पाकिस्तान में है राज कपूर की पैतृक हवेली, भूकंप और बारिश में ढह गया था एक हिस्सा, 90s में देखने गए थे ऋषि कपूर-रणधीर कपूर

भूकंप और बारिश से पाकिस्तान के पेशावर में राज कपूर की पुश्तैनी हवेली का हिस्सा ढहा गया था. आइए आपको दिखाते हैं अंदर से कैसी दिखती है हवेली.

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कपूर खान की पाकिस्तान की हवेली की तस्वीरें
नई दिल्ली:

बॉलीवुड की कपूर फैमिली को हर कोई जानता है. भारत में राज कपूर, शशि कपूर, रणधीर कपूर, ऋषि कपूर, रणबीर कपूर, करीना कपूर और करिश्मा कपूर की फैन फॉलोइंग काफी तगड़ी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पाकिस्तान से भी कपूर फैमिली का कनेक्शन है. दरअसल, पाकिस्तान में पृथ्वीराज कपूर का पैतृक घर है, जिसे लेकर हाल ही में खबर सामने आई थी कि उनकी हवेली का एक हिस्सा पेशावर में कथित तौर पर पिछले दिनों हुई भारी बारिश और उसके बाद भूकंप के कारण ढह गया. अधिकारियों एवं स्थानीय निवासियों ने इसकी जानकारी दी थी.

बारिश और भूकंप के कारण कपूर हवेली को हुआ था नुकसान

खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में स्थित सदी पुरानी कपूर हवेली को पाकिस्तान सरकार ने वर्ष 2016 में राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया था. खैबर पख्तूनख्वा हेरिटेज काउंसिल के सचिव शकील वहीदुल्लाह ने बताया कि भूकंप के झटकों के बाद हवेली की दीवार का एक हिस्सा ढह गया, जिससे शेष ढांचे की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी. उन्होंने कहा कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. वहीदुल्लाह ने पुरातत्व विभाग और प्रांतीय सरकार से ऐतिहासिक इमारत के संरक्षण और पुनर्स्थापन के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की और चेतावनी दी कि लापरवाही जारी रही तो क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को अपूरणीय क्षति हो सकती है.

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कपूर हवेली के बारे में

कपूर हवेली पेशावर शहर के प्रसिद्ध किस्सा ख्वानी बाजार के मध्य स्थित है. यह पाकिस्तान के प्रमुख स्मारकों में से एक है, लेकिन संरक्षण की मांगों के बावजूद लंबे समय से जर्जर हालत में है. यह हवेली अभिनेता पृथ्वीराज कपूर का पैतृक घर है, जो कपूर परिवार के फिल्म उद्योग में प्रवेश करने वाले पहले सदस्य थे. इस मकान का निर्माण उनके पिता दीवान बशेश्वरनाथ कपूर ने 1918 से 1922 के बीच कराया था. अभिनेता राज कपूर और त्रिलोक कपूर का जन्म भी इसी हवेली में हुआ था. अपने समय में यह हवेली उत्कृष्ट वास्तुकला का उदाहरण मानी जाती थी, जिसमें लगभग 40 कमरे थे. भवन के अग्रभाग को जटिल पुष्प आकृतियों और झरोखों से सजाया गया था.

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जर्जर अवस्था में है कपूर हवेली

हालांकि अब यह इमारत बेहद जर्जर अवस्था में है, फिर भी वर्षों से परित्यक्त रहने के बावजूद इसकी सुंदरता अब भी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। इसी हवेली में राज कपूर के दो छोटे भाई-बहनों का भी जन्म हुआ था, जिनका 1931 में निधन हो गया था. राज कपूर के भाई शम्मी कपूर और शशि कपूर का जन्म भारत में हुआ था. इस इमारत में कपूर परिवार की शुरुआती पीढ़ियों का जीवन बीता, लेकिन विभाजन के बाद परिवार ने 1947 में इस इमारत को छोड़ दिया. कई अन्य परिवारों की तरह, राज कपूर भी विभाजन के बाद भारत आ गए. उनके बेटे ऋषि कपूर और रणधीर कपूर ने 1990 के दशक में इस जगह का दौरा किया था.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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