तीरंदाज दीपिका कुमारी ने कॉमनवेल्थ खेलों में गोल्ड जीता था (फाइल फोटो)
रियो डि जेनेरियो:
भारतीय तीरंदाजों की निगाहें पहले ओलिंपिक पदक जीतने पर लगी हैं, इसलिए वे शुक्रवार को रियो ओलिंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह में हिस्सा नहीं लेंगे. भारतीय तीरंदाजी टीम के मुख्य कोच धर्मेन्द्र तिवारी ने गुरुवार को पीटीआई से कहा, ‘‘कल (शुक्रवार को) हमारा व्यस्त कार्यक्रम है और हम महत्वपूर्ण रैंकिंग राउंड में किसी तरह की ढिलाई नहीं चाहते हैं. हम इसे (उद्घाटन समारोह) को टीवी पर देखेंगे.’’
उद्घाटन समारोह 78 हजार दर्शकों की क्षमता वाले मरकाना स्टेडियम में होगी, जो तीरंदाजी स्थल सांबोड्रोमा से दो किमी दूर है. तीन घंटे तक चलने वाला उद्घाटन समारोह शाम आठ बजे (भारतीय समयानुसार सुबह चार बजकर 30 मिनट) पर शुरू होगा. भारतीय टीम की परेड स्थानीय समयानुसार नौ बजकर 37 मिनट पर शुरू होगी और उसे 29 सेकेंड का समय दिया गया है. भारत के एकमात्र व्यक्तिगत स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा अपने इस आखिरी ओलिंपिक में भारतीय दल के ध्वजवाहक होंगे. भारतीय दल से पहले यमन और उसके बाद इंडोनेशिया की टीम आएगी.
भारतीय तीरंदाज शुक्रवार से यहां शुरू होने वाले 31वें ओलिंपिक खेलों में लंदन में खराब प्रदर्शन की भरपायी करना चाहेंगे. फुटबॉल और तीरंदाजी ऐसे खेल हैं जो खेलों के अधिकारिक उद्घाटन समारोह से पहले शुरू हो जाएंगे.
चार सदस्यीय भारतीय तीरंदाजी टीम ओलिंपिक खेलों में चले आ रहे मिथक को तोड़ना चाह रही है. गौरतलब है कि शीर्ष स्तर पर भारतीय तीरंदाजों से ओलिंपिक पदक हमेशा दूर ही रहा है, जिन्होंने लगभग हर उपलब्धि अपने नाम की है जिसमें युवा स्तर पर ओलिंपिक खेलों में कांस्य पदक शामिल है जो अतुल वर्मा ने 2014 में चीन के नानजिंग में जीता था.
भारतीय तीरंदाजों ने सोल 1988 में इस स्पर्धा ककी शुरुआत से ही ओलिंपिक में भाग लिया है, केवल सिडनी (2000) में वे क्वालीफाई करने में विफल रहे थे. उन्होंने छह चरणों में भाग लिया है जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन महिला टीम द्वारा एथेंस (2004) और बीजिंग (2008) में क्वार्टरफाइनल में पहुंचना रहा. व्यक्तिगत वर्ग में सत्यदेव प्रसाद ने भारतीयों में सर्वश्रेष्ठ रहे, जो 12 साल पहले प्री क्वार्टरफाइनल में पहुंचे थे.
उद्घाटन समारोह 78 हजार दर्शकों की क्षमता वाले मरकाना स्टेडियम में होगी, जो तीरंदाजी स्थल सांबोड्रोमा से दो किमी दूर है. तीन घंटे तक चलने वाला उद्घाटन समारोह शाम आठ बजे (भारतीय समयानुसार सुबह चार बजकर 30 मिनट) पर शुरू होगा. भारतीय टीम की परेड स्थानीय समयानुसार नौ बजकर 37 मिनट पर शुरू होगी और उसे 29 सेकेंड का समय दिया गया है. भारत के एकमात्र व्यक्तिगत स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा अपने इस आखिरी ओलिंपिक में भारतीय दल के ध्वजवाहक होंगे. भारतीय दल से पहले यमन और उसके बाद इंडोनेशिया की टीम आएगी.
भारतीय तीरंदाज शुक्रवार से यहां शुरू होने वाले 31वें ओलिंपिक खेलों में लंदन में खराब प्रदर्शन की भरपायी करना चाहेंगे. फुटबॉल और तीरंदाजी ऐसे खेल हैं जो खेलों के अधिकारिक उद्घाटन समारोह से पहले शुरू हो जाएंगे.
चार सदस्यीय भारतीय तीरंदाजी टीम ओलिंपिक खेलों में चले आ रहे मिथक को तोड़ना चाह रही है. गौरतलब है कि शीर्ष स्तर पर भारतीय तीरंदाजों से ओलिंपिक पदक हमेशा दूर ही रहा है, जिन्होंने लगभग हर उपलब्धि अपने नाम की है जिसमें युवा स्तर पर ओलिंपिक खेलों में कांस्य पदक शामिल है जो अतुल वर्मा ने 2014 में चीन के नानजिंग में जीता था.
भारतीय तीरंदाजों ने सोल 1988 में इस स्पर्धा ककी शुरुआत से ही ओलिंपिक में भाग लिया है, केवल सिडनी (2000) में वे क्वालीफाई करने में विफल रहे थे. उन्होंने छह चरणों में भाग लिया है जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन महिला टीम द्वारा एथेंस (2004) और बीजिंग (2008) में क्वार्टरफाइनल में पहुंचना रहा. व्यक्तिगत वर्ग में सत्यदेव प्रसाद ने भारतीयों में सर्वश्रेष्ठ रहे, जो 12 साल पहले प्री क्वार्टरफाइनल में पहुंचे थे.
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