तेजस्विन शंकर ने 12 वर्ष पुराने रिकॉर्ड को अपने नाम किया है
नई दिल्ली:
दिल्ली के तेजस्विन शंकर ने हाई जंप में कोयंबटूर में चल रही 32वीं नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2.26 मीटर ऊंची कूद लगाकर सीनियर स्तर का 12 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया. पहले ये रिकॉर्ड पश्चिम बंगाल के हरि शंकर रॉय के नाम था जिन्होंने 2004 में सिंगापुर में 2.25 मीटर ऊंची कूद का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था.
तेजस्विन क़रीब दो साल से जूनियर और सीनियर स्तर पर हाई जंप में लगातार मिसाल कायम कर रहे हैं. जानकार उन्हें भारतीय एथलेटिक्स का उभरता सितारा मानते हैं. तेजस्विन ने NDTV से ख़ास बातचीत में बताया कि वे अगले दो साल में ही सीनियर स्तर पर कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में अपनी कामयाबी हासिल करना चाहते हैं.
सवाल: सबसे पहुले बहुत बधाई कि आपने 12 साल पुराना सीनियर स्तर का रिकॉर्ड तोड़ दिया. क्या आप इस टारगेट के साथ चैंपियनशिप में उतरे थे?
तेजस्विन शंकर: देखिए, ये सीज़न का मेरा आख़िरी टूर्नामेंट है. इसलिए मेरा टारगेट क्यूबा के अंडर 20 वर्ल्ड चैंपियन (2.27 मीटर) और अंडर 18 चैंपियनअमेरिकी खिलाड़ी वर्नोन टर्नर (2.24 मीटर) की तरह बेहतर प्रदर्शन करना था. मैं 17 साल 11 महीने का हूं. मैं इंजरी की वजह से वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप के लिए क्वालिफ़ाई नहीं कर पाया. इस साल इंजरी के बाद जब वापसी की तो लखनऊ नेशनल्स में (सितंबर 2016 में) 2.22 मीटर हाई जंप कर पाया. मेरी रैंकिंग पहले अंडर 18 में दूसरी (2) और अंडर 20 में 9वीं थी. अब इस प्रतियोगिता के बाद मैं अंडर 18 में नंबर 1 और अंडर 20 में नंबर 2 बन गया हूं. मैं इस प्रदर्शन से ज़रूर खुश हूं.
सवाल: क़रीब डेढ़ साल पहले आपने वर्ल्ड स्कूल गेम्स (वुहान, चीन में 2015) में गोल्ड पदक जीतने का कारनामा किया था. तब NDTV से आपने बातचीत में बताया था कि अगले 3-4 साल में आप सीनियर स्तर पर कारनामा करना चाहते हैं. सीज़न का ये आख़िरी टूर्नामेंट है. अब आगे क्या प्लान है?
तेजस्विन शंकर: ये सीज़न ख़त्म हो रहा है. अब 2017 में मार्च तक अपने स्ट्रेंथ, स्पीड और एक्सप्लोसिव पावर पर काम करना है. अप्रैल-मई में मैं एशियन सीनियर चैंपियनशिप (रांची, 2017 में) में हिस्सा लेकर टॉप- खिलाड़ियों में जगह बनाना चाहता हूं. फिर जून-जुलाई 2017 तक 3 सेंटीमीटर और ऊंची कूद लगाना चाहता हूं ताकि 2.29 के जंप के साथ मैं सीनियर स्तर पर वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए क्वालिफ़ाई कर जाऊं.
सवाल: आपकी ट्रेनिंग में गुरुबचन सिंह रंधावा के अलावा और किन कोच का बड़ा हाथ है?
तेजस्विन शंकर: (गुरुबचन) रंधावा सर की अकादमी का मेरी कामयाबी में बहुत बड़ा हाथ है. अब मैं JSW (ज़िन्दल स्टील वर्क्स) से जुड़ गया हूं और वो मेरी बहुत मदद कर रहे हैं. उन्होंने मुझे ट्रेनिंग के लिए अमेरिका भी भेजा. अमेरिका में पूर्व ओलिंपिक पदक विजेता जेमी नीटो के साथ क़रीब डेढ़ महीने की ट्रेनिंग से मुझे बड़ा फ़ायदा हुआ. भारत में अब भी सरदार पटेल स्कूल में सुनील सर ही मेरे कोच हैं. मैंने इन सबसे बहुत सीखा है और लगातार सीख रहा हूं. मैं 2018 में कॉमनवेल्थ गेम्स (गोल्ड कोस्ट, ऑस्ट्रेलिया) और एशियन गेम्स (जकार्ता, इंडोनेशिया) में बेहतर करने की योजना बना रहा हूं.
सवाल: हाई जंप में भारत का रिकॉर्ड कुछ ख़ास अच्छा नहीं रहा है...आप किसे रोल मॉडल मानते हैं?
तेजस्विन शंकर: हाई जंप में ज़रूर भारत का रिकॉर्ड अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा नहीं रहा है. लेकिन हाल ही में नीरज चोपड़ा ने जिस तरह से वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में रिकॉर्ड बनाया. मैं उनसे बेहद प्रभावित हूं. वो वाकई मेरे रोल मॉडल हैं. मैं उनकी तरह ही अच्छा करना चाहता हूं. हम दोनों कैंप में भी साथ-साथ रहते हैं. मैं अच्छा करता हूं तो सबसे पहले उनका ही फ़ोन आता है. यहां भी सबसे पहले उनका ही फ़ोन आया.
सवाल: भारत में कौन सा खेल या खिलाड़ी आपको प्रेरित करता है?
तेजस्विन शंकर: नीरज चोपड़ा मुझे बहुत अच्छे लगते हैं और वीरेंद्र सहवाग वाकई प्रेरित करते हैं. सहवाग सर का मैंने इंटरव्यू पढ़ा था कि वो टेंशन में गाना गुनगुनाते थे. कल रिकॉर्ड जंप से पहले मैं भी टेंशन में गाना गुनगुनाने लगा. ये ट्रिक काम आ गयी. उनके ट्वीट भी कमाल के होते हैं. मैं उन्हें भी फ़ॉलो करता हूं.
तेजस्विन क़रीब दो साल से जूनियर और सीनियर स्तर पर हाई जंप में लगातार मिसाल कायम कर रहे हैं. जानकार उन्हें भारतीय एथलेटिक्स का उभरता सितारा मानते हैं. तेजस्विन ने NDTV से ख़ास बातचीत में बताया कि वे अगले दो साल में ही सीनियर स्तर पर कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में अपनी कामयाबी हासिल करना चाहते हैं.
सवाल: सबसे पहुले बहुत बधाई कि आपने 12 साल पुराना सीनियर स्तर का रिकॉर्ड तोड़ दिया. क्या आप इस टारगेट के साथ चैंपियनशिप में उतरे थे?
तेजस्विन शंकर: देखिए, ये सीज़न का मेरा आख़िरी टूर्नामेंट है. इसलिए मेरा टारगेट क्यूबा के अंडर 20 वर्ल्ड चैंपियन (2.27 मीटर) और अंडर 18 चैंपियनअमेरिकी खिलाड़ी वर्नोन टर्नर (2.24 मीटर) की तरह बेहतर प्रदर्शन करना था. मैं 17 साल 11 महीने का हूं. मैं इंजरी की वजह से वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप के लिए क्वालिफ़ाई नहीं कर पाया. इस साल इंजरी के बाद जब वापसी की तो लखनऊ नेशनल्स में (सितंबर 2016 में) 2.22 मीटर हाई जंप कर पाया. मेरी रैंकिंग पहले अंडर 18 में दूसरी (2) और अंडर 20 में 9वीं थी. अब इस प्रतियोगिता के बाद मैं अंडर 18 में नंबर 1 और अंडर 20 में नंबर 2 बन गया हूं. मैं इस प्रदर्शन से ज़रूर खुश हूं.
सवाल: क़रीब डेढ़ साल पहले आपने वर्ल्ड स्कूल गेम्स (वुहान, चीन में 2015) में गोल्ड पदक जीतने का कारनामा किया था. तब NDTV से आपने बातचीत में बताया था कि अगले 3-4 साल में आप सीनियर स्तर पर कारनामा करना चाहते हैं. सीज़न का ये आख़िरी टूर्नामेंट है. अब आगे क्या प्लान है?
तेजस्विन शंकर: ये सीज़न ख़त्म हो रहा है. अब 2017 में मार्च तक अपने स्ट्रेंथ, स्पीड और एक्सप्लोसिव पावर पर काम करना है. अप्रैल-मई में मैं एशियन सीनियर चैंपियनशिप (रांची, 2017 में) में हिस्सा लेकर टॉप- खिलाड़ियों में जगह बनाना चाहता हूं. फिर जून-जुलाई 2017 तक 3 सेंटीमीटर और ऊंची कूद लगाना चाहता हूं ताकि 2.29 के जंप के साथ मैं सीनियर स्तर पर वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए क्वालिफ़ाई कर जाऊं.
सवाल: आपकी ट्रेनिंग में गुरुबचन सिंह रंधावा के अलावा और किन कोच का बड़ा हाथ है?
तेजस्विन शंकर: (गुरुबचन) रंधावा सर की अकादमी का मेरी कामयाबी में बहुत बड़ा हाथ है. अब मैं JSW (ज़िन्दल स्टील वर्क्स) से जुड़ गया हूं और वो मेरी बहुत मदद कर रहे हैं. उन्होंने मुझे ट्रेनिंग के लिए अमेरिका भी भेजा. अमेरिका में पूर्व ओलिंपिक पदक विजेता जेमी नीटो के साथ क़रीब डेढ़ महीने की ट्रेनिंग से मुझे बड़ा फ़ायदा हुआ. भारत में अब भी सरदार पटेल स्कूल में सुनील सर ही मेरे कोच हैं. मैंने इन सबसे बहुत सीखा है और लगातार सीख रहा हूं. मैं 2018 में कॉमनवेल्थ गेम्स (गोल्ड कोस्ट, ऑस्ट्रेलिया) और एशियन गेम्स (जकार्ता, इंडोनेशिया) में बेहतर करने की योजना बना रहा हूं.
सवाल: हाई जंप में भारत का रिकॉर्ड कुछ ख़ास अच्छा नहीं रहा है...आप किसे रोल मॉडल मानते हैं?
तेजस्विन शंकर: हाई जंप में ज़रूर भारत का रिकॉर्ड अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा नहीं रहा है. लेकिन हाल ही में नीरज चोपड़ा ने जिस तरह से वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में रिकॉर्ड बनाया. मैं उनसे बेहद प्रभावित हूं. वो वाकई मेरे रोल मॉडल हैं. मैं उनकी तरह ही अच्छा करना चाहता हूं. हम दोनों कैंप में भी साथ-साथ रहते हैं. मैं अच्छा करता हूं तो सबसे पहले उनका ही फ़ोन आता है. यहां भी सबसे पहले उनका ही फ़ोन आया.
सवाल: भारत में कौन सा खेल या खिलाड़ी आपको प्रेरित करता है?
तेजस्विन शंकर: नीरज चोपड़ा मुझे बहुत अच्छे लगते हैं और वीरेंद्र सहवाग वाकई प्रेरित करते हैं. सहवाग सर का मैंने इंटरव्यू पढ़ा था कि वो टेंशन में गाना गुनगुनाते थे. कल रिकॉर्ड जंप से पहले मैं भी टेंशन में गाना गुनगुनाने लगा. ये ट्रिक काम आ गयी. उनके ट्वीट भी कमाल के होते हैं. मैं उन्हें भी फ़ॉलो करता हूं.
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