दीपा कर्मकार (फाइल फोटो)
अगरतला:
दीपा कर्मकार ने रियो ओलिंपिक की जिम्नास्टिक स्पर्धा में वॉल्ट के फाइनल में प्रवेश कर एक नया इतिहास रचा है और इस बात से उनके परिवार और त्रिपुरा में जश्न का माहौल है. इससे पहले 52 वर्षो के बाद ओलिंपिक खेलों की जिम्नास्टिक स्पर्धा में पहली भारतीय महिला एथलीट के तौर पर प्रवेश कर उन्होंने एक नया इतिहास रचा था.
दीपा के पिता ने कहा कि स्पर्धा के शुरू होने से पहले उनकी बेटी ने फोन कर उनसे कहा था कि वह काफी घबराहट महसूस कर रही है. भारत की पहली महिला जिमनास्ट दीपा अब 14 फरवरी को वॉल्ट स्पर्धा के फाइनल मुकाबले में पदक की दावेदारी पेश करेंगी.
दीपा अब फाइनल की तैयारियों में व्यस्त हैं. उनके पिता तथा भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) में भारोत्तोलन के कोच और उनकी माता मंगलवार को एक खास पूजा करेंगे. दीपा मंगलवार को 23 साल की हो जाएंगी और उनकी जीत के लिए इस खास पूजा का आयोजन किया जा रहा है.
साई के कोच और दीपा के पिता दुलाल कर्मकार ने आईएएनएस को बताया, "ओलिंपिक के फाइनल में दीपा के पहुंचने की खुशखबरी न केवल हम सब खुश हैं, बल्कि हर भारतीय जश्न मना रहा है. विशेषकर त्रिपुरा के लोग."
दीपा की मां गौरी देवी ने कहा, "हमारा इतना पुराना सपना पूरा हो गया है, क्योंकि हमारी बेटी रियो ओलिंपिक के फाइनल में पहुंच गई है." इस दौरान उनकी आंखों में खुशी के आंसू थे.
गौरी देवी ने कहा, "कल दीपा का 23वां जन्मदिन है. हमारी बेटी घर से दूर है. इसलिए, हम उसके जन्मदिन पर और फाइनल में उसकी जीत के लिए एक विशेष पूजा का आयोजन कर रहे हैं."
दुलाल ने कहा, "रविवार की पूरी रात मेरा परिवार, रिश्तेदार और पड़ोसी टेलीविजन के सामने बैठे थे. हमें दीपा के फाइनल में पहुंचने की खबर सोमवार सुबह पता चली." दीपा के फाइनल में पहुंचने की खबर सोमवार सुबह ही पूरे त्रिपुरा में पहुंच गई थी.
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मणिक सरकार खेलप्रेमी हैं और उन्होंने आईएएनएस को बताया, "यह गर्व और जश्न मनाने का वक्त है. मैं दीपा को किसी भी प्रकार का सुझाव नहीं दूंगा, क्योंकि वह बेहतर प्रदर्शन के लिए सक्षम हैं." सरकार ने कहा, "न केवल भारत को, बल्कि पूरे विश्व ने उनके प्रदर्शन को देखा."
दीपा और उनके कोच बिश्वेस्वर नंदी को बधाई देते हुए त्रिपुरा के खेल मंत्री शाहिद चौधरी ने कहा कि जिमनास्टिक में दीपा की सफलता ने राज्य और देश के लोगों को गौरवान्वित किया है.
चौधरी ने आईएएनएस को बताया, "हम उनके अच्छे स्वास्थ्य और 14 अगस्त को होने वाले फाइनल में उनकी सफलता की कामना करते हैं. पूरे भारत को उनसे पदक जीतने की उम्मीद है."
दीपा को पिछले साल अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. भारत ने 52 साल पहले 1964 में जिमनास्टिक में हिस्सा लिया था. अब तक 11 पुरुष जिमनास्ट ओलिंपिक खेलों में हिस्सा ले चुके हैं.
दीपा के पिता ने कहा कि स्पर्धा के शुरू होने से पहले उनकी बेटी ने फोन कर उनसे कहा था कि वह काफी घबराहट महसूस कर रही है. भारत की पहली महिला जिमनास्ट दीपा अब 14 फरवरी को वॉल्ट स्पर्धा के फाइनल मुकाबले में पदक की दावेदारी पेश करेंगी.
दीपा अब फाइनल की तैयारियों में व्यस्त हैं. उनके पिता तथा भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) में भारोत्तोलन के कोच और उनकी माता मंगलवार को एक खास पूजा करेंगे. दीपा मंगलवार को 23 साल की हो जाएंगी और उनकी जीत के लिए इस खास पूजा का आयोजन किया जा रहा है.
साई के कोच और दीपा के पिता दुलाल कर्मकार ने आईएएनएस को बताया, "ओलिंपिक के फाइनल में दीपा के पहुंचने की खुशखबरी न केवल हम सब खुश हैं, बल्कि हर भारतीय जश्न मना रहा है. विशेषकर त्रिपुरा के लोग."
दीपा की मां गौरी देवी ने कहा, "हमारा इतना पुराना सपना पूरा हो गया है, क्योंकि हमारी बेटी रियो ओलिंपिक के फाइनल में पहुंच गई है." इस दौरान उनकी आंखों में खुशी के आंसू थे.
गौरी देवी ने कहा, "कल दीपा का 23वां जन्मदिन है. हमारी बेटी घर से दूर है. इसलिए, हम उसके जन्मदिन पर और फाइनल में उसकी जीत के लिए एक विशेष पूजा का आयोजन कर रहे हैं."
दुलाल ने कहा, "रविवार की पूरी रात मेरा परिवार, रिश्तेदार और पड़ोसी टेलीविजन के सामने बैठे थे. हमें दीपा के फाइनल में पहुंचने की खबर सोमवार सुबह पता चली." दीपा के फाइनल में पहुंचने की खबर सोमवार सुबह ही पूरे त्रिपुरा में पहुंच गई थी.
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मणिक सरकार खेलप्रेमी हैं और उन्होंने आईएएनएस को बताया, "यह गर्व और जश्न मनाने का वक्त है. मैं दीपा को किसी भी प्रकार का सुझाव नहीं दूंगा, क्योंकि वह बेहतर प्रदर्शन के लिए सक्षम हैं." सरकार ने कहा, "न केवल भारत को, बल्कि पूरे विश्व ने उनके प्रदर्शन को देखा."
दीपा और उनके कोच बिश्वेस्वर नंदी को बधाई देते हुए त्रिपुरा के खेल मंत्री शाहिद चौधरी ने कहा कि जिमनास्टिक में दीपा की सफलता ने राज्य और देश के लोगों को गौरवान्वित किया है.
चौधरी ने आईएएनएस को बताया, "हम उनके अच्छे स्वास्थ्य और 14 अगस्त को होने वाले फाइनल में उनकी सफलता की कामना करते हैं. पूरे भारत को उनसे पदक जीतने की उम्मीद है."
दीपा को पिछले साल अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. भारत ने 52 साल पहले 1964 में जिमनास्टिक में हिस्सा लिया था. अब तक 11 पुरुष जिमनास्ट ओलिंपिक खेलों में हिस्सा ले चुके हैं.
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