प्रोड्यूसर पैसा लगाने को नहीं थे तैयार, पत्नी के गहने बेचकर बनाई फिल्म, अस्पताल के बेड पर थे निर्माता जब मिला ऑस्कर

सत्यजीत रे, फिल्म जगत का एक ऐसा नाम जिसने फिल्में बनाने में काफी संघर्ष किया. लेकिन अपने बेहतरीन की वजह से देश ही नहीं विदेश तक में शोहरत कमाई.

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वो निर्माता जिन्हें ऑस्कर अवॉर्ड देने हॉस्पिटल पहुंच गई थी पूरी टीम
नई दिल्ली:

भारतीय सिनेमा जगत के इतिहास में ‘सत्यजीत रे' किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. सत्यजीत रे सिर्फ एक फिल्म निर्माता नहीं थे बल्कि वो स्क्रीनराइटर, आर्टिस्ट और ऑथर भी थे. डायरेक्टर ने अपने करियर की शुरुआत एक कमर्शियल आर्टिस्ट के तौर पर की थी इसके अलावा उन्होंने ग्राफिक डिजाइनर के तौर पर भी काम किया. खबरों की मानें तो सत्यजीत रे जिस कंपनी के लिए ग्राफिक्स डिजाइन किए थे उस कंपनी ने उन्हें लंदन भेजा. वहां रे ने कई फिल्में देखीं और वापस आकर उन्होंने डायरेक्टर बनने का फैसला किया. हालांकि ये सफर उनके लिए इतना आसान नहीं था, उनके सामने भी कई चुनौतियां आईं, बात यहां तक आ गई कि फिल्म बनाने के लिए उन्हें अपने गहने तक बेचने पड़े थे.

 क्यों आई पत्नी के गहने बेचने की नौबत?

लंदन से वापस आकर सत्यजीत ने फिल्म ‘पाथेर पांचाली' बनाने का फैसला किया. हालांकि तब उनके पास ज्यादा अनुभवी टीम नहीं थी. इतना ही नहीं इस फिल्म में न कोई एक्शन सीन्स थे ना गाने, इसलिए कोई भी प्रोड्यूसर फिल्म पर पैसे लगाने के लिए तैयार नहीं था. इसलिए फिल्म को बनाने के दौरान भी सत्यजीत रे ने नौकरी करना जारी रखा. लेकिन फिल्म बनाते-बनाते उनके सारे पैसे खत्म हो गए जिसके बाद उन्हें अपनी पत्नी के गहने तक बेचने पड़े. लेकिन वो पैसे भी पड़ गए तो सरकार ने सत्यजीत रे को लोन दिया और तब जाकर उनकी पहली फिल्म रिलीज हुई.

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जब ऑस्कर मिला तब इस हालत में थे सत्यजीत रे

पाथेर पंचोली के बाद सत्यजीत ने करीब 37 फिल्मों का निर्देशन किया. उनके बेहतरीन काम के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड से लेकर दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड तक, कई अवॉर्ड्स से सम्मानित किया गया. लेकिन जब सत्यजीत रे को सबसे बड़ा अवॉर्ड ऑस्कर अवॉर्ड मिला तब वो अस्पताल में एडमिट थे. 1992 में सत्यजीत रे को ऑस्कर का लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड देने की घोषणा हुई लेकिन तब वो अस्पताल में भर्ती थे. उस वक्त एक चौंकाने वाला फैसला लिया गया ऑस्कर की टीम खुद कोलकाता पहुंची और अस्पताल के बिस्तर पर ही उन्हें ट्रॉफी देकर सम्मानित किया. हॉस्पिटल के बेड पर ऑस्कर अवॉर्ड हाथ में पकड़े हुए सत्यजीत रे की फोटोज सोशल मीडिया पर आज भी मौजूद हैं.

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