अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप पर बनी डॉक्यूमेंट्री 'मेलानिया' की उत्तर अमेरिका में वीकेंड बॉक्स ऑफिस पर अच्छी ओपनिंग रही. हालांकि, फिल्म क्रिटिक्स से इसे खराब प्रतिक्रिया मिली है. इस डॉक्यूमेंट्री का निर्देशन ब्रेट रैटनर ने किया है. यह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे शपथ ग्रहण से 20 दिन पहले की कहानी है. सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले ट्रंप समर्थकों ने इसे बॉक्स ऑफिस पर लगभग 7 मिलियन अमेरिकी डॉलर की कमाई तक पहुंचाया. यह आंकड़ा एक डॉक्यूमेंट्री के लिए बहुत बड़ा है.
उम्मीद की जा रही है कि यह लगभग एक दशक में अपनी तरह की सबसे अच्छी परफॉर्म करने वाली डॉक्यूमेंट्री बन जाएगी. इसे लेकर फर्स्ट लेडी मेलानिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "सभी के द्वारा पसंद किया गया- "ए" सिनेमास्कोर." हालांकि, फिल्म क्रिटिक्स ने इसे मेटाक्रिटिक पर सिर्फ 6 फीसदी और रॉटेन टोमाटोज पर 10 फीसदी की अप्रूवल रेटिंग दी. इसका मतलब है कि 100 में से दस से ज्यादा क्रिटिक्स ने डॉक्यूमेंट्री को सकारात्मक नहीं माना.
बता दें, यह रैटनर की 12 सालों में पहली फीचर है. उनके ऊपर यौन उत्पीड़न के कई आरोप लगे थे. हालांकि, रैटनर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को नकार दिया था और उन पर कोई क्रिमिनल चार्ज नहीं लगा. इस वजह से एक दशक के बाद उन्होंने अपनी वापसी की है. फिल्म को कमर्शियल सफलता के लिए अभी भी बहुत मेहनत करनी होगी. अमेजन एमजीएम स्टूडियोज ने डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स के लिए 40 मिलियन अमेरिकी डॉलर और मार्केटिंग पर 35 मिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च किए. इसे हॉलीवुड इंडस्ट्री की एक बड़ी मैगजीन 'द हॉलीवुड रिपोर्टर' ने अब तक की सबसे महंगी डॉक्यूमेंट्री करार दिया.
हालांकि, अमेजन ने इससे इनकार करते हुए कहा कि उसने प्रोजेक्ट को लाइसेंस इसलिए दिया क्योंकि उसे लगा कि ऑडियंस रिस्पॉन्स देगी. टिकट की बिक्री में देश के जाने-पहचाने राजनीतिक बंटवारे का ही असर दिखा है. इसमें कंजर्वेटिव इलाकों में ज्यादा लोगों ने दिलचस्पी दिखाई और लिबरल शहरी केंद्रों में बहुत कम उत्साह देखने को मिला. हॉलीवुड के एक टॉप ट्रेड पब्लिकेशन 'वैरायटी' के मुताबिक लगभग 75 फीसदी दर्शक उत्तर अमेरिकी थे.उसके बाद हिस्पैनिक दर्शक थे, जो टिकट खरीदने वालों में 11 फीसदी थे. हिस्पैनिक का मतलब उस व्यक्ति, संस्कृति या देश से है जो स्पेन या वहां की आबादी या भाषा से संबंध रखते हैं.