हिंदी सिनेमा में कुछ कलाकार ऐसे हुए हैं, जिनकी मौजूदगी भर से दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती थी, लेकिन वही कलाकार अपनी अदाकारी से लोगों की आंखें नम करने का भी हुनर रखते थे. ऐसे ही मल्टीटैलेंटेड कलाकार थे महमूद, जिन्हें इंडस्ट्री का बेमिसाल कॉमेडियन माना जाता है. अपने करियर में उन्होंने हंसी का खजाना तो दिया ही, साथ ही एक ऐसी फिल्म भी बनाई जिसने दर्शकों को अंदर तक झकझोर दिया. 1974 में आई उनकी फिल्म ‘कुंवारा बाप' सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक इमोशनल अनुभव थी, जिसे देखकर थिएटर में बैठे लोग रो पड़े थे.
‘कुंवारा बाप' से दिया दिल छू लेने वाला संदेश
महमूद ने अपने करियर की शुरुआत छोटे-छोटे किरदारों से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने ‘CID' और ‘दो बीघा जमीन' जैसी फिल्मों में मामूली भूमिकाएं निभाईं, लेकिन 60 के दशक में उन्होंने कॉमेडी के जरिए अलग पहचान बनाई. ‘पड़ोसन', ‘गुमनाम' और ‘बॉम्बे टू गोवा' जैसी फिल्मों में उनका अंदाज लोगों के दिलों में बस गया. लेकिन 1974 में उन्होंने कुछ अलग करने का फैसला किया और ‘कुंवारा बाप' बनाई.
इस फिल्म में उन्होंने एक रिक्शा चालक का किरदार निभाया, जिसका बेटा पोलियो से पीड़ित होता है. यह कहानी उनके निजी जीवन से जुड़ी थी, क्योंकि उनके अपने बेटे को भी पोलियो था. फिल्म में पिता-पुत्र के रिश्ते को इतने भावुक तरीके से दिखाया गया कि दर्शक खुद को रोने से नहीं रोक पाए. यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी सफल रही और आज भी इसे एक क्लासिक के रूप में याद किया जाता है.
राजेश खन्ना को थप्पड़ मारकर तोड़ा स्टारडम का घमंड
महमूद अपनी बेबाकी के लिए भी मशहूर थे. साल 1979 में जब वह फिल्म ‘जनता हवलदार' बना रहे थे, तब उन्होंने सुपरस्टार राजेश खन्ना को कास्ट किया था. शूटिंग के दौरान राजेश खन्ना अक्सर देरी से सेट पर पहुंचते थे, जिससे महमूद काफी परेशान हो गए. कहा जाता है कि एक दिन गुस्से में आकर उन्होंने राजेश खन्ना को थप्पड़ तक जड़ दिया और साफ शब्दों में कहा कि स्टारडम अपनी जगह है, लेकिन काम के प्रति जिम्मेदारी जरूरी है. यह घटना उस दौर में काफी चर्चा में रही थी.
यह भी पढ़ें: विराट कोहली को पसंद हैं कैसी लड़कियां? एक्स गर्लफ्रेंड ने खोली क्रिकेटर की पोल, बोलीं- '12 साल हो गए...'
महमूद का निजी जीवन भी काफी दिलचस्प रहा. उन्होंने मीना कुमारी की बहन मधु कुमारी से शादी की थी, जिससे उनका रिश्ता इंडस्ट्री की दिग्गज अभिनेत्री के परिवार से जुड़ गया. एक कॉमेडियन के तौर पर पहचान बनाने वाले महमूद ने अपने हर रूप से यह साबित किया कि वह सिर्फ हंसाने वाले कलाकार नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान और दमदार अभिनेता भी थे.