थिएटर के बाहर खड़ी रहती थी एंबुलेंस, 40 लाख की इस फिल्म ने डर से कमाए 96 लाख, अकेले देखने पर मिलता था इनाम

80 और 90 के दशक में एक ऐसी फिल्म आई थी, जिसने डर को एक अलग ही लेवल पर पहुंचा दिया था. इस फिल्म को देखकर लोगों की हालत खराब हो जाती थी और उस समय इसके इतने खौफनाक किस्से सुनने को मिलते थे

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बंद दरवाजा बॉलीवुड की सबसे डरावनी फिल्म

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कई ऐसी हॉरर फिल्में बनी हैं जिन्होंने दर्शकों को सच में डर का एहसास कराया है. राज, 1920, डरना मना है और कृष्णा कॉटेज जैसी फिल्मों का खौफ आज भी लोगों के दिलों में कहीं न कहीं बाकी है. लेकिन 80 और 90 के दशक में एक ऐसी फिल्म आई थी, जिसने डर को एक अलग ही लेवल पर पहुंचा दिया था. इस फिल्म को देखकर लोगों की हालत खराब हो जाती थी और उस समय इसके इतने खौफनाक किस्से सुनने को मिलते थे. कहा जाता है जब ये फिल्म थिएटर में लगती थी तो बाहर एंबुलेंस तक खड़ी की जाती थी ताकि अगर कोई डर जाए तो तुरंत मदद मिल सके. कौन सी थी वो फिल्म, आइए जानते हैं.

अकेले फिल्म देखने वाले पर मेकर्स ने रखा था इनाम

चलिए अब इस सस्पेंस से पर्दा उठाते हैं और बताते हैं कि हम जिस फिल्म की बात कर रहे थे वो है ‘बंद दरवाजा' जिसका निर्देशन रामसे ब्रदर्स ने किया था और जो 1 जून 1990 को रिलीज हुई थी. ‘बंद दरवाजा' उनकी सबसे खौफनाक फिल्मों में से एक कही जाती है. बड़े पर्दे पर ड्रेकुला जैसे एक राक्षस को देखकर लोगों की चीखें निकल गई थीं. उस जमाने में इस फिल्म ने इतनी सुर्खियां बटोरी थीं कि कहा जाता है रामसे ब्रदर्स ने अकेले फिल्म देखने वाले पर 10,000 रुपए का इनाम रख दिया था.

बॉक्स ऑफिस पर भी छा गई थी ‘बंद दरवाजा'

बात करें इस फिल्म के बजट की तो इस फिल्म को 40 लाख रुपए में बनाया गया था. लेकिन रिलीज के बाद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर छा गई और उस जमाने में ‘बंद दरवाजा' ने इंडिया में 68 लाख रुपए कमाए वहीं दुनियाभर में फिल्म ने 96 लाख रुपए कमाए थे. आपको बता दें कि फिल्म में कुनिका, मंजीत कुल्लर, अरुणा ईरानी, अनिरुद्ध अग्रवाल, अफगानी अदाकारा हशमत खान और रजा मुराद ने लीड रोल निभाया था. वहीं फिल्म का म्यूजिक आनंद-मिलिंद ने दिया था.

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