मद्रास हाई कोर्ट में विजय के खिलाफ एफआईआर की मांग, आयकर मामले पर रिट याचिका दायर

मद्रास हाई कोर्ट में अभिनेता और तमिलगा वेट्ट्रि कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय के खिलाफ कथित आयकर अनियमितताओं के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर एक रिट याचिका दायर की गई है.

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मद्रास हाई कोर्ट में विजय के खिलाफ एफआईआर की मांग

मद्रास हाई कोर्ट में अभिनेता और तमिलगा वेट्ट्रि कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय के खिलाफ कथित आयकर अनियमितताओं के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर एक रिट याचिका दायर की गई है. यह मामला 2015 में रिलीज हुई फिल्म पुलि से जुड़ा बताया गया है. हाई कोर्ट की रजिस्ट्री ने बुधवार को याचिका को नंबर दे दिया है और इसे जल्द ही “मेंटेनेबिलिटी” (स्वीकार्यता) के मुद्दे पर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है.

हालांकि, यह याचिका पहले पिछले महीने दायर की गई थी, लेकिन रजिस्ट्री ने शुरुआत में इसे नंबर देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद 8 अप्रैल को मुख्य न्यायाधीश सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया था कि याचिका को मेंटेनेबिलिटी के अधीन नंबर दिया जाए.

याचिका में कहा गया है कि फिल्म "पुलि" के रिलीज होने के बाद आयकर विभाग ने 30 सितंबर 2015 को विजय से जुड़े परिसरों पर तलाशी और जब्ती (सर्च एंड सीजर) की कार्रवाई की थी. इस दौरान कथित तौर पर ऐसे दस्तावेज मिले थे, जिनमें बेहिसाब नकद लेनदेन का संकेत मिला. दस्तावेजों के अनुसार, फिल्म के निर्माता पी.टी. सेल्वकुमार और शिबू (एसकेटी स्टूडियोज) ने विजय को 16 करोड़ रुपये चेक के माध्यम से और करीब 4.93 करोड़ रुपये नकद दिए थे. याचिका में दावा किया गया है कि टीडीएस (टीडीएस) केवल चेक से दी गई राशि पर जमा किया गया, जबकि नकद भुगतान पर नहीं.

याचिका में यह भी कहा गया है कि आयकर जांच के दौरान विजय से पूछताछ की गई थी, जिसमें उन्होंने कथित रूप से करीब 5 करोड़ रुपये नकद प्राप्त करने की बात स्वीकार की और उस पर कर चुकाने पर सहमति जताई. इसके अलावा, उन्होंने वित्त वर्ष 2015-16 के लिए 15 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय का स्वेच्छा से खुलासा किया था.

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बाद में 29 जुलाई 2016 को विजय ने आकलन वर्ष 2016-17 के लिए 35.42 करोड़ रुपये की कुल आय घोषित करते हुए आयकर रिटर्न दाखिल किया था, जिसमें यह अतिरिक्त आय भी शामिल थी. रिटर्न में 17.81 लाख रुपये के मूल्यह्रास (डिप्रिसिएशन) और 64.71 लाख रुपये के फैंस क्लब खर्च पर छूट का भी दावा किया गया था. याचिका में अब आयकर कार्यवाही में सामने आए तथ्यों के आधार पर विजय के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है.

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