Chiraiya Review: ‘पत्नी की ना का मतलब ना है, पति का हक नहीं’, पीढियों से चली आ रही सोच को तोड़ती है ‘चिरैया’

हमारे देश में 2024 में मैरिटल रेप और मैरिटल कंसेंट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई ने एक बहुत जरूरी सवाल उठा था. क्या शादी के बाद एक पत्नी का कंसेंट मायने रखता है? या फिर शादी के नाम पर उसकी ना की कोई अहमियत नहीं होती? इसी सवाल ये सीरीज भी उठा रही है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
पीढियों से चली आ रही सोच को तोड़ती है ‘चिरैया’
नई दिल्ली:

शशांत शाह की वेब सीरीज ‘चिरैया' इन दिनों काफी चर्चा में है. 20 मार्च को रिलीज हुई ये सीरीज जिओ हॉटस्टार पर उपलब्ध है. ये कहानी एक पुराने सोच को तोड़ती है और नए तरीके से सोचने पर मजबूर करती है. हमारे देश में 2024 में मैरिटल रेप और मैरिटल कंसेंट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई ने एक बहुत जरूरी सवाल उठा था. क्या शादी के बाद एक पत्नी का कंसेंट मायने रखता है? या फिर शादी के नाम पर उसकी 'ना' की कोई अहमियत नहीं होती? इसी सवाल ये सीरीज भी उठा रही है.

क्या है कहानी?

चिरैया की कहानी मुख्य रूप से घर की बड़ी बहू कमलेश और नवविवाहित दुल्हन पूजा (प्रसन्ना बिष्ट) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनकी शादी अरुण (सिद्धार्थ शॉ) से हुई है. अरुण को कमलेश ने बड़े प्यार से पाला-पोसा है, जो एक सीधा-सादा लड़का है. दोनों बहुत करीब हैं और कमलेश को लगता है कि अरुण कभी कोई गलती नहीं कर सकता. इसलिए, जब परेशान पूजा कमलेश को अपनी पहली रात अरुण द्वारा किए गए यौन उत्पीड़न के बारे में बताती है, तो कमलेश अविश्वास में उसे थप्पड़ मार देती है. उसके लिए, शादी में सहमति का कोई अस्तित्व ही नहीं है. हालांकि, जल्द ही, उसका जीवन बदल जाता है जब वह एक स्थानीय एनजीओ में जाती है और विशेषज्ञों से बात करती है, जो उसे सहमति और मैरिटल रेप की वास्तविकता के बारे में बताते हैं. एक 'आदर्श परिवार' का भ्रम तब टूट जाता है जब वह अरुण को एक अहंकारी, स्त्री-द्वेषी व्यक्ति के रूप में देखा जाता है.

पूजा से प्रेरणा मिलने के बाद, कमलेश पितृसत्ता के उन पहलुओं को भूलने का बीड़ा उठाती है, जिन्हें उसने दशकों तक बिना किसी सवाल के अपने भीतर आत्मसात कर लिया था. वह रूढ़िवादिता की बेड़ियों को तोड़कर घर के ताकतवर पुरुषों पर सवाल उठाती है और अपनों से ही लड़ती है.

क्यों देखें चिरैया?

अगर आप हल्की-फुलकी कॉमेडी सीरीज देखना पसंद करते हैं तो ये सीरीज आपके लिए नहीं है. ये सीरीज आपको समाज में पल रहे उन सच्चाइयों से रूबरू करवाती है, जिन्हें हम हमेशा से सही मानते रहे हैं लेकिन वह गलत हैं. ये कहानी आपको फिल्मी नहीं बल्कि आपने आस-पास की लगेगी, जो आपको इससे जोड़ कर रखेगी.

Advertisement

एक्टिंग की बात करें तो दिव्या दत्ता ने कमलेश के किरदार को जीवंत कर दिया है. ऐसा लगता ही नहीं कि वह एक्टिंग कर रही हैं, बल्कि ऐसा लगता है कि वो किरदार सच में हमारे आस-पास ही है. वहीं पूजा के रोल में प्रसन्ना बिष्ट ने भी कमाल का अभिनय किया है. इसके अलावा सरिता जोशी, सिद्धार्थ शॉ, फैसल राशिद, टीनू आनंद और अंजुम सक्सेना जैसे एक्टर्स भी एकदम बेहतरीन हैं.

Featured Video Of The Day
US Attack Iraq | पश्चिमी इराक में America का बड़ा हमला, PMF के ठिनाकों पर अटैक, हमले में 6 की मौत