फिल्म निर्देशक और प्रोड्यूसर आनंद कुमार ने हाल ही में वरुण धवन की फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना' को लेकर एक्स पर एक पोस्ट शेयर की और वरुण धवन को उनकी फिल्म चॉयस को लेकर आड़े हाथ लिया. एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, 'पिछले 5 साल में एनिमल, धुरंधर, केजीएफ, दृश्यम, पुष्पा जैसी फिल्में देखने के बाद कोई ‘है जवानी तो इश्क होना है' जैसी फिल्म कैसे कर सकता है?' इस तरह उन्होंने फिल्म को लेकर वरुण धवन के चयन पर सवाल उठाए. बता दें कि फिल्म का निर्देशन उनके पापा डेविड धवन ने किया है.
आनंद कुमार ने वरुण धवन पर भी सवाल उठाया. उन्होंने लिखा, 'वरुण धवन को खुद इसके लिए जिम्मेदारी लेनी चाहिए. ऐसा लगता है कि वे इन अद्भुत दक्षिण भारतीय फिल्मों को ओटीटी पर देखने की जहमत भी नहीं उठाते. वरुण के पिता और प्रोड्यूसर उम्रदराज होने के कारण गलती कर सकते हैं, लेकिन एक युवा और डायनामिक एक्टर के रूप में वरुण का इस स्क्रिप्ट को साइन करना आश्चर्यजनक है. बहुत निराशा हुई.'
After watching films like Animal, Dhurandhar, KGF, Drishyam, or Pushpa n many more of this level in last 5 years .. How could anyone even take on a film like Hai Jawani? @Varun_dvn himself has to share some of the blame for agreeing to such an outdated script. It seems like Varun…
— Anand kumarr (@iamanandkr) June 5, 2026
यह पोस्ट जल्द ही सोशल मडीया पर वायरल हो गई. इस पोस्ट पर रिएक्शन भी आने लगे. गणेश यादव नाम के हैंडल से कमेंट आया कि 'उन फिल्मों को बनाने के लिए बड़े बजट, बड़े निर्देशक, बड़े विषय और विजन की जरूरत होती है. वरुण एक तीसरे दर्जे के स्टार हैं, कोई स्थापित स्टार नहीं हैं, कोई निर्माता उस पर 150 करोड़ रुपये खर्च नहीं करेगा.'
एक कमेंट आया कि 'फिल्म का लक्ष्य 'एनिमल' या 'केजीएफ' जैसी ब्लॉकबस्टर नहीं बल्कि 'जुड़वां 2' जैसी एंटरटेनमेंट फिल्म है, लेकिन वह भी सफल नहीं हो पा रही.' एक यूजर ने ‘बेबी जॉन' का जिक्र करते हुए वरुण की पिछली फिल्मों की ओर इशारा किया.
आनंद कुमार फिल्म निर्माता, निर्देशक और लेखक हैं. उन्होंने 2007 मे दिल्ली हाइट्स जैसी फिल्म से बॉलीवुड में कदम रखा था. उन्होंने मनोज बाजपेयी के साथ जुगाड़ (2009) और संजय दत्त के साथ 2013 में जिला गाजियाबाद जैसी फिल्में बनाई हैं.