ब्राजील के रियो में हो रहे हैं ओलिंपिंक 2016
रियो डी जेनेरियो:
ओलिंपिक की दावेदारी का मौक़ा किसी भी शहर को बड़ी जद्दोजहद के बाद ही मिल पाता है. रियो डी जेनेरियो को 31वें ओलिंपिक्स के आयोजन का मौक़ा शिकागो, मैड्रिड, दोहा और टोक्यो जैसे बड़े शहरों को हराने के बाद ही मौक़ा मिल पाया. ब्राज़ील के शहर रियो डी जेनेरियो में आयोजित ओलिंपिक से जुड़ी 10 ख़ास बात.. आइए जानें
1) खेलों के सबसे बड़े महाकुंभ के लिए ब्राज़ील का शहर रियो डी जेनेरियो पूरी तरह से तैयार हो गया है और एक रंगारंग ओपनिंग सेरमनी में खेल शुरू हो गए. पहले राउंड में मैड्रिड से पिछड़ने के बावजूद रियो ने 2009 में शिकागो, मैड्रिड और टोक्यो जैसे बड़े शहरों को पछाड़कर ओलिंपिक की मेज़बानी हासिल की. ये पहला मौक़ा है जब दक्षिण अमेरिकी देश में ओलिंपिक का आयोजन हो रहा है.
2) ओलिंपिक टॉर्च का सफ़र परंपरा के मुताबिक 21 अप्रैल को ग्रीस से शुरू हुआ और उद्घाटन समारोह से पहले इसे 90 दिनों का सफ़र करना होता है. ओलिंपिक्स में पहली बार एक रिफ़्यूजी टीम को भी शामिल किया गया है. 10 सदस्यों शरणार्थियों की टीम में सीरिया, इथोपिया, दक्षिण सूडान और कांगो के खिलाड़ी शामिल हैं जो अंतर्राष्ट्रीय ओलिंपिक संघ के झंडे के तहत खेलेंगे.
3) रियो में पहली बार कोसोवो की टीम भी हिस्सा ले रही है. कोसोवो ओलिंपिक कमेटी ने रियो ओलिंपिक के लिए 8 एथलीट्स की टीम का ऐलान किया है. कोसोवो को दिसंबर 2014 में अंतर्राष्ट्रीय ओलिंपिक कमेटी ने मान्यता दी है. लंबे समय तक चले युद्ध के बाद कोसोवो को सर्बिया से 2008 में आज़ादी मिली।
4) रियो में क़रीब 10,500 एथलीट्स हिस्सा ले रहे हैं जो 17 दिन तक 28 खेलों के 306 इवेंट में पदकों के लिए ज़ोर आज़माइश करेंगे.
5) रियो में 112 साल के बाद गोल्फ़ की वापसी हो रही है. साथ ही रग्बी को भी 92 साल के बाद ओलिंपिक में जगह बनाने का मौक़ा मिला है. हालांकि गॉल्फ़ के कई नामचीन खिलाड़ियों ने ज़ीका वायरस के डर से इन खेलों में हिस्सा लेने से ऐन वक्त पर मना कर दिया.
6) ओलिंपिक के लिए क़रीब 75 लाख टिकट आम दर्शकों के लिए रखे गए हैं. सबसे कम टिकट का दाम 40 डॉलर का और सबसे महंगा टिकट 3,000 का है. ओलिंपिक में सबसे ज़्यादा लोकप्रिय खेल एथलेटिक्स, सॉकर, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और हैंडबॉल माने जाते हैं.
7) खेलों में हर दिन क़रीब 60 हज़ार तरह के खाने के आइटम बनाए जाएंगे. जहां खिलाड़ी ब्राजील, एशियाई से लेकर दुनिया के कई देशों के व्यंजन के साथ पास्ता और पित्जा का भी मज़ा ले सकेंगे. इसके अलावा दुनिया के कई देशों के खिलाड़ी अपने लिए ख़ास ख़ानसामों के साथ भी सफ़र करना पसंद करते हैं.
8) अच्छे और ज़्यादा संख्या में वॉलेंटियरों का होना किसी भी ओलिंपिक की कामयाबी की बड़ी शर्त है. रियो के लिए क़रीब 70 हज़ार वोलेंटियर लगाए गए हैं. इनमें ज़्यादातर वोलेंटियर अमेरिका, इंग्लैंड, रूस और चीन से आए हैं. भारत के भी कई वॉलेंटियर्स रियो खेलों का हिस्सा हैं.
9) ब्राज़ील सरकार ने खेलों को कामयाब बनाने के लिए युद्धस्तर पर तैयारी की है. इन सबके बीच स्टेडियमों को बनाने में हुई देरी, सुरक्षा बजट में कटौती और बढती बेरोज़गारी ने रियो के आयोजकों को परेशान ज़रूर किया. सुरक्षा का ख़ास ख़याल रखा जा रहा है. क़रीब 85 हज़ार सुरक्षाकर्मियों को रियो की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है. ये संख्या लंदन ओलिंपिक से तीन गुणा बड़ी है.
10) 2012 लंदन ओलिंपिक में अमेरिका ने 556 एथलीट्स का दल भेजा था. इस बार भी अमेरिका की ओर से 555 सदस्यों का दल रियो में उतरेगा. चीन रियो में 416 एथलीटों को उतारने की तैयारी कर चुका है. भारत भी ओलिंपिक में अब तक के अपने सबसे बड़े दल के साथ रियो की दावेदारी पेश कर रहा है. भारत की ओर से अब तक कुल 118 एथलीट रियो में दावेदारी पेश करने के लिए कमर कस चुके हैं.
1) खेलों के सबसे बड़े महाकुंभ के लिए ब्राज़ील का शहर रियो डी जेनेरियो पूरी तरह से तैयार हो गया है और एक रंगारंग ओपनिंग सेरमनी में खेल शुरू हो गए. पहले राउंड में मैड्रिड से पिछड़ने के बावजूद रियो ने 2009 में शिकागो, मैड्रिड और टोक्यो जैसे बड़े शहरों को पछाड़कर ओलिंपिक की मेज़बानी हासिल की. ये पहला मौक़ा है जब दक्षिण अमेरिकी देश में ओलिंपिक का आयोजन हो रहा है.
2) ओलिंपिक टॉर्च का सफ़र परंपरा के मुताबिक 21 अप्रैल को ग्रीस से शुरू हुआ और उद्घाटन समारोह से पहले इसे 90 दिनों का सफ़र करना होता है. ओलिंपिक्स में पहली बार एक रिफ़्यूजी टीम को भी शामिल किया गया है. 10 सदस्यों शरणार्थियों की टीम में सीरिया, इथोपिया, दक्षिण सूडान और कांगो के खिलाड़ी शामिल हैं जो अंतर्राष्ट्रीय ओलिंपिक संघ के झंडे के तहत खेलेंगे.
3) रियो में पहली बार कोसोवो की टीम भी हिस्सा ले रही है. कोसोवो ओलिंपिक कमेटी ने रियो ओलिंपिक के लिए 8 एथलीट्स की टीम का ऐलान किया है. कोसोवो को दिसंबर 2014 में अंतर्राष्ट्रीय ओलिंपिक कमेटी ने मान्यता दी है. लंबे समय तक चले युद्ध के बाद कोसोवो को सर्बिया से 2008 में आज़ादी मिली।
4) रियो में क़रीब 10,500 एथलीट्स हिस्सा ले रहे हैं जो 17 दिन तक 28 खेलों के 306 इवेंट में पदकों के लिए ज़ोर आज़माइश करेंगे.
5) रियो में 112 साल के बाद गोल्फ़ की वापसी हो रही है. साथ ही रग्बी को भी 92 साल के बाद ओलिंपिक में जगह बनाने का मौक़ा मिला है. हालांकि गॉल्फ़ के कई नामचीन खिलाड़ियों ने ज़ीका वायरस के डर से इन खेलों में हिस्सा लेने से ऐन वक्त पर मना कर दिया.
6) ओलिंपिक के लिए क़रीब 75 लाख टिकट आम दर्शकों के लिए रखे गए हैं. सबसे कम टिकट का दाम 40 डॉलर का और सबसे महंगा टिकट 3,000 का है. ओलिंपिक में सबसे ज़्यादा लोकप्रिय खेल एथलेटिक्स, सॉकर, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और हैंडबॉल माने जाते हैं.
7) खेलों में हर दिन क़रीब 60 हज़ार तरह के खाने के आइटम बनाए जाएंगे. जहां खिलाड़ी ब्राजील, एशियाई से लेकर दुनिया के कई देशों के व्यंजन के साथ पास्ता और पित्जा का भी मज़ा ले सकेंगे. इसके अलावा दुनिया के कई देशों के खिलाड़ी अपने लिए ख़ास ख़ानसामों के साथ भी सफ़र करना पसंद करते हैं.
8) अच्छे और ज़्यादा संख्या में वॉलेंटियरों का होना किसी भी ओलिंपिक की कामयाबी की बड़ी शर्त है. रियो के लिए क़रीब 70 हज़ार वोलेंटियर लगाए गए हैं. इनमें ज़्यादातर वोलेंटियर अमेरिका, इंग्लैंड, रूस और चीन से आए हैं. भारत के भी कई वॉलेंटियर्स रियो खेलों का हिस्सा हैं.
9) ब्राज़ील सरकार ने खेलों को कामयाब बनाने के लिए युद्धस्तर पर तैयारी की है. इन सबके बीच स्टेडियमों को बनाने में हुई देरी, सुरक्षा बजट में कटौती और बढती बेरोज़गारी ने रियो के आयोजकों को परेशान ज़रूर किया. सुरक्षा का ख़ास ख़याल रखा जा रहा है. क़रीब 85 हज़ार सुरक्षाकर्मियों को रियो की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है. ये संख्या लंदन ओलिंपिक से तीन गुणा बड़ी है.
10) 2012 लंदन ओलिंपिक में अमेरिका ने 556 एथलीट्स का दल भेजा था. इस बार भी अमेरिका की ओर से 555 सदस्यों का दल रियो में उतरेगा. चीन रियो में 416 एथलीटों को उतारने की तैयारी कर चुका है. भारत भी ओलिंपिक में अब तक के अपने सबसे बड़े दल के साथ रियो की दावेदारी पेश कर रहा है. भारत की ओर से अब तक कुल 118 एथलीट रियो में दावेदारी पेश करने के लिए कमर कस चुके हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
रियो डी जेनेरियो, रियो ओलिंपिक 2016, रियो ओलिंपिक, रियो 2016, Rio Olympic 2016, Rio 2016, Rio DE Generio Olympics