विज्ञापन
This Article is From Aug 06, 2016

रियो ओलिंपिक : हार के बाद बोले लिएंडर पेस, मैं आसान निशाना हूं, लोग मेरे पीछे पड़े रहते हैं

रियो ओलिंपिक : हार के बाद बोले लिएंडर पेस, मैं आसान निशाना हूं, लोग मेरे पीछे पड़े रहते हैं
लिएंडर पेस और रोहन बोपन्ना की जोड़ी रियो में पहले ही दौर में बाहर हो गई (फोटो : एएफपी)
  • लिएंडर पेस और रोहन बोपन्ना की जोड़ी पहले ही दौर में बाहर हो गई
  • मुझे पता है कि काफी मनगढंत कहानियां बनाई जा रही हैं: पेस
  • पेस ने कहा- मुझे अबतक की अपनी उपलब्धियों पर गर्व
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
रियो डि जेनेरो: रियो ओलिंपिक में रोहन बोपन्ना के साथ पुरुषों के टेनिस युगल मैच के पहले ही दौर में हारने पर भावुक लिएंडर पेस ने अपनी निराशा जताते हुए कहा कि वह एक आसान निशाना बन गए हैं और इस वजह से ही लोग उनके पीछे पड़े रहते हैं.

पेस उन खबरों से नाराज थे जिनमें कहा गया कि वह बोपन्ना के साथ कमरा साझा नहीं करना चाहते थे. यह पूछे जाने पर कि क्या युगल ओलिंपिक पदक के बिना उनके सुनहरे करियर की चमक कुछ कम हो जाएगी, पेस ने कहा, 'मुझे अपनी उपलब्धियों पर गर्व है. मैं एक आसान निशाना हूं, इसलिए लोग मेरे पीछे पड़े रहना चाहते हैं.

उन्होंने कहा, ठीक है, ऐसा करिए. मैं भी एक आम इंसान हूं, अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा हूं. लेकिन लिएंडर एक आसान लक्ष्य है. मैं आगे बढ़ता रहूंगा क्योंकि मेरा संकल्प दृढ़ है. मुझे पता है कि काफी मनगढंत कहानियां बनाई जा रही हैं.

पेस ने कहा, 'ग्रैंड स्लैम जीतने के लिए कितनी मेहनत करनी होती है, यह सब नहीं समझते. लोग नहीं समझते कि 10 ग्रैंड स्लैम जीतने के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है. लोग नहीं समझते कि 18 ग्रैंड स्लैम जीतने के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है. लोग यह भी नहीं समझते कि सात बार ओलिंपिक खेलों में हिस्सा लेने के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है.

पेस ने कहा कि वह फिट रहे तो 2020 में टोक्यो में अपने आठवें ओलिंपिक में भी हिस्सा लेना चाहेंगे. उन्होंने कहा, 'चार साल एक लंबा समय है और आप उतने दूर की नहीं सोचते. इस समय मैं निराश हूं. मुझे अपने सातवें ओलिंपिक खेलों का लुत्फ उठाने का मौका नहीं मिला. इस उम्र में भी खेलते रहने के लिए आपको काफी कड़ी मेहनत करनी पड़ती है.' पेस ने माना कि उनके ओलिंपिक करियर में कुछ चीजें अधूरी रहीं जैसे कि युगल में कभी भी पदक ना जीत पाना.

उन्होंने कहा, 'जहां तब ओलिंपिक में युगल की बात है, एथेंस में जो हुआ वह दुखद था. वह खुशी का पल नहीं था. हम एक समय मैच प्वाइंट पर थे, कांस्य पदक का मैच था. हमें पदक जीतने के लिए मैच प्वाइंट चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ और यह हमेशा मेरे जेहन में रहता है. पेस ने कहा, 'अतीत की खूबसूरती यह है कि आप उसे बदल नहीं सकते, आप उससे बस सीख सकते हैं.'

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
रियो ओलिंपिक 2016, लिएंडर पेस, रोहन बोपन्ना, रियो ओलंपिक, टेनिस, Rio Olympics 2016, Leander Paes, Rohan Bopanna, Tennis
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com