भारतीय हॉकी टीम (फाइल फोटो)
- सोमवार को ओलिंपिक चैंपियन जर्मन टीम से करना है मुकाबला
- अंतिम क्वार्टर में आयरलैंड को काफी मौके दिये थे भारतीय टीम ने
- रक्षा पंक्ति में दिखी दरार, जिससे आयरलैंड ने बनाया था दबाव
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रियो डि जेनेरो:
भारतीय पुरुष हॉकी को ओलिंपिक में 12 साल बाद शुरुआती मैच में जीत दर्ज करने के बाद कल पूल ‘बी’ के अपने दूसरे मैच में मौजूदा ओलिंपिक चैम्पियन जर्मनी की ताकत की चुनौती से पार पाना है तो खिलाड़ियों को अपने खेल में सुधार करना होगा. भारत को शनिवार को कमजोर आयरलैंड ने कड़ी टक्कर दी, जिसके खिलाफ उसने 3-2 से जीत दर्ज की जो ओलिंपिक में 12 साल बाद उनकी पहली जीत थी.
विश्व रैंकिंग से देखा जाये तो भारत (पांचवीं रैंकिंग) आयरलैंड (12वीं रैंकिंग) के खिलाफ दबदबा बनाने के लिये स्पष्ट दावेदार था लेकिन पीआर श्रीजेश की अगुवाई वाली टीम ने अच्छी शुरुआत के बाद अंतिम क्वार्टर में अपने प्रतिद्वंद्वियों को मौके दे दिये. ड्रैग फ्लिकर रूपिंदर पाल सिंह (दो गोल) और वी आर रघुनाथ (एक गोल) ने पेनल्टी कार्नर के जरिये गोल दागे, लेकिन इस मैच के दौरान फारवर्ड पंक्ति उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी और गोल करने के कई मौके गंवा दिये. श्रीजेश हमेशा की तरह सतर्क थे, उन्होंने कुछ बचाव भी किये. लेकिन रक्षात्मक पंक्ति की समस्या कायम रही, जिससे आयरलैंड ने अंतिम क्वार्टर में दबाव बना दिया. इससे टीम ने आठ पेनल्टी कार्नर गंवा दिये.
लेकिन सोमवार को भारतीय टीम जर्मनी के खिलाफ इसी तरह की गलतियां करने का जोखिम नहीं उठा सकती, विपक्षी टीम ओलिंपिक स्वर्ण की हैट्रिक बनाने पर निगाह लगाए है. वह पिछले 2008 बीजिंग और 2012 लंदन ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीत चुकी है. जर्मनी के खिलाफ ओलिंपिक में भारत का रिकॉर्ड भी उनके पक्ष में नहीं है. भारत ने जर्मनी के खिलाफ ओलिंपिक में अंतिम मैच 1996 अटलांटा खेलों में जीता था जिसमें उन्होंने शुरुआती मैच में 3-0 से जीत दर्ज की थी. सिडनी और एथेंस में भारत, जर्मनी से नहीं खेला था क्योंकि वह अलग पूल में था. हालांकि चार साल पहले लंदन में जर्मनी ने भारत को 5-2 से शिकस्त दी थी.
हाल में भारत को जर्मनी के खिलाफ मिश्रित परिणाम मिले हैं. लंदन में एफआईएच चैम्पियंस ट्राफी में जर्मनी के खिलाफ भारत ने 3-1 की बढ़त बना ली थी लेकिन अंत में डिफेंस की गलतियों के कारण मुकाबला 3-3 से ड्रॉ कराया था. भारत ने चैम्पियंस ट्राफी में ऐतिहासिक रजत पदक जीता था. वेलेंसिया में हाल में आयोजित किये गये छह देशों के टूर्नामेंट में उसे जर्मनी से 0 -4 से पराजय मिली थी. जर्मनी की टीम में लंदन के पांच ओलिंपिक स्वर्ण पदकधारी खिलाड़ी हैं और मिडफील्डर से डिफेंडर बने मोरिट्ज फुर्तसे भी शामिल हैं जो दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शामिल हैं. उनकी टीम में 22 वर्षीय स्ट्राइकर क्रिस्टोफर रूअर और फ्लोरियन फाक्स ऐसे अन्य खिलाड़ी हैं जो विश्व रैंकिंग में तीसरी रैंकिंग पर काबिज हैं. जर्मनी ने अपना अभियान कनाडा को 6 -2 से हराकर शुरू किया है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विश्व रैंकिंग से देखा जाये तो भारत (पांचवीं रैंकिंग) आयरलैंड (12वीं रैंकिंग) के खिलाफ दबदबा बनाने के लिये स्पष्ट दावेदार था लेकिन पीआर श्रीजेश की अगुवाई वाली टीम ने अच्छी शुरुआत के बाद अंतिम क्वार्टर में अपने प्रतिद्वंद्वियों को मौके दे दिये. ड्रैग फ्लिकर रूपिंदर पाल सिंह (दो गोल) और वी आर रघुनाथ (एक गोल) ने पेनल्टी कार्नर के जरिये गोल दागे, लेकिन इस मैच के दौरान फारवर्ड पंक्ति उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी और गोल करने के कई मौके गंवा दिये. श्रीजेश हमेशा की तरह सतर्क थे, उन्होंने कुछ बचाव भी किये. लेकिन रक्षात्मक पंक्ति की समस्या कायम रही, जिससे आयरलैंड ने अंतिम क्वार्टर में दबाव बना दिया. इससे टीम ने आठ पेनल्टी कार्नर गंवा दिये.
लेकिन सोमवार को भारतीय टीम जर्मनी के खिलाफ इसी तरह की गलतियां करने का जोखिम नहीं उठा सकती, विपक्षी टीम ओलिंपिक स्वर्ण की हैट्रिक बनाने पर निगाह लगाए है. वह पिछले 2008 बीजिंग और 2012 लंदन ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीत चुकी है. जर्मनी के खिलाफ ओलिंपिक में भारत का रिकॉर्ड भी उनके पक्ष में नहीं है. भारत ने जर्मनी के खिलाफ ओलिंपिक में अंतिम मैच 1996 अटलांटा खेलों में जीता था जिसमें उन्होंने शुरुआती मैच में 3-0 से जीत दर्ज की थी. सिडनी और एथेंस में भारत, जर्मनी से नहीं खेला था क्योंकि वह अलग पूल में था. हालांकि चार साल पहले लंदन में जर्मनी ने भारत को 5-2 से शिकस्त दी थी.
हाल में भारत को जर्मनी के खिलाफ मिश्रित परिणाम मिले हैं. लंदन में एफआईएच चैम्पियंस ट्राफी में जर्मनी के खिलाफ भारत ने 3-1 की बढ़त बना ली थी लेकिन अंत में डिफेंस की गलतियों के कारण मुकाबला 3-3 से ड्रॉ कराया था. भारत ने चैम्पियंस ट्राफी में ऐतिहासिक रजत पदक जीता था. वेलेंसिया में हाल में आयोजित किये गये छह देशों के टूर्नामेंट में उसे जर्मनी से 0 -4 से पराजय मिली थी. जर्मनी की टीम में लंदन के पांच ओलिंपिक स्वर्ण पदकधारी खिलाड़ी हैं और मिडफील्डर से डिफेंडर बने मोरिट्ज फुर्तसे भी शामिल हैं जो दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शामिल हैं. उनकी टीम में 22 वर्षीय स्ट्राइकर क्रिस्टोफर रूअर और फ्लोरियन फाक्स ऐसे अन्य खिलाड़ी हैं जो विश्व रैंकिंग में तीसरी रैंकिंग पर काबिज हैं. जर्मनी ने अपना अभियान कनाडा को 6 -2 से हराकर शुरू किया है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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