'उरी' में अजीत डोभाल बने थे परेश रावल, तो 'धुरंधर' में आर. माधवन क्यों? मुकेश छाबड़ा ने बताई वजह

आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर' (Dhurandhar 1 & 2) अपनी भव्यता और जबरदस्त स्टार-कास्ट के कारण लगातार चर्चा में है. फिल्म के हर किरदार की गहराई ने दर्शकों को प्रभावित किया है.

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धुरंधर में आर माधवन

आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर' (Dhurandhar 1 & 2) अपनी भव्यता और जबरदस्त स्टार-कास्ट के कारण लगातार चर्चा में है. फिल्म के हर किरदार की गहराई ने दर्शकों को प्रभावित किया है. हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान मशहूर कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने फिल्म की कास्टिंग से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से साझा किए और बताया कि क्यों इस फिल्म के लिए आर. माधवन उनकी पहली पसंद बने. पेश है उस बातचीत के मुख्य अंश, जहां उन्होंने किरदारों को चुनने की अपनी विशेष प्रक्रिया पर बात की:

सवाल: 'धुरंधर' की कास्टिंग के दौरान आपके पास कई रेफरेंस और फोटो रहे होंगे, लेकिन किसी एक्टर को उस रूप में इमैजिन करना चुनौतीपूर्ण होता है. जैसे 'उरी' में परेश रावल ने अजीत डोभाल का रोल किया था, तो क्या उन्हें दोबारा कास्ट करने का विचार नहीं आया? इस बदलाव की क्या वजह रही?

जवाब: जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, मुझे मेरे आइडियाज, ओपिनियन और सोचने के तरीके के लिए ही पहचाना जाता है. मैं ऑडिशन की जल्दी नहीं करता, बल्कि बहुत सारा डेटा देखता हूं और लोगों को गहराई से परखता हूं. माधवन के बोलने का तरीका बहुत ही सटीक (accurate) है; चाहे हिंदी हो या अंग्रेजी, वह अपनी बात बहुत ही खूबसूरती और स्पष्ट उच्चारण के साथ रखते हैं. उनके व्यक्तित्व में एक अथॉरिटी और पावर है. अगर आप उनके इंटरव्यू भी देखें, तो वह एक बेहतरीन वक्ता हैं. यही वह क्वालिटी थी जो मेरे दिमाग में थी जब मैंने आदित्य को उनका नाम सुझाया. मुझे वह 'बैठकी' का समय याद है जब आदित्य ने मुझसे पूछा था कि मुझे क्या लगता है, तब कई नामों के बीच माधवन ही वह व्यक्ति थे जो मुझे इस रोल के लिए फिट लगे.

सवाल: माधवन का नाम किसने सजेस्ट किया था और क्या उन्हें इस रोल के लिए मनाना आसान था?

जवाब: नाम मैंने ही सजेस्ट किया था. उस वक्त सबको एक ही संशय था कि क्या कोई इतना बड़ा एक्टर इस रोल को करेगा? वजह यह थी कि रोल के दिनों की संख्या बहुत कम थी. अक्सर बड़े कलाकार 'एन्सेम्बल कास्ट' (Ensemble Cast) में काम करने के लिए जल्दी तैयार नहीं होते क्योंकि वे रोल की लंबाई देखते हैं. 'धुरंधर' में माधवन का कुल काम लगभग 10-12 दिनों का था. मैंने उन्हें कॉल किया और कहा कि 'एक बार सुन लो'. उस समय वह महबूब स्टूडियो में 'दे दे प्यार दे 2' की शूटिंग कर रहे थे. आदित्य धर खुद वहाँ गए और महज एक घंटे बाद लौटकर बोले- 'काम हो गया'. माधवन बहुत ही समझदार और स्मार्ट इंसान हैं, वह तुरंत समझ गए. उन्होंने कहा, 'मुकेश मजा आ गया, कुछ मैजिक करेंगे.' इसके बाद उन्हें स्क्रिप्ट भेज दी गई.

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