दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी की संपत्ति को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है. इस मामले में मद्रास हाई कोर्ट ने अहम हस्तक्षेप करते हुए चेंगलपट्टू की निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगा दी है. अब इस केस की अगली सुनवाई 26 मार्च को होगी. बताया जा रहा है कि साल 1988 में श्रीदेवी ने चेन्नई के ईस्ट कोस्ट रोड पर करीब 4.77 एकड़ जमीन खरीदी थी, जो पिछले कई दशकों से उनके परिवार के कब्जे में है. हाल ही में कुछ लोगों ने खुद को उस जमीन का असली वारिस बताते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और हिस्सेदारी की मांग कर दी.
'कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग किया गया'
इस पर बोनी कपूर ने अपनी बेटियों जान्हवी कपूर और खुशी कपूर के साथ मिलकर आपत्ति जताई. उन्होंने दावा किया कि विरोधी पक्ष ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए वारिस होने का सर्टिफिकेट हासिल किया है. परिवार का कहना है कि जमीन के असली मालिक की पारिवारिक स्थिति को गलत तरीके से पेश किया गया और कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग किया गया. यही नहीं, उन्होंने यह भी तर्क दिया कि जिस आधार पर वारिस होने का दावा किया जा रहा है, वह कानूनन वैध नहीं है.
पहले चेंगलपट्टू कोर्ट ने कपूर परिवार की याचिका को खारिज कर दिया था, लेकिन अब हाई कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी है. इस फैसले से फिलहाल कपूर परिवार को राहत मिली है और अब सबकी नजर 26 मार्च की सुनवाई पर टिकी है.