भारतीय पुरुष हॉकी टीम (फाइल फोटो)
रियो डि जेनेरो:
रियो ओलिंपिक में अपने दूसरे पूल मैच में अर्जेंटीना को हराने वाली जोश से लबरेज भारतीय पुरुष हॉकी टीम गुरुवार को नीदरलैंड के खिलाफ होने वाले अपने अगले मैच में क्वार्टर फाइनल में स्थान पक्का करने का लक्ष्य लेकर मैदान पर उतरेगी. पूल B का यह मैच भारत के लिए आसान नहीं रहने वाल क्योंकि मुकाबला वर्ल्ड नंबर दो टीम से है. भारत को पिछले मैचों की तरह अंतिम क्षणों में हौसला खोने से बचना होगा अन्यथा राह मुश्किल हो सकती है.
शुरुआती मैच में आयरलैंड पर 3-2 की करीबी जीत के बाद भारतीय टीम को मौजूदा ओलिंपिक चैंपियन जर्मनी से 1-2 से निराशाजनक हार का मुंह देखना पड़ा था, लेकिन उसने वापसी करते हुए अर्जेंटीना पर 2-1 की अच्छी जीत दर्ज की, जिससे वह छह टीमों के पूल में शीर्ष चार में बरकरार है. अब टीम का लक्ष्य लीग चरण में जितने ज्यादा अंक हो सकें, उतने हासिल करना है ताकि वह अंतिम आठ मुकाबलों में दुनिया की नंबर एक टीम ऑस्ट्रेलिया से भिड़ने से बच सके.
गोलकीपर और कप्तान पी आर श्रीजेश ने कहा, ‘‘हमने अभी तीन ही मैच खेले हैं और दो और खेले जाने बाकी हैं. हमें कड़ी मेहनत करनी होगी और बेहतर खेल दिखाना होगा क्योंकि इससे ही सुनिश्चित होगा कि हम क्वार्टरफाइनल में किसके खिलाफ उतरेंगे.’’
उन्होंने कहा, ‘‘अंक तालिका में हम जितने ऊपर रहेंगे, हम दूसरे पूल में उतनी ही कम रैंकिंग की टीम से भिड़ेंगे.’’ भारतीय टीम पिछले साल दिसंबर में घरेलू मैदान पर नीदरलैंड के खिलाफ ‘विश्व लीग फाइनल’ में मिली जीत से प्रेरणा लेना चाहेगी. उन्होंने कहा, ‘‘नीदरलैंड दुनिया की शीर्ष रैंकिंग टीमों में से एक है और उनके खिलाफ जीत निश्चित रूप से हमारे मनोबल में बढ़ोतरी करेगी.’’
भारत की सबसे बड़ी समस्या अंतिम क्षणों में रक्षापंक्ति का बिखर जाना है. ऐसा हर मैच में देखने को मिला है. आयरलैंड जैसी टीम ने भी एक समय पिछड़ने के बाद अंतिम समय में दो गाोल दाग भारतीयों की परेशानी बढ़ा दी थी. मौजूदा चैम्पियन जर्मनी के साथ भारतीय टीम ने अंतिम क्षणों में अपनी हार की इबारत लिखी थी. मैच समाप्त होने से 1.30 मिनट पहले तक 1-1 से बराबरी पर चल रही भारतीय टीम के खिलाफ जर्मन खिलाड़ियों ने जबर्दस्त हमला बोला था. जर्मनी के इस अप्रत्याशित हमले में भारतीय रक्षापंक्ति पूरी तरह बिखरी नजर आई और जर्मनी ने गोलकर भारत के मुंह से जीत खींच ली.
अर्जेंटीना ने भी 49वें मिनट में गोल दागने के बाद कई पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किए थे. हालांकि कप्तान पी. आर. श्रीजेश ने उन्हें गोल नहीं करने दिया था. कोच रोएलेंट ओल्टमैंस और कप्तान श्रीजेश ने इस पर बेशक ध्यान दिया होगा और नीदरलैंड्स जैसी मजबूत टीम के खिलाफ वह ऐसी गलती दोहराना नहीं चाहेंगे. वहीं भारतीय आक्रमण पंक्ति ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन अर्जेंटीना के खिलाफ उन्होंने कई मौके गंवाए. नीदरलैंड्स के खिलाफ उन्हें ऐसा करने से बचना होगा.
श्रीजेश भी जानते हैं कि नीदरलैंड्स के खिलाफ एक भी गलती भारी पड़ सकती है और टीम के सपने को तगड़ा झटका लग सकता है. अर्जेंटीना के खिलाफ जीत दर्ज करने के बाद श्रीजेश ने संवाददाता सम्मेलन में कहा था, "नीदरलैंड विश्व की शीर्ष टीमों में से एक है और उनके खिलाफ जीत हमें आत्मविश्वास देगी. हमारे लिए जरूरी है कि हम अपनी लय बरकरार रखें." उन्होंने कहा, "वह अच्छी टीम है और उनके खिलाफ अच्छा करने के लिए हमें मानसिक और शारीरिक तौर पर मजबूत रहना पड़ेगा."
शुरुआती मैच में आयरलैंड पर 3-2 की करीबी जीत के बाद भारतीय टीम को मौजूदा ओलिंपिक चैंपियन जर्मनी से 1-2 से निराशाजनक हार का मुंह देखना पड़ा था, लेकिन उसने वापसी करते हुए अर्जेंटीना पर 2-1 की अच्छी जीत दर्ज की, जिससे वह छह टीमों के पूल में शीर्ष चार में बरकरार है. अब टीम का लक्ष्य लीग चरण में जितने ज्यादा अंक हो सकें, उतने हासिल करना है ताकि वह अंतिम आठ मुकाबलों में दुनिया की नंबर एक टीम ऑस्ट्रेलिया से भिड़ने से बच सके.
गोलकीपर और कप्तान पी आर श्रीजेश ने कहा, ‘‘हमने अभी तीन ही मैच खेले हैं और दो और खेले जाने बाकी हैं. हमें कड़ी मेहनत करनी होगी और बेहतर खेल दिखाना होगा क्योंकि इससे ही सुनिश्चित होगा कि हम क्वार्टरफाइनल में किसके खिलाफ उतरेंगे.’’
उन्होंने कहा, ‘‘अंक तालिका में हम जितने ऊपर रहेंगे, हम दूसरे पूल में उतनी ही कम रैंकिंग की टीम से भिड़ेंगे.’’ भारतीय टीम पिछले साल दिसंबर में घरेलू मैदान पर नीदरलैंड के खिलाफ ‘विश्व लीग फाइनल’ में मिली जीत से प्रेरणा लेना चाहेगी. उन्होंने कहा, ‘‘नीदरलैंड दुनिया की शीर्ष रैंकिंग टीमों में से एक है और उनके खिलाफ जीत निश्चित रूप से हमारे मनोबल में बढ़ोतरी करेगी.’’
भारत की सबसे बड़ी समस्या अंतिम क्षणों में रक्षापंक्ति का बिखर जाना है. ऐसा हर मैच में देखने को मिला है. आयरलैंड जैसी टीम ने भी एक समय पिछड़ने के बाद अंतिम समय में दो गाोल दाग भारतीयों की परेशानी बढ़ा दी थी. मौजूदा चैम्पियन जर्मनी के साथ भारतीय टीम ने अंतिम क्षणों में अपनी हार की इबारत लिखी थी. मैच समाप्त होने से 1.30 मिनट पहले तक 1-1 से बराबरी पर चल रही भारतीय टीम के खिलाफ जर्मन खिलाड़ियों ने जबर्दस्त हमला बोला था. जर्मनी के इस अप्रत्याशित हमले में भारतीय रक्षापंक्ति पूरी तरह बिखरी नजर आई और जर्मनी ने गोलकर भारत के मुंह से जीत खींच ली.
अर्जेंटीना ने भी 49वें मिनट में गोल दागने के बाद कई पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किए थे. हालांकि कप्तान पी. आर. श्रीजेश ने उन्हें गोल नहीं करने दिया था. कोच रोएलेंट ओल्टमैंस और कप्तान श्रीजेश ने इस पर बेशक ध्यान दिया होगा और नीदरलैंड्स जैसी मजबूत टीम के खिलाफ वह ऐसी गलती दोहराना नहीं चाहेंगे. वहीं भारतीय आक्रमण पंक्ति ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन अर्जेंटीना के खिलाफ उन्होंने कई मौके गंवाए. नीदरलैंड्स के खिलाफ उन्हें ऐसा करने से बचना होगा.
श्रीजेश भी जानते हैं कि नीदरलैंड्स के खिलाफ एक भी गलती भारी पड़ सकती है और टीम के सपने को तगड़ा झटका लग सकता है. अर्जेंटीना के खिलाफ जीत दर्ज करने के बाद श्रीजेश ने संवाददाता सम्मेलन में कहा था, "नीदरलैंड विश्व की शीर्ष टीमों में से एक है और उनके खिलाफ जीत हमें आत्मविश्वास देगी. हमारे लिए जरूरी है कि हम अपनी लय बरकरार रखें." उन्होंने कहा, "वह अच्छी टीम है और उनके खिलाफ अच्छा करने के लिए हमें मानसिक और शारीरिक तौर पर मजबूत रहना पड़ेगा."
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