं कैसा भी खेलूं, लेकिन भारत मुझसे हमेशा से स्वर्ण की उम्मीद करता है. आखिरकार हम लोग केवल कोशिश कर सकते हैं. खेल में किसी चीज की गारंटी नहीं होती. हम लोग सिर्फ कोशिश करके अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकते हैं.’’
टेनिस के पुरुष और महिला डबल्स में भारत को मिली हार के बाद अब मिक्स्ड डबल्स में ही भारत की एकमात्र उम्मीद बची है, जिसमें रोहन बोपन्ना और सानिया की जोड़ी देश का प्रतिनिधित्व करेगी. कड़ी चुनौती के बावजूद मिली हार के बाद हैदराबाद की खिलाड़ी ने अपनी जोड़ीदार थोंबारे का बचाव किया. हालांकि उन्होंने कहा कि मिक्स्ड डबल्स भी इतना ही कड़ा होगा.
सानिया ने कहा, ‘‘उसकी आलेचना करना बंद करिए, वह विश्व में 190वें स्थान पर है. उसने उन लोगों के साथ खेला जो शीर्ष 50 में हैं. उसके साथ इतना कड़ा रुख अख्तियार करने की जरूरत नहीं है. हमने विश्व की सबसे अच्छी जोड़ियों में से एक के खिलाफ दो घंटे 44 मिनट तक कड़ी चुनौती पेश की.’’
महान क्रिकेट खिलाड़ी और सदभावना दूत सचिन तेंदुलकर और अन्य टेनिस खिलाड़ियों लिएंडर पेस और बोपन्ना की उपस्थिति में पहले सेट में कड़ी चुनौती देने के बाद सानिया और थोंबारे की जोड़ी ने मैच को बराबरी पर करने से पूर्व दूसरे सेट में 5-2 की बढ़त हासिल कर ली थी.
तेंदुलकर की मौजूदगी को लेकर उन्होंने कहा, ‘‘मैं गौरवान्वित महसूस कर रही हूं. ओलंपिक के लिए वह हमारे सद्भावना दूत हैं. उनका आना और मैच देखना बहुत ही अच्छी चीज है. आशा है कि कुछ और टेनिस देखने के लिए यहां कुछ और दिन वह यहां रुकेंगे.’’
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